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जेलर के कमरे में कैदियों की वीडियो कॉल: 'चर्चित 100 दुष्कर्म मामले' के मास्टरमाइंड ने किससे की बात? खुलासा
Sat, 08 Aug 2026 03:02 PM IST
अजमेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: अजमेर ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2026 03:02 PM IST
सार
अजमेर सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सामने आया है। इसमें जेल के अंदर बंद कैदियों को जेलर के मोबाइल से नफीस चिश्ती से वीडियो कॉल पर बातचीत करते दिखाया गया है।
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अजमेर सेंट्रल जेल से सामने आया वीडियो
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
अजमेर सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला वीडियो सामने आया है। वीडियो में जेल के अंदर से तीन सजायाफ्ता कैदी 1992 के चर्चित अजमेर ब्लैकमेलिंग कांड के मास्टरमाइंड नफीस चिश्ती से वीडियो कॉल पर बातचीत करते नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि यह वीडियो कॉल जेलर सद्दाम हुसैन के ऑफिस में और उनके मोबाइल फोन से कराई गई। हालांकि, जेलर सद्दाम हुसैन को जेल में बंद अपराधी को वीडियो कॉल पर बात करवाने के मामले में निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के बाद उनका मुख्यालय श्रीगंगानगर किया गया है। जेलर सद्दाम हुसैन के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की जाएगी। इस संबंध में डीजी जेल अशोक राठौड़ ने आदेश जारी किए हैं।
Rajasthan: जेल के अंदर VIDEO CALL! जेलर के मोबाइल से कैदी की बात
तीनों सेंट्रल जेल में थे मौजूद
वीडियो में जेल में बंद तारिक चिश्ती, उसका बेटा तौसीफ चिश्ती उर्फ चिंकी और भांजा फखर जमाली नफीस चिश्ती से बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। तीनों को 2014 में हाजी सैयद बिलाल हुसैन चिश्ती पर जानलेवा हमला करने के मामले में 2025 में सात-सात साल की सजा सुनाई गई थी। हाईकोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखा था। फिलहाल तारिक और फखर जमानत पर हैं, जबकि तौसीफ चिश्ती अजमेर जेल में बंद है। वीडियो कॉल के समय तीनों सेंट्रल जेल में मौजूद थे।
वीडियो में तीन जेलर बैठे दिखाई दिए
वीडियो में जेलर सद्दाम हुसैन अपने ऑफिस में बैठे कैदियों को मोबाइल के जरिए नफीस चिश्ती से बात करवाते नजर आते हैं। तीनों कैदी जेलर के आसपास इस तरह बैठे दिखाई दे रहे हैं, मानो उन्हें किसी विशेष सुविधा के तहत बातचीत कराई जा रही हो। वीडियो कॉल शुरू होने पर नफीस चिश्ती और जेलर सद्दाम के बीच हंसते हुए दुआ-सलाम होती है। नफीस पूछता है- 'कहां हैं हमारे तारिक भाई?' इसके बाद जेलर मोबाइल कैमरा बगल में बैठे तारिक की ओर घुमा देता है और दोनों की बातचीत करवाता है। तीनों से बातचीत पूरी होने के बाद जेलर सद्दाम हुसैन नफीस चिश्ती से कहता है- 'ओके चाचा।' अंत में नफीस जेलर का शुक्रिया अदा करता है।
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जेल अधीक्षक बोले- मीडिया के माध्यम से वीडियो की जानकारी मिली
इस मामले को लेकर अजमेर सेंट्रल जेल के जेल अधीक्षक आर. अंतेश्वरन ने कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से इस वीडियो के बारे में जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि वीडियो कुछ समय पुराना है, जिसमें जेलर सद्दाम द्वारा अपने मोबाइल से जेल में बंद आरोपियों की बाहर मौजूद लोगों से बातचीत कराई गई है। जेल अधीक्षक के अनुसार, यह मामला जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जेल डीजी से चर्चा की गई है और मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें- राजस्थान में प्रसूताओं की मौत: डॉक्टर की गैरमौजूदगी में नर्सिंग स्टाफ ने कराई डिलीवरी, अस्पताल का लाइसेंस रद्द
बब्बर खालसा से जुड़ा था तौसीफ का नाम
