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शिक्षा विभाग में घोटाला: फर्जी डिग्री से बना व्याख्याता, SOG ने किया गिरफ्तार; पांच दिन की रिमांड पर भेजा गया

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sabahat Husain Updated Thu, 30 Apr 2026 07:22 PM IST
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सार

RPSC भर्ती 2022 में फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाले एक व्याख्याता को SOG ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बैक डेट में फर्जी मार्कशीट बनवाई थी। कोर्ट ने 5 दिन की रिमांड दी, मामले में नेटवर्क की जांच जारी है।

Scam in Education Department: Lecturer Appointed on Basis of Fake Degree Arrested by SOG
आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

राजस्थान में शिक्षा विभाग की भर्ती प्रक्रिया पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित प्राध्यापक (स्कूल शिक्षा) कृषि विज्ञान प्रतियोगी परीक्षा 2022 में फर्जी डिग्री के जरिए नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। इस मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

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अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, SOG जयपुर विशाल बंसल के अनुसार, इस प्रकरण में पहले ही SOG थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि कुछ अभ्यर्थियों ने ओपीजेएस विश्वविद्यालय (चूरू) के पदाधिकारियों से मिलीभगत कर बैक डेट में फर्जी डिग्रियां और मार्कशीट तैयार करवाईं और नियुक्ति के समय उन्हें शिक्षा विभाग में प्रस्तुत कर दिया।

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इसी कड़ी में आरोपी अशोक कुमार यादव (33), निवासी बाई का बास, कालाडेरा (जयपुर) को 29 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया। आरोपी सीकर जिले के श्रीमाधोपुर क्षेत्र स्थित शहीद गजराज सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, दिवराला में कृषि विज्ञान विषय का व्याख्याता के रूप में कार्यरत था।


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जांच में सामने आया कि भर्ती के समय आरोपी के पास निर्धारित शैक्षणिक योग्यता नहीं थी। इसके बावजूद उसने आवेदन में फर्जी शैक्षणिक विवरण दर्ज किया और बाद में बीएड (2020–22) तथा एमएससी एग्रीकल्चर (एग्रोनॉमी, 2018–20) की बैक डेट में फर्जी मार्कशीट तैयार कर प्रस्तुत कर दी, जिसके आधार पर उसे नौकरी मिल गई।

पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। SOG अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और विश्वविद्यालय के अधिकारियों सहित अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को लेकर बहस तेज हो गई है। SOG का कहना है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं और पूरे रैकेट का जल्द पर्दाफाश किया जाएगा।

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