First Woman Fighter Pilot: भारत की पहली महिला जिसने फाइटर जेट उड़ाया, जानिए अवनी चतुर्वेदी की कहानी
Pilot Avani Chaturvedi: पहली भारतीय महिला हैं जिसने फाइटर जेट को सोलो उड़ाया। यह सिर्फ़ एक उपलब्धि नहीं थी, यह भारतीय सोच की सीमा को चीरने वाला पल था। आइए जानते हैं पायलट अवनी चतुर्वेदी के बारे में।
विस्तार
इस वर्ष 26 जनवरी की परेड में महिला सशक्तिकरण का शानदार नजारा दिखा। एयरफोर्स से लेकर नौसेना की झांकी से लेकर एयरफोर्स और सीआरपीएफ तक महिला अधिकारियों ने नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन किया। सशस्त्र सुरक्षा बलों में महिलाओं की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। इन्हीं सशक्त महिलाओं में से एक फ्लाइट लेफ्टिनेंट अवनी चतुर्वेदी का नाम एयरफोर्स के इतिहास में दर्ज हो गया है।
फ्लाइट लेफ्टिनेंट अवनी चतुर्वेदी भारत की पहली महिला फाइटर पायलटों में से एक हैं। साथ ही पहली भारतीय महिला हैं जिसने फाइटर जेट को सोलो उड़ाया। यह सिर्फ़ एक उपलब्धि नहीं थी, यह भारतीय सोच की सीमा को चीरने वाला पल था। आइए जानते हैं पायलट अवनी चतुर्वेदी के बारे में।
भारत की पहली महिला फाइटर जेट पायलट कौन हैं?
उत्तर है फ्लाइट लेफ्टिनेंट अवनी चतुर्वेदी
- अवनी भारत की पहली महिला फाइटर पायलटों की तिकड़ी में शामिल थीं।
- पहली भारतीय महिला हैं जिन्होंने MiG-21 Bison को सोलो उड़ाया।
अवनी चतुर्वेदी का प्रारंभिक जीवन
- अवनी चतुर्वेदी का जन्म 27 अक्टूबर 1993 को मध्य प्रदेश के रीवा ज़िले में हुआ।
- यह इलाका किसी एविएशन हब के लिए नहीं जाना जाता, लेकिन यहीं से एक इतिहास ने उड़ान भरी।
अवनी चतुर्वेदी की शिक्षा
- स्कूली शिक्षा- देओस, मध्य प्रदेश
- कॉलेज- बनस्थली विद्यापीठ, राजस्थान
- पढ़ाई के दौरान एनसीसी से जुड़ी और यहीं से वायुसेना का सपना पुख्ता हुआ।
सपनों को मिला परिवार का सहारा
- अवनी चतुर्वेदी के पिता सतीश चतुर्वेदी, भारतीय सेना में अधिकारी रह चुके हैं और मां गृहिणी हैं।
- जब घर में अनुशासन और देशसेवा की समझ हो, तो बेटियां भी आसमान को लक्ष्य बनाती हैं।
भारतीय वायुसेना में चयन का सफर
- 2016 में भारतीय वायुसेना ने इतिहास रचा जब महिलाओं को पहली बार फाइटर स्ट्रीम में शामिल किया गया।
- इन महिलाओं में शामिल थी, अवनी चतुर्वेदी, भावना कांत और मोहना सिंह।
- वायुसेना की इन महिला अधिकारियों ने हैदराबाद एयर फोर्स अकादमी से प्रशिक्षण लिया।
- उनका स्ट्रीम फाइटर पायलट है।
- एयरक्राफ्ट ट्रेनिंग Hawk Mk-132 है।
- उनका चयन सिर्फ़ योग्यता के आधार पर हुआ। कोई रियायत नहीं, कोई शॉर्टकट नहीं।
ऐतिहासिक उपलब्धि: MiG-21 की सोलो उड़ान
- 19 फरवरी 2018 को भारतीय वायुसेना के इतिहास का सुनहरा दिन था।
- अवनी चतुर्वेदी ने MiG-21 Bison अकेले अंबाला एयरबेस से उड़ाया।
- MiG-21 दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण फाइटर जेट्स में गिना जाता है।
करियर और जिम्मेदारियां
- अवनी चतुर्वेदी को फाइटर स्क्वाड्रन में तैनाती मिली।
- एयर डिफेंस, इंटरसेप्शन और कॉम्बैट ट्रेनिंग में सक्रिय भूमिका निभाई।
- ऑपरेशनल फाइटर पायलट के तौर पर कार्यरत रहीं।
पुरस्कार और पहचान
- देश-विदेश में भारतीय महिला सशक्तिकरण की पहचान
- कई राष्ट्रीय मंचों पर सम्मान
- युवाओं, खासकर लड़कियों के लिए रोल मॉडल
लेकिन अवनी खुद कहती हैं, “मैं महिला पायलट नहीं, सिर्फ फाइटर पायलट हूं।”

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