तौसीफ चिश्ती उर्फ चिंकी का नाम खालिस्तान समर्थक आतंकी नेटवर्क ‘बब्बर खालसा इंटरनेशनल’ से भी जुड़ा रहा है। उस पर आतंकियों को पनाह देने, हथियार और ड्रग्स उपलब्ध कराने के आरोप लगे थे। चिंकी पंजाब की जेल में भी बंद रह चुका है। वहीं, वीडियो कॉल में जेलर सद्दाम हुसैन जिस नफीस चिश्ती से बातचीत करवा रहे हैं, वह 1992 के चर्चित अजमेर ब्लैकमेलिंग कांड का मास्टरमाइंड रहा है। रिहा होने के बाद भी उसका नाम अलग-अलग आपराधिक मामलों में सामने आता रहा है। करीब आठ साल पहले तत्कालीन एसपी विकास कुमार की विशेष पुलिस टीम ने नफीस चिश्ती के घर पर कार्रवाई करते हुए 5.20 करोड़ रुपये का सट्टा पकड़ा था। इसके अलावा 24 करोड़ रुपये की स्मैक तस्करी के मामले में भी गुजरात पुलिस ने नफीस चिश्ती और फारुख चिश्ती को आरोपी माना था।
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Rajasthan: जेल के अंदर VIDEO CALL! जेलर के मोबाइल से कैदी की बात
तीनों सेंट्रल जेल में थे मौजूद
वीडियो में जेल में बंद तारिक चिश्ती, उसका बेटा तौसीफ चिश्ती उर्फ चिंकी और भांजा फखर जमाली नफीस चिश्ती से बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। तीनों को 2014 में हाजी सैयद बिलाल हुसैन चिश्ती पर जानलेवा हमला करने के मामले में 2025 में सात-सात साल की सजा सुनाई गई थी। हाईकोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखा था। फिलहाल तारिक और फखर जमानत पर हैं, जबकि तौसीफ चिश्ती अजमेर जेल में बंद है। वीडियो कॉल के समय तीनों सेंट्रल जेल में मौजूद थे।
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वीडियो में तीन जेलर बैठे दिखाई दिए
वीडियो में जेलर सद्दाम हुसैन अपने ऑफिस में बैठे कैदियों को मोबाइल के जरिए नफीस चिश्ती से बात करवाते नजर आते हैं। तीनों कैदी जेलर के आसपास इस तरह बैठे दिखाई दे रहे हैं, मानो उन्हें किसी विशेष सुविधा के तहत बातचीत कराई जा रही हो। वीडियो कॉल शुरू होने पर नफीस चिश्ती और जेलर सद्दाम के बीच हंसते हुए दुआ-सलाम होती है। नफीस पूछता है- 'कहां हैं हमारे तारिक भाई?' इसके बाद जेलर मोबाइल कैमरा बगल में बैठे तारिक की ओर घुमा देता है और दोनों की बातचीत करवाता है। तीनों से बातचीत पूरी होने के बाद जेलर सद्दाम हुसैन नफीस चिश्ती से कहता है- 'ओके चाचा।' अंत में नफीस जेलर का शुक्रिया अदा करता है।
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जेल अधीक्षक बोले- मीडिया के माध्यम से वीडियो की जानकारी मिली
इस मामले को लेकर अजमेर सेंट्रल जेल के जेल अधीक्षक आर. अंतेश्वरन ने कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से इस वीडियो के बारे में जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि वीडियो कुछ समय पुराना है, जिसमें जेलर सद्दाम द्वारा अपने मोबाइल से जेल में बंद आरोपियों की बाहर मौजूद लोगों से बातचीत कराई गई है। जेल अधीक्षक के अनुसार, यह मामला जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जेल डीजी से चर्चा की गई है और मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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बब्बर खालसा से जुड़ा था तौसीफ का नाम
तौसीफ चिश्ती उर्फ चिंकी का नाम खालिस्तान समर्थक आतंकी नेटवर्क ‘बब्बर खालसा इंटरनेशनल’ से भी जुड़ा रहा है। उस पर आतंकियों को पनाह देने, हथियार और ड्रग्स उपलब्ध कराने के आरोप लगे थे। चिंकी पंजाब की जेल में भी बंद रह चुका है। वहीं, वीडियो कॉल में जेलर सद्दाम हुसैन जिस नफीस चिश्ती से बातचीत करवा रहे हैं, वह 1992 के चर्चित अजमेर ब्लैकमेलिंग कांड का मास्टरमाइंड रहा है। रिहा होने के बाद भी उसका नाम अलग-अलग आपराधिक मामलों में सामने आता रहा है। करीब आठ साल पहले तत्कालीन एसपी विकास कुमार की विशेष पुलिस टीम ने नफीस चिश्ती के घर पर कार्रवाई करते हुए 5.20 करोड़ रुपये का सट्टा पकड़ा था। इसके अलावा 24 करोड़ रुपये की स्मैक तस्करी के मामले में भी गुजरात पुलिस ने नफीस चिश्ती और फारुख चिश्ती को आरोपी माना था।