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राजस्थान: 'पिता सीने के दर्द से तड़पते रहे, पुलिस चालान काटती रही'; बुजुर्ग ने गंवाई जान, बेटे ने लगाया आरोप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोंक Published by: टोंक ब्यूरो Updated Wed, 17 Jun 2026 03:13 PM IST
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सार

टोंक में एक युवक ने आरोप लगाया है कि सीने में दर्द से पीड़ित पिता को अस्पताल ले जाते समय यातायात पुलिस ने चालान के लिए बाइक रोक ली। बेटे का दावा है कि देरी के कारण समय पर इलाज नहीं मिल सका और पिता की मौत हो गई। पुलिसकर्मी ने आरोपों को खारिज किया है।

Rajasthan Traffic Police Deny Allegations After Man Claims Cop Delayed Medical Help For Dying Father Over Fine
इलाज में देरी से हुई मौत - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

राजस्थान के टोंक जिले में एक बुजुर्ग की मौत को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। मृतक के बेटे ने आरोप लगाया है कि सीने में दर्द से पीड़ित पिता को अस्पताल ले जाते समय यातायात पुलिस ने उनकी बाइक रोक ली और चालान की कार्रवाई में देरी होने के कारण समय पर इलाज नहीं मिल सका। बाद में अस्पताल में बुजुर्ग की मौत हो गई। हालांकि संबंधित पुलिसकर्मी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।


अस्पताल ले जाते समय रोकी गई बाइक
पीपलू क्षेत्र निवासी महेंद्र यादव ने बताया कि 14 जून को वह अपने पिता शिवजी लाल यादव के साथ टोंक लौट रहे थे। इसी दौरान उनके पिता के सीने में तेज दर्द शुरू हो गया। हालत बिगड़ने पर वह एक परिचित की मदद से उन्हें बाइक पर बैठाकर तत्काल टोंक के सआदत अस्पताल ले जा रहे थे। महेंद्र का आरोप है कि छावनी चौराहे के पास पुलिस लाइन के सामने यातायात पुलिस ने उनकी बाइक रोक ली।
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'बार-बार बताया, पिता की हालत गंभीर है'
महेंद्र के अनुसार बाइक पर तीन लोग सवार थे और उन्होंने हेलमेट भी नहीं पहन रखा था। इसी आधार पर पुलिसकर्मी ने चालान की कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने कई बार पिता की गंभीर हालत का हवाला देते हुए पहले अस्पताल जाने और बाद में कार्रवाई करने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। महेंद्र का आरोप है कि पुलिसकर्मी ने बाइक की चाबी भी अपने पास रख ली, जिससे वे आगे नहीं जा सके। इस दौरान उनके पिता की तबीयत लगातार बिगड़ती रही और उन्हें सड़क किनारे एक चबूतरे पर लिटाना पड़ा।
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एक घंटे बाद अस्पताल पहुंचे, नहीं बच सकी जान
परिजनों का कहना है कि करीब एक घंटे बाद 100 रुपये का चालान भरने के बाद उन्हें जाने दिया गया। इसके बाद वे दोपहर करीब 12:45 बजे सआदत अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों ने बुजुर्ग को तत्काल उपचार देते हुए आईसीयू में भर्ती किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण दोपहर करीब 2 बजे उनकी मौत हो गई।

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पुलिसकर्मी ने आरोपों को बताया गलत
मामले में यातायात पुलिसकर्मी राजकुमार शर्मा ने बेटे द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि बुजुर्ग की हालत इतनी गंभीर नहीं लग रही थी और बाइक की चाबी अपने पास रखने जैसी बात पूरी तरह गलत है।

जांच के निर्देश
सआदत अस्पताल की चिकित्सक डॉ. दिशा साहनी ने बताया कि मरीज को गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया था। उन्हें तत्काल ऑक्सीजन सपोर्ट देकर आईसीयू में भर्ती किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।


वहीं, पूरे मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक ने जांच कराने की बात कही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और आरोपों में कितनी सच्चाई है।

 

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