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Banswara: चार दिन में चार प्रसूताओं की मौत से हड़कंप, बांसवाड़ा अस्पताल की जांच के लिए बनी हाई लेवल टीम
Sat, 11 Jul 2026 05:10 PM IST
बांसवाड़ा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2026 05:10 PM IST
सार
Rajasthan News: राजस्थान के बांसवाड़ा स्थित महात्मा गांधी चिकित्सालय में सात से 10 जुलाई के बीच एक नाबालिग सहित चार प्रसूताओं की मौत से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की जांच के लिए पांच डॉक्टरों की समिति गठित की गई है। जानें अब इस मामले में विभाग ने क्या एक्शन लिया है।
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बांसवाड़ा में हुई प्रसूताओं की मौत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बांसवाड़ा जिला मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी चिकित्सालय में चार प्रसूताओं की मौत होने से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। इसी बीच शनिवार को बड़ा खुलासा हुआ, जिसमें बताया गया कि 7 से 10 जुलाई के बीच एक नाबालिग सहित चार प्रसूताओं की मौत हुई है। मामले की जांच के लिए पांच चिकित्सकों की समिति गठित की गई है। वहीं, जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर मामले की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
चार दिनों में चार मौतें, शुरुआती जांच में सामने आए अलग-अलग कारण
महात्मा गांधी चिकित्सालय में प्रसूताओं की मौत के मामले में सामने आया कि बीते चार दिनों में चार प्रसूताओं की मौत हुई है। इनमें एक नाबालिग भी शामिल थी। उसके परिजनों ने कथित तौर पर किसी ग्रामीण क्षेत्र में गर्भपात कराने का प्रयास किया था। इस दौरान उसकी स्थिति गंभीर हो गई थी। बाद में उसे बांसवाड़ा जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इसके अतिरिक्त सवनिया निवासी लक्ष्मी पत्नी अरविंद और मध्य प्रदेश के अकलखेड़ा निवासी रेशमा पत्नी प्रेम की मौत का शुरुआती कारण गंभीर एनीमिया होना पाया गया है। वहीं, कानेला गढ़ी निवासी लीला पत्नी विजय की मौत ऑपरेशन के दौरान उच्च रक्तचाप के कारण हुई।
जिला कलेक्टर ने अस्पताल पहुंचकर ली जानकारी
इधर, जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव दोपहर में महात्मा गांधी चिकित्सालय पहुंचे। वहां उन्होंने डेढ़ घंटे से अधिक समय तक सीएमएचओ डॉ. खुशपाल सिंह, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी तथा अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर चारों मामलों की विस्तार से जानकारी ली।
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'जांच में दोषी मिला तो होगी कार्रवाई'
जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने बताया कि पहला मामला सात जुलाई, दूसरा आठ जुलाई और दो मामले 10 जुलाई के हैं। दो मरीजों को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, जबकि दो मामलों में सिजेरियन ऑपरेशन किया गया था। उन्होंने कहा कि अब तक दवाइयों के रिएक्शन जैसे कोई लक्षण सामने नहीं आए हैं। गहन जांच के लिए पांच डॉक्टरों की टीम गठित की गई है। मेडिकल विभाग के उच्च अधिकारियों को भी पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है। उदयपुर और जयपुर से विशेषज्ञ टीम भी जांच के लिए आ रही है। पांच डॉक्टरों की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। दस्तावेजों की जांच के साथ अस्पताल स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या चूक पाई गई तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें: "वो मुझे मार डालेंगे..."! नीरज को पहले से था हत्या का डर, एफआईआर में भाई ने खोला राज
गुजरात में भी प्रसूता की मौत का मामला आया सामने
इधर, बागीदौरा विधानसभा क्षेत्र के कनेला गांव निवासी 27 वर्षीय लक्ष्मी पत्नी प्रभुलाल की मौत का मामला भी सामने आया है। परिजन प्रसव के लिए उसे गुजरात के दाहोद ले गए थे, जहां बुधवार को उसकी मौत हो गई। बाद में शव को गांव लाकर अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों के अनुसार, प्रसव से पहले उसके पैरों में काफी सूजन थी और डिलीवरी के कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। लक्ष्मी ने नर्सिंग का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया था।
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चार दिनों में चार मौतें, शुरुआती जांच में सामने आए अलग-अलग कारण
महात्मा गांधी चिकित्सालय में प्रसूताओं की मौत के मामले में सामने आया कि बीते चार दिनों में चार प्रसूताओं की मौत हुई है। इनमें एक नाबालिग भी शामिल थी। उसके परिजनों ने कथित तौर पर किसी ग्रामीण क्षेत्र में गर्भपात कराने का प्रयास किया था। इस दौरान उसकी स्थिति गंभीर हो गई थी। बाद में उसे बांसवाड़ा जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इसके अतिरिक्त सवनिया निवासी लक्ष्मी पत्नी अरविंद और मध्य प्रदेश के अकलखेड़ा निवासी रेशमा पत्नी प्रेम की मौत का शुरुआती कारण गंभीर एनीमिया होना पाया गया है। वहीं, कानेला गढ़ी निवासी लीला पत्नी विजय की मौत ऑपरेशन के दौरान उच्च रक्तचाप के कारण हुई।
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जिला कलेक्टर ने अस्पताल पहुंचकर ली जानकारी
इधर, जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव दोपहर में महात्मा गांधी चिकित्सालय पहुंचे। वहां उन्होंने डेढ़ घंटे से अधिक समय तक सीएमएचओ डॉ. खुशपाल सिंह, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी तथा अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर चारों मामलों की विस्तार से जानकारी ली।
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'जांच में दोषी मिला तो होगी कार्रवाई'
जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने बताया कि पहला मामला सात जुलाई, दूसरा आठ जुलाई और दो मामले 10 जुलाई के हैं। दो मरीजों को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, जबकि दो मामलों में सिजेरियन ऑपरेशन किया गया था। उन्होंने कहा कि अब तक दवाइयों के रिएक्शन जैसे कोई लक्षण सामने नहीं आए हैं। गहन जांच के लिए पांच डॉक्टरों की टीम गठित की गई है। मेडिकल विभाग के उच्च अधिकारियों को भी पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है। उदयपुर और जयपुर से विशेषज्ञ टीम भी जांच के लिए आ रही है। पांच डॉक्टरों की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। दस्तावेजों की जांच के साथ अस्पताल स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या चूक पाई गई तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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गुजरात में भी प्रसूता की मौत का मामला आया सामने
इधर, बागीदौरा विधानसभा क्षेत्र के कनेला गांव निवासी 27 वर्षीय लक्ष्मी पत्नी प्रभुलाल की मौत का मामला भी सामने आया है। परिजन प्रसव के लिए उसे गुजरात के दाहोद ले गए थे, जहां बुधवार को उसकी मौत हो गई। बाद में शव को गांव लाकर अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों के अनुसार, प्रसव से पहले उसके पैरों में काफी सूजन थी और डिलीवरी के कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। लक्ष्मी ने नर्सिंग का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया था।