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Rajasthan News: एक करोड़ लाभार्थियों को 1590 करोड़ की सौगात, सीएम ने किया ग्राम उत्थान शिविरों का शुभारंभ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
Published by: सिरोही ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jan 2026 08:36 PM IST
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सार
सिरोही में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने किसानों, पशुपालकों और आमजन के हित में सरकार की नीतियों और योजनाओं का खाका रखा। ग्राम उत्थान शिविरों की शुरुआत के साथ डीबीटी के माध्यम से 1,590 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की।
सिरोही में किसान सम्मान निधि के हस्तांतरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
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विस्तार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि किसान भारत की आत्मा हैं। जब किसान सशक्त होता है, तब गांव, प्रदेश और देश प्रगति करता है। उन्होंने कहा कि सरकार संकल्प पत्र में किए गए वादों को लगातार पूरा कर रही है और किसानों के कल्याण एवं समृद्धि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री गुरुवार को सिरोही में किसान सम्मान निधि के हस्तांतरण एवं ग्राम उत्थान शिविरों के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने घोषणा की कि 23 जनवरी (वसंत पंचमी) से प्रदेश के प्रत्येक गिरदावर सर्कल पर ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने किसानों और पशुपालकों से अपील की कि वे इन शिविरों से जुड़कर राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ही के दिन दो वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हुई थी, जो देश की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा ऐतिहासिक क्षण था। साथ ही इसी दिन बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत भी की गई थी, जिसने महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दी।
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उन्होंने बताया कि ग्राम उत्थान शिविरों के माध्यम से तारबंदी, डिग्गी, पाइप लाइन, फार्म पॉन्ड, फव्वारा व ड्रिप सिंचाई, प्लास्टिक मल्च, सौर पंप सहित विभिन्न योजनाओं की स्वीकृतियां दी जाएंगी। साथ ही मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, कस्टम हायरिंग सेंटर, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, पशु टीकाकरण, डेयरी समितियों का पंजीकरण, स्वामित्व कार्ड वितरण, नहरों की मरम्मत, पीएम सूर्य घर योजना और वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के तहत कार्य किए जाएंगे।
1,590 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के एक करोड़ से अधिक किसान, महिला और श्रमिक लाभार्थियों को 1,590 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में अंतरित की।
उन्होंने मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की पांचवीं किस्त के रूप में 65 लाख से अधिक किसानों को 653 करोड़ रुपये दिए। इसके अलावा फसल खराबे पर 5 लाख किसानों को 327 करोड़ रुपये, समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए 10 हजार किसानों को 240 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत 4 लाख पशुपालकों को 50 करोड़ रुपये दिए गए।
मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को 75 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना के 20 हजार लाभार्थियों को 100 करोड़ रुपये और एक लाख निर्माण श्रमिकों को 100 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। साथ ही 40 करोड़ रुपये के कृषि उपकरणों का वितरण भी किया गया।
50 हजार करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि अन्नदाता को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि की राशि को 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार रुपये किया गया है। गेहूं खरीद पर पिछले दो वर्षों में बोनस दिया गया और दो वर्षों में 50 हजार करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त फसली ऋण किसानों को उपलब्ध कराया गया।
ये भी पढ़ें: डूंगरी बांध विरोध प्रदर्शन: पुलिस पर पथराव के मामले में एक्शन मोड ऑन, आंदोलनकारियों पर एफआईआर दर्ज
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए पीएम कुसुम योजना के तहत 52 हजार सोलर पंप लगाए गए हैं, जिन पर 822 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया। वर्तमान में प्रदेश के 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली मिल रही है। गौशालाओं के अनुदान में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी, गोपालकों को ब्याज मुक्त ऋण और मोबाइल पशु चिकित्सा सेवाओं से पशुपालकों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
रोजगार और निवेश पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां पिछली सरकार ने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में निवेश समिट आयोजित की थी, वहीं वर्तमान सरकार ने आते ही राइजिंग राजस्थान समिट का आयोजन किया, जिसके तहत 8 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं। अब तक एक लाख से अधिक पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं और 1.43 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
कार्यक्रम के दौरान लघु वीडियो फिल्म के माध्यम से ग्राम उत्थान शिविरों का शुभारंभ किया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया और प्राकृतिक, जैविक खेती व कृषि यंत्रों की जानकारी ली। कार्यक्रम में रामलला की प्रतिमा का विधिवत पूजन भी किया गया।
इस अवसर पर पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत, मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, किसान आयोग के अध्यक्ष सीआर. चौधरी, सांसद लुम्बाराम चौधरी, विधायक समाराम गरासिया, पुष्पेन्द्रसिंह राणावत, जीवाराम चौधरी, श्रीमती शोभा चौहान, छगनसिंह राजपुरोहित एवं हम्मीर सिंह भायल समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री गुरुवार को सिरोही में किसान सम्मान निधि के हस्तांतरण एवं ग्राम उत्थान शिविरों के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने घोषणा की कि 23 जनवरी (वसंत पंचमी) से प्रदेश के प्रत्येक गिरदावर सर्कल पर ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने किसानों और पशुपालकों से अपील की कि वे इन शिविरों से जुड़कर राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ही के दिन दो वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हुई थी, जो देश की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा ऐतिहासिक क्षण था। साथ ही इसी दिन बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत भी की गई थी, जिसने महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दी।
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उन्होंने बताया कि ग्राम उत्थान शिविरों के माध्यम से तारबंदी, डिग्गी, पाइप लाइन, फार्म पॉन्ड, फव्वारा व ड्रिप सिंचाई, प्लास्टिक मल्च, सौर पंप सहित विभिन्न योजनाओं की स्वीकृतियां दी जाएंगी। साथ ही मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, कस्टम हायरिंग सेंटर, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, पशु टीकाकरण, डेयरी समितियों का पंजीकरण, स्वामित्व कार्ड वितरण, नहरों की मरम्मत, पीएम सूर्य घर योजना और वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के तहत कार्य किए जाएंगे।
1,590 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के एक करोड़ से अधिक किसान, महिला और श्रमिक लाभार्थियों को 1,590 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में अंतरित की।
उन्होंने मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की पांचवीं किस्त के रूप में 65 लाख से अधिक किसानों को 653 करोड़ रुपये दिए। इसके अलावा फसल खराबे पर 5 लाख किसानों को 327 करोड़ रुपये, समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए 10 हजार किसानों को 240 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत 4 लाख पशुपालकों को 50 करोड़ रुपये दिए गए।
मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को 75 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना के 20 हजार लाभार्थियों को 100 करोड़ रुपये और एक लाख निर्माण श्रमिकों को 100 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। साथ ही 40 करोड़ रुपये के कृषि उपकरणों का वितरण भी किया गया।
50 हजार करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि अन्नदाता को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि की राशि को 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार रुपये किया गया है। गेहूं खरीद पर पिछले दो वर्षों में बोनस दिया गया और दो वर्षों में 50 हजार करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त फसली ऋण किसानों को उपलब्ध कराया गया।
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ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए पीएम कुसुम योजना के तहत 52 हजार सोलर पंप लगाए गए हैं, जिन पर 822 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया। वर्तमान में प्रदेश के 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली मिल रही है। गौशालाओं के अनुदान में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी, गोपालकों को ब्याज मुक्त ऋण और मोबाइल पशु चिकित्सा सेवाओं से पशुपालकों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
रोजगार और निवेश पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां पिछली सरकार ने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में निवेश समिट आयोजित की थी, वहीं वर्तमान सरकार ने आते ही राइजिंग राजस्थान समिट का आयोजन किया, जिसके तहत 8 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं। अब तक एक लाख से अधिक पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं और 1.43 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
कार्यक्रम के दौरान लघु वीडियो फिल्म के माध्यम से ग्राम उत्थान शिविरों का शुभारंभ किया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया और प्राकृतिक, जैविक खेती व कृषि यंत्रों की जानकारी ली। कार्यक्रम में रामलला की प्रतिमा का विधिवत पूजन भी किया गया।
इस अवसर पर पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत, मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, किसान आयोग के अध्यक्ष सीआर. चौधरी, सांसद लुम्बाराम चौधरी, विधायक समाराम गरासिया, पुष्पेन्द्रसिंह राणावत, जीवाराम चौधरी, श्रीमती शोभा चौहान, छगनसिंह राजपुरोहित एवं हम्मीर सिंह भायल समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

सिरोही में किसान सम्मान निधि के हस्तांतरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

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