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Rajasthan: कैदियों के ‘संदेशवाहक’ बने जेलर पर गिरी गाज! विभागीय जांच शुरू; पायलट ने सरकार पर दागे सवाल
Sat, 08 Aug 2026 05:22 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Sat, 08 Aug 2026 05:22 PM IST
सार
Rajasthan News: अजमेर सेंट्रल जेल में कैदियों को जेलर के ऑफिस और मोबाइल से अपराधी नफीस चिश्ती से वीडियो कॉल कराने के मामले के बाद बड़ा एक्शन लिया गया है। जेलर सद्दाम हुसैन को निलंबित कर श्रीगंगानगर मुख्यालय किया गया है, जबकि सचिन पायलट ने विभाग और मंत्री की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।
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सचिन पायलट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अजमेर सेंट्रल जेल में कैदियों को अपराधी से वीडियो कॉल कराने के मामले में जेलर सद्दाम हुसैन को निलंबित कर दिया गया है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने इस मामले को लेकर सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।
'जेलर ही बन गए कैदियों के संदेशवाहक'
सचिन पायलट ने सरकार को घेरते हुए कहा कि अजमेर जेल का यह घटनाक्रम बेहद गंभीर और चिंताजनक है। अब तक जेल में कैदियों के पास मोबाइल ही मिलते आए हैं, लेकिन अब तो खुद जेलर कैदियों के संदेशवाहक बन गए हैं। जेल में मोबाइल मिलने पर सरकार जेलर के खिलाफ कार्रवाई करके बात खत्म कर दिया करती है, लेकिन अब कार्रवाई किस पर होगी? पायलट ने कहा कि सिस्टम कठघरे में है। जिम्मेदारी सिर्फ अधिकारियों तक सीमित नहीं रह सकती, विभाग और मंत्री की भी जवाबदेही है।
जेलर पर गिरी गाज, श्रीगंगानगर बनाया गया मुख्यालय
सेंट्रल जेल अजमेर के जेलर सद्दाम हुसैन को निलंबित कर दिया गया है। जेल में बंद अपराधी को वीडियो कॉल पर बात करवाने के मामले में यह कार्रवाई की गई है। निलंबन के बाद सद्दाम हुसैन का मुख्यालय श्रीगंगानगर किया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू होगी। डीजी जेल अशोक राठौड़ ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
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वीडियो सामने आया तो जेल की सुरक्षा पर उठे सवाल
अजमेर सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में जेल के अंदर से तीन सजायाफ्ता कैदी 1992 के चर्चित अजमेर ब्लैकमेलिंग कांड के मास्टरमाइंड नफीस चिश्ती से वीडियो कॉल पर बातचीत करते नजर आ रहे हैं।
जेलर के ऑफिस और मोबाइल से कराई गई कॉल
मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कैदियों की वीडियो कॉल जेलर सद्दाम हुसैन के ऑफिस में और उनके मोबाइल फोन से कराई गई। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और अधिकारियों की भूमिका पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह भी पढ़ें: जेलर के कमरे में कैदियों की वीडियो कॉल: 'चर्चित 100 दुष्कर्म मामले' के मास्टरमाइंड ने किससे की बात? खुलासा
निलंबन के साथ शुरू होगी विभागीय जांच
जेलर सद्दाम हुसैन को वीडियो कॉल कराने के मामले में निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के बाद उनका मुख्यालय श्रीगंगानगर किया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाएगी।
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'जेलर ही बन गए कैदियों के संदेशवाहक'
सचिन पायलट ने सरकार को घेरते हुए कहा कि अजमेर जेल का यह घटनाक्रम बेहद गंभीर और चिंताजनक है। अब तक जेल में कैदियों के पास मोबाइल ही मिलते आए हैं, लेकिन अब तो खुद जेलर कैदियों के संदेशवाहक बन गए हैं। जेल में मोबाइल मिलने पर सरकार जेलर के खिलाफ कार्रवाई करके बात खत्म कर दिया करती है, लेकिन अब कार्रवाई किस पर होगी? पायलट ने कहा कि सिस्टम कठघरे में है। जिम्मेदारी सिर्फ अधिकारियों तक सीमित नहीं रह सकती, विभाग और मंत्री की भी जवाबदेही है।
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जेलर पर गिरी गाज, श्रीगंगानगर बनाया गया मुख्यालय
सेंट्रल जेल अजमेर के जेलर सद्दाम हुसैन को निलंबित कर दिया गया है। जेल में बंद अपराधी को वीडियो कॉल पर बात करवाने के मामले में यह कार्रवाई की गई है। निलंबन के बाद सद्दाम हुसैन का मुख्यालय श्रीगंगानगर किया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू होगी। डीजी जेल अशोक राठौड़ ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
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वीडियो सामने आया तो जेल की सुरक्षा पर उठे सवाल
अजमेर सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में जेल के अंदर से तीन सजायाफ्ता कैदी 1992 के चर्चित अजमेर ब्लैकमेलिंग कांड के मास्टरमाइंड नफीस चिश्ती से वीडियो कॉल पर बातचीत करते नजर आ रहे हैं।
जेलर के ऑफिस और मोबाइल से कराई गई कॉल
मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कैदियों की वीडियो कॉल जेलर सद्दाम हुसैन के ऑफिस में और उनके मोबाइल फोन से कराई गई। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और अधिकारियों की भूमिका पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह भी पढ़ें: जेलर के कमरे में कैदियों की वीडियो कॉल: 'चर्चित 100 दुष्कर्म मामले' के मास्टरमाइंड ने किससे की बात? खुलासा
निलंबन के साथ शुरू होगी विभागीय जांच
जेलर सद्दाम हुसैन को वीडियो कॉल कराने के मामले में निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के बाद उनका मुख्यालय श्रीगंगानगर किया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाएगी।