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Jaipur: बेटी का ऐसा खौफ कि ब्रेन हेमरेज पीड़ित पिता को पांच माह छुपाकर रखा; क्यों मारना चाहती थी आरूषी?
Sat, 11 Jul 2026 05:53 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Sat, 11 Jul 2026 05:53 PM IST
सार
Rajasthan News: जयपुर में मां की हत्या की साजिश रचने की आरोपी आयुषी शर्मा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। अब उसके मामा ने पुलिस से आयुषी के पिता विजय कुमार शर्मा की मौत की भी जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि संपत्ति और अनुकंपा नियुक्ति के लालच में पिता की मौत भी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी।
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आरोपी आयुषी शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मां की हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार 23 वर्षीय आयुषी शर्मा के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। अब आयुषी के मामा ने उसके पिता की मौत की भी जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि करोड़ों रुपये की संपत्ति और अनुकंपा नियुक्ति के लालच में पिता की मौत भी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की सक्षम स्तर पर जांच कराई जाएगी।
'तीन महीने तक छिपाकर रखा गया था पिता को'
राकेश शर्मा का आरोप है कि आयुषी और बलराम ने उसके पिता विजय कुमार शर्मा को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद करीब तीन महीने तक एक अज्ञात स्थान पर रखा। बाद में जब उनकी तबीयत बिगड़ी और दोबारा अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने फेफड़ों में पानी, लीवर की गंभीर खराबी और हृदय में ब्लॉकेज की बात कही। उनका दावा है कि मामले की निष्पक्ष जांच होने पर पिता की मौत में भी आयुषी और बलराम की भूमिका सामने आ सकती है।
मामा ने उठाए पिता की मौत पर सवाल
आयुषी के मामा राकेश शर्मा ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपी बलराम शर्मा अभी तक फरार है और हत्या की सुपारी देने में इस्तेमाल की गई रकम भी बरामद नहीं हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि करीब 14 से 15 करोड़ रुपये की संपत्ति के लालच में पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया गया।
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मां की हत्या के मामले में 7 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक आयुषी शर्मा, उसके चाचा मोहन स्वरूप सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी बलराम शर्मा अभी भी फरार है। आयुषी की मां नीरज शर्मा (45) की 3 जुलाई को तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की टक्कर से मौत हो गई थी। पुलिस का आरोप है कि यह एक सुनियोजित हत्या थी।
वकील ने भी लगाए गंभीर आरोप
परिवार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता चंद्र प्रकाश शर्मा ने आरोप लगाया कि आयुषी करीब 14 करोड़ रुपये की संपत्ति और अनुकंपा नियुक्ति पर कब्जा करना चाहती थी। उन्होंने दावा किया कि ब्रेन ट्यूमर का इलाज करा रहे विजय कुमार शर्मा की हालत में सुधार हो रहा था, लेकिन उन्हें समय से पहले अस्पताल से छुट्टी दिलाकर उचित इलाज नहीं कराया गया, जिसके बाद उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
'शिकायत के हर बिंदु की होगी जांच'
डीसीपी रंजीता शर्मा ने कहा कि परिवार की ओर से दिया गया आवेदन प्राप्त हो गया है। शिकायत में उठाए गए सभी बिंदुओं की विस्तार से जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी बलराम शर्मा की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, पिता की मौत की जांच की मांग पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में भी सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्णय लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें: चार दिन में चार प्रसूताओं की मौत से हड़कंप, बांसवाड़ा अस्पताल की जांच के लिए बनी हाई लेवल टीम
'संपत्ति और नौकरी के लालच का एंगल'
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में संपत्ति विवाद और अनुकंपा नियुक्ति को लेकर पारिवारिक तनाव सामने आया है। विजय कुमार शर्मा की मौत के बाद नीरज शर्मा को अदालत में अनुकंपा के आधार पर एलडीसी की नौकरी मिली थी। आरोप है कि आयुषी यह नौकरी अपने नाम कराना चाहती थी और इसी वजह से कथित साजिश रची गई।
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'तीन महीने तक छिपाकर रखा गया था पिता को'
राकेश शर्मा का आरोप है कि आयुषी और बलराम ने उसके पिता विजय कुमार शर्मा को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद करीब तीन महीने तक एक अज्ञात स्थान पर रखा। बाद में जब उनकी तबीयत बिगड़ी और दोबारा अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने फेफड़ों में पानी, लीवर की गंभीर खराबी और हृदय में ब्लॉकेज की बात कही। उनका दावा है कि मामले की निष्पक्ष जांच होने पर पिता की मौत में भी आयुषी और बलराम की भूमिका सामने आ सकती है।
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मामा ने उठाए पिता की मौत पर सवाल
आयुषी के मामा राकेश शर्मा ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपी बलराम शर्मा अभी तक फरार है और हत्या की सुपारी देने में इस्तेमाल की गई रकम भी बरामद नहीं हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि करीब 14 से 15 करोड़ रुपये की संपत्ति के लालच में पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया गया।
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मां की हत्या के मामले में 7 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक आयुषी शर्मा, उसके चाचा मोहन स्वरूप सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी बलराम शर्मा अभी भी फरार है। आयुषी की मां नीरज शर्मा (45) की 3 जुलाई को तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की टक्कर से मौत हो गई थी। पुलिस का आरोप है कि यह एक सुनियोजित हत्या थी।
वकील ने भी लगाए गंभीर आरोप
परिवार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता चंद्र प्रकाश शर्मा ने आरोप लगाया कि आयुषी करीब 14 करोड़ रुपये की संपत्ति और अनुकंपा नियुक्ति पर कब्जा करना चाहती थी। उन्होंने दावा किया कि ब्रेन ट्यूमर का इलाज करा रहे विजय कुमार शर्मा की हालत में सुधार हो रहा था, लेकिन उन्हें समय से पहले अस्पताल से छुट्टी दिलाकर उचित इलाज नहीं कराया गया, जिसके बाद उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
'शिकायत के हर बिंदु की होगी जांच'
डीसीपी रंजीता शर्मा ने कहा कि परिवार की ओर से दिया गया आवेदन प्राप्त हो गया है। शिकायत में उठाए गए सभी बिंदुओं की विस्तार से जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी बलराम शर्मा की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, पिता की मौत की जांच की मांग पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में भी सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्णय लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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'संपत्ति और नौकरी के लालच का एंगल'
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में संपत्ति विवाद और अनुकंपा नियुक्ति को लेकर पारिवारिक तनाव सामने आया है। विजय कुमार शर्मा की मौत के बाद नीरज शर्मा को अदालत में अनुकंपा के आधार पर एलडीसी की नौकरी मिली थी। आरोप है कि आयुषी यह नौकरी अपने नाम कराना चाहती थी और इसी वजह से कथित साजिश रची गई।