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गर्भवती हत्याकांड में बड़ा फैसला: 24 घंटे बाद धरना समाप्त, 21 लाख मुआवजा और फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा केस
Sun, 02 Aug 2026 09:22 AM IST
सीकर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर
Published by: सीकर ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2026 09:22 AM IST
सार
सीकर के सरवड़ी गांव में गर्भवती प्रियंका कंवर की हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर चल रहा धरना प्रशासन और संघर्ष समिति के बीच सहमति बनने के बाद समाप्त हो गया। पीड़ित परिवार को 21 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया।
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गर्भवती प्रियंका की हत्या पर 24 घंटे चला धरना
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
सीकर जिले के धोद थाना क्षेत्र के सरवड़ी गांव में गर्भवती प्रियंका कंवर पर घर में घुसकर किए गए जानलेवा हमले और चार दिन बाद इलाज के दौरान उनकी मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर चल रहा धरना शनिवार को करीब 24 घंटे बाद समाप्त हो गया। प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संघर्ष समिति के बीच कई दौर की वार्ता के बाद आर्थिक सहायता, त्वरित जांच और आरोपी को जल्द सजा दिलाने सहित प्रमुख मांगों पर सहमति बनी।
धारदार हथियार से हमला किया
गौरतलब है कि 27 जुलाई को सरवड़ी गांव में पड़ोसी युवक ने घर में घुसकर गर्भवती प्रियंका कंवर पर धारदार हथियार से हमला कर दिया था। आरोपी ने उनके गले के साथ-साथ हाथ-पैरों पर भी वार किए थे। गंभीर रूप से घायल प्रियंका को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण गर्भ में पल रहे छह माह के शिशु की पहले ही मौत हो गई थी, जबकि चार दिन तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद प्रियंका ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है।
थाने के बाहर धरना शुरू किया
प्रियंका की मौत के बाद ग्रामीणों और परिजनों का आक्रोश बढ़ गया और धोद थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया गया। समझौते के तहत पीड़ित परिवार को जनसहयोग से 21 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पीपी) नियुक्त करने पर सहमति बनी। डीएसपी और एएसपी के नेतृत्व में निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कराने का भी भरोसा दिया गया। प्रशासन पात्रता के अनुसार परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाएगा।
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ये भी पढ़ें- 24 जिलों में बारिश का अलर्ट, जालोर-पाली-सिरोही में भारी बारिश की चेतावनी
राशि को बच्चे के नाम एफडी कराने का प्रयास किया
परिवार की कानूनी लड़ाई में सीकर बार के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र हुड्डा, मदनलाल कुमावत, हरीश शर्मा, हनुमान सिंह पालवास, निर्मल शर्मा, भंवर सिंह बालापोता, शिवरतन शर्मा, रामरतन बगड़िया और भगत सिंह चौधरी सहित अधिवक्ताओं की टीम निशुल्क पैरवी करेगी। वहीं, धोद की सरस्वती स्कूल के निदेशक शिवराज सिंह ने प्रियंका के तीन वर्षीय बेटे की पहली से 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई और हॉस्टल का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की। जनसहयोग से जुटाई गई सहायता राशि को भी बच्चे के नाम एफडी कराने का प्रयास किया जाएगा।
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धारदार हथियार से हमला किया
गौरतलब है कि 27 जुलाई को सरवड़ी गांव में पड़ोसी युवक ने घर में घुसकर गर्भवती प्रियंका कंवर पर धारदार हथियार से हमला कर दिया था। आरोपी ने उनके गले के साथ-साथ हाथ-पैरों पर भी वार किए थे। गंभीर रूप से घायल प्रियंका को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण गर्भ में पल रहे छह माह के शिशु की पहले ही मौत हो गई थी, जबकि चार दिन तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद प्रियंका ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है।
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थाने के बाहर धरना शुरू किया
प्रियंका की मौत के बाद ग्रामीणों और परिजनों का आक्रोश बढ़ गया और धोद थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया गया। समझौते के तहत पीड़ित परिवार को जनसहयोग से 21 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पीपी) नियुक्त करने पर सहमति बनी। डीएसपी और एएसपी के नेतृत्व में निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कराने का भी भरोसा दिया गया। प्रशासन पात्रता के अनुसार परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाएगा।
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राशि को बच्चे के नाम एफडी कराने का प्रयास किया
परिवार की कानूनी लड़ाई में सीकर बार के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र हुड्डा, मदनलाल कुमावत, हरीश शर्मा, हनुमान सिंह पालवास, निर्मल शर्मा, भंवर सिंह बालापोता, शिवरतन शर्मा, रामरतन बगड़िया और भगत सिंह चौधरी सहित अधिवक्ताओं की टीम निशुल्क पैरवी करेगी। वहीं, धोद की सरस्वती स्कूल के निदेशक शिवराज सिंह ने प्रियंका के तीन वर्षीय बेटे की पहली से 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई और हॉस्टल का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की। जनसहयोग से जुटाई गई सहायता राशि को भी बच्चे के नाम एफडी कराने का प्रयास किया जाएगा।