{"_id":"698ebf244debe75f260e9333","slug":"all-party-meeting-in-shimla-himachal-budget-crisis-rdg-halt-2026-02-13","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Himachal News: पीटरहॉफ में आरडीजी पर सर्वदलीय बैठक संपन्न, भाजपा पर बरसे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal News: पीटरहॉफ में आरडीजी पर सर्वदलीय बैठक संपन्न, भाजपा पर बरसे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Fri, 13 Feb 2026 01:57 PM IST
विज्ञापन
सार
आरडीजी (राजस्व घाटा अनुदान) बंद किए जाने के मुद्दे पर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। जो संपन्न हो चुकी है। पढ़ें पूरी खबर...
पीटरहॉफ में सर्वदलीय बैठक
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन
विस्तार
हिमाचल सरकार ने रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद होने पर आज सर्वदलीय बैठक बुलाई। इसमें आरडीजी के कारण उपजे वित्तीय हालात को लेकर चर्चा की गई, क्योंकि 16वें वित्त आयोग ने आरडीजी बंद करने की केंद्र सरकार से सिफारिश कर दी है। केंद्र ने भी इन सिफारिशों को मान लिया है। वहीं, बैठक संपन्न होने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भाजपा पर खूब बरसे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का सहयोग नहीं कर रही है और जनता भी इन्हें नकार देगी। इसके साथ ही संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा भाजपा के लोग सिर्फ लड़ने की मंशा से आए थे।
आरडीजी को लेकर भाजपा दुविधा में, अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर रही: सीएम
वहीं मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में आरडीजी के मामले पर विपक्ष ने बोलने से मना कर दिया। बैठक में हमने जानना चाह था कि क्या आरडीजी को लेकर भाजपा सरकार के साथ है कि नहीं? लेकिन भाजपा दुविधा में फंसी है। भाजपा आरडीजी पर अपना स्टैंड क्लियर नहीं कर रही। अगर इस पर अपनी स्थिति स्प्ष्ट नहीं करनी थी तो सर्वदलीय बैठक में आने की क्या आवश्यकता थी।
Trending Videos
आरडीजी को लेकर भाजपा दुविधा में, अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर रही: सीएम
वहीं मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में आरडीजी के मामले पर विपक्ष ने बोलने से मना कर दिया। बैठक में हमने जानना चाह था कि क्या आरडीजी को लेकर भाजपा सरकार के साथ है कि नहीं? लेकिन भाजपा दुविधा में फंसी है। भाजपा आरडीजी पर अपना स्टैंड क्लियर नहीं कर रही। अगर इस पर अपनी स्थिति स्प्ष्ट नहीं करनी थी तो सर्वदलीय बैठक में आने की क्या आवश्यकता थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सर्वदलीय बैठक में केंद्र के प्रति आपत्तिजनक शब्द पर भाजपा का वाकआउट
16 वें वित्तायोग की सिफारिश पर केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल का राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद किए जाने के मामले में सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का भाजपा ने वाकआउट किया। केंद्र सरकार के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने के विरोध में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा पार्टी प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल सहित अन्य भाजपा नेता बैठक छोड़कर बाहर निकल गए।
बैठक के दौरान भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने आपत्ति दर्ज कराई कि कुछ वक्ताओं द्वारा केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के संदर्भ में अनुचित और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। भाजपा ने स्पष्ट कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन भाषा की मर्यादा और संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है। इसी विषय पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने बैठक बीच में ही छोड़ दी। भाजपा पार्टी प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि बैठक में भाजपा ने प्रदेश के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए अपना तथ्यात्मक और विस्तृत पक्ष रखा। प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का विकास सभी दलों की साझा जिम्मेदारी है और भाजपा ने सत्ता में रहते हुए तथा विपक्ष में रहते हुए हमेशा प्रदेश हित को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को सत्ता में आए लगभग 40 महीने हो चुके हैं और पूर्ण बहुमत होने के बावजूद अपनी वित्तीय विफलताओं का ठीकरा केंद्र सरकार और भाजपा पर फोड़ना एक योजनाबद्ध राजनीतिक प्रयास है।
16 वें वित्तायोग की सिफारिश पर केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल का राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद किए जाने के मामले में सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का भाजपा ने वाकआउट किया। केंद्र सरकार के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने के विरोध में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा पार्टी प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल सहित अन्य भाजपा नेता बैठक छोड़कर बाहर निकल गए।
बैठक के दौरान भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने आपत्ति दर्ज कराई कि कुछ वक्ताओं द्वारा केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के संदर्भ में अनुचित और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। भाजपा ने स्पष्ट कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन भाषा की मर्यादा और संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है। इसी विषय पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने बैठक बीच में ही छोड़ दी। भाजपा पार्टी प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि बैठक में भाजपा ने प्रदेश के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए अपना तथ्यात्मक और विस्तृत पक्ष रखा। प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का विकास सभी दलों की साझा जिम्मेदारी है और भाजपा ने सत्ता में रहते हुए तथा विपक्ष में रहते हुए हमेशा प्रदेश हित को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को सत्ता में आए लगभग 40 महीने हो चुके हैं और पूर्ण बहुमत होने के बावजूद अपनी वित्तीय विफलताओं का ठीकरा केंद्र सरकार और भाजपा पर फोड़ना एक योजनाबद्ध राजनीतिक प्रयास है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान बंद होना कोई अचानक लिया गया निर्णय नहीं है, बल्कि पूर्व वित्त आयोगों 14वें और 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों में यह स्पष्ट रूप से उल्लेखित था कि यह अनुदान चरणबद्ध रूप से कम होगा और निर्धारित अवधि के बाद समाप्त होगा। ऐसे में इसे नई आपदा के रूप में प्रस्तुत कर जनता को भ्रमित करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जब यह तथ्य वर्षों से ज्ञात था, तो प्रदेश सरकार को समय रहते वैकल्पिक संसाधन सृजन, व्यय नियंत्रण और राजस्व वृद्धि की नीति पर काम करना चाहिए था।
बैठक में केंद्र से प्राप्त वित्तीय सहायता के विस्तृत आंकड़े रखते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न मदों में हिमाचल प्रदेश को बड़ी मात्रा में धनराशि उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022–23 में करीब 50,000 करोड़, वर्ष 2023–24 में करीब 43,000 करोड़, वर्ष 2024–25 व 2025–26 में लगभग 35,000 करोड़ से अधिक राशि अलग-अलग केंद्रीय योजनाओं, टैक्स डिवोल्यूशन, केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं, विश्व बैंक, नाबार्ड, पीएमजीएसवाई और अन्य अवसंरचना मदों के माध्यम से प्रदेश को प्राप्त हुई। उन्होंने यह भी कहा कि टैक्स डिवोल्यूशन में निरंतर वृद्धि हो रही है। जीएसटी कलेक्शन और केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के माध्यम से राज्यों को अधिक संसाधन मिल रहे हैं। इसे नजर अंदाज कर केंद्र पर भेदभाव का आरोप लगाना तथ्यों के विपरीत है। भाजपा की ओर से प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, विधायक रणधीर शर्मा, विनोद कुमार, बलबीर वर्मा, त्रिलोक जम्वाल और प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा उपस्थित रहे।
बैठक में केंद्र से प्राप्त वित्तीय सहायता के विस्तृत आंकड़े रखते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न मदों में हिमाचल प्रदेश को बड़ी मात्रा में धनराशि उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022–23 में करीब 50,000 करोड़, वर्ष 2023–24 में करीब 43,000 करोड़, वर्ष 2024–25 व 2025–26 में लगभग 35,000 करोड़ से अधिक राशि अलग-अलग केंद्रीय योजनाओं, टैक्स डिवोल्यूशन, केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं, विश्व बैंक, नाबार्ड, पीएमजीएसवाई और अन्य अवसंरचना मदों के माध्यम से प्रदेश को प्राप्त हुई। उन्होंने यह भी कहा कि टैक्स डिवोल्यूशन में निरंतर वृद्धि हो रही है। जीएसटी कलेक्शन और केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के माध्यम से राज्यों को अधिक संसाधन मिल रहे हैं। इसे नजर अंदाज कर केंद्र पर भेदभाव का आरोप लगाना तथ्यों के विपरीत है। भाजपा की ओर से प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, विधायक रणधीर शर्मा, विनोद कुमार, बलबीर वर्मा, त्रिलोक जम्वाल और प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा उपस्थित रहे।