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22 दिन से लापता 5 साल का भावेश, नहीं मिला कोई सुराग! अब भगवान की शरण में पहुंचे ग्रामीण, आंदोलन की चेतावनी

Sat, 04 Jul 2026 10:37 PM IST
सीकर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर Published by: सीकर ब्यूरो Updated Sat, 04 Jul 2026 10:37 PM IST
सार

Rajasthan News: सीकर के नीमकाथाना क्षेत्र से 12 जून को लापता हुए पांच वर्षीय भावेश सिंह का 22 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस की लगातार तलाश के बावजूद सफलता नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने मंदिर में सामूहिक प्रार्थना की और चेतावनी दी कि यदि जल्द बच्चा नहीं मिला तो 6 जुलाई से आंदोलन शुरू किया जाएगा।
 

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No trace found even after 22 days of the child who went missing from Hinglaj Mata Temple in Nimod, Neemkathana
नीमकाथाना के निमोद स्थित हिंगलाज माता मंदिर में जुटे परिजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीकर जिले के नीमकाथाना क्षेत्र के निमोद स्थित हिंगलाज माता मंदिर से 12 जून को रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए पांच वर्षीय मासूम भावेश सिंह का 22 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं लगने से परिजनों और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश और निराशा है। लगातार चल रहे पुलिस सर्च ऑपरेशन के बावजूद बच्चे का पता नहीं चलने पर ककराना गांव के लोग और परिजन अपने आराध्य देव श्री लक्ष्मण भगवान मंदिर पहुंचे, जहां भावेश की सकुशल वापसी के लिए सामूहिक प्रार्थना और विशेष पूजा-अर्चना की गई।
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22 दिन से जारी है सर्च ऑपरेशन
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 22 दिनों से नौ पुलिस थानों की टीम, एसडीआरएफ, डॉग स्क्वॉड और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से व्यापक सर्च अभियान चलाया जा रहा है। पहाड़ियों, जंगलों और आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन की सहायता से भी तलाश की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। इससे लोगों में पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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'प्रशासन को पूरा समय दिया, अब सब्र टूट रहा'
समाजसेवी सुरेश मीणा किशोरपुरा ने कहा कि आंदोलन के दौरान प्रशासन ने जल्द बच्चे का पता लगाने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक कोई परिणाम सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने धैर्य रखा और प्रशासन को पूरा समय दिया, लेकिन अब लोगों का सब्र जवाब देने लगा है। इसी कारण पहले प्रस्तावित आंदोलन को स्थगित कर भगवान की शरण में जाकर प्रार्थना की गई है।
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अब आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि रविवार शाम तक भावेश का कोई सुराग नहीं मिलता है तो 6 जुलाई को बड़ी संख्या में लोग नीमकाथाना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचेंगे। वहां प्रशासन के साथ वार्ता की जाएगी। यदि बातचीत संतोषजनक नहीं रही तो सदर थाना परिसर के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।

आईटीबीपी और बीएसएफ की मदद की मांग
ग्रामीणों का मानना है कि क्षेत्र की दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों में खोज अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए आईटीबीपी, बीएसएफ तथा वन विभाग के विशेषज्ञ अधिकारियों की मदद ली जानी चाहिए। उनका कहना है कि अब तक उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग होने के बावजूद सफलता नहीं मिली है, इसलिए विशेष एजेंसियों की सहायता जरूरी हो गई है।


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पूरे इलाके की निगाहें भावेश की वापसी पर
भावेश के लापता होने की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। गांव-गांव में बच्चे की सलामती को लेकर चिंता और बेचैनी का माहौल है। परिजनों की आंखें अब भी अपने मासूम की एक झलक पाने के इंतजार में टिकी हैं, जबकि ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि भावेश की तलाश और न्याय की मांग को लेकर उनका संघर्ष अब और तेज होगा।
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