Udaipur News: 23 साल बाद पुलिस के शिकंजे में आया इनामी तस्कर, शादी में गांव पहुंचते ही हुलिया बदलकर दबोचा
Udaipur News: उदयपुर की गोगुंदा थाना पुलिस ने 23 साल से फरार 25 हजार रुपये के इनामी डोडा चूरा तस्कर जोधाराम को गिरफ्तार किया है। आरोपी शादी में गांव आया था, जहां पुलिस ने पशु खरीदार बनकर तीन दिन निगरानी के बाद उसे दबोच लिया।
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उदयपुर जिले की गोगुंदा थाना पुलिस ने 23 साल पुराने डोडा चूरा तस्करी मामले में फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे बेहद गोपनीय और फिल्मी अंदाज में हुलिया बदलकर गिरफ्तार किया।
गोगुंदा थानाधिकारी श्याम सिंह चारण ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जोधाराम (73) जालौर जिले के भीनमाल थाना क्षेत्र के पूनासा गांव चौधरियों की ढाणी का निवासी है। वह वर्ष 2003 से डोडा चूरा तस्करी के मामले में फरार था और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
शादी में शामिल होने गांव पहुंचा, पुलिस ने दबोचा
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी अपने रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए गुपचुप तरीके से गांव पहुंचा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने रणनीति तैयार की और सादे कपड़ों में टीम को गांव भेजा।
पुलिसकर्मी पशु खरीदार बनकर गांव में दाखिल हुए और लगातार तीन दिन तक गांव में डेरा डालकर आरोपी की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी। पुलिस ने पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय रखा ताकि आरोपी को किसी प्रकार की भनक न लग सके।
घर में मौजूद होने की पुष्टि होते ही की गई गिरफ्तारी
जैसे ही पुलिस को यह पुष्टि हुई कि आरोपी अपने घर में मौजूद है, टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई इतनी सतर्कता से की गई कि आरोपी को पुलिस की मौजूदगी का अंदाजा तक नहीं हो पाया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी लंबे समय से पहचान छिपाकर अलग-अलग राज्यों में रह रहा था और लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था ताकि पुलिस और परिचित लोगों की नजरों से बचा रह सके।
गुजरात, मुंबई और बेंगलुरु में मजदूरी करते हुए काटी फरारी
पूछताछ में सामने आया कि जब जोधाराम फरार हुआ था तब उसकी उम्र करीब 50 साल थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने करीब 23 साल तक गुजरात, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में मजदूरी करते हुए फरारी काटी।
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पुलिस का कहना है कि आरोपी लगातार स्थान बदलता रहा और सामान्य मजदूर की तरह जीवन बिताकर खुद को छिपाए रखा। इसी वजह से इतने वर्षों तक वह पुलिस की पकड़ से दूर रहा।
“सुदर्शन चक्र-2” अभियान के तहत हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई उदयपुर पुलिस के “सुदर्शन चक्र-2” अभियान के तहत की गई। अभियान जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में चलाया जा रहा है। कार्रवाई में थानाधिकारी श्याम सिंह चारण के साथ हेड कॉन्स्टेबल चरण सिंह, कॉन्स्टेबल रामस्वरूप और सायरा थाने के कॉन्स्टेबल नरपतराम शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
फरारी के दौरान मददगारों की भी जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान आरोपी को किन लोगों ने शरण दी और किसने उसकी मदद की। जांच के तहत आरोपी के संपर्कों और पिछले वर्षों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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