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Himachal: शर्तें पूरी करने पर सीबीएसई संबद्ध स्कूल दो शिफ्टों में चला सकेंगे कक्षाएं, जानें पूरा मामला

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Mon, 02 Mar 2026 07:39 PM IST
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सार

सीबीएसई से संबद्ध राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में कक्षाएं दो शिफ्टों में लग सकेंगी। इसके लिए विभाग ने शर्तें की तय की हैं। 

CBSE affiliated schools have seen an increase in student numbers, allowing classes to run in two shifts
सरकारी स्कूल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई से संबद्ध राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में कक्षाएं दो शिफ्टों में लग सकेंगी। इसके लिए विभाग ने शर्तें की तय की हैं। यह एक अस्थायी व्यवस्था होगी। स्कूल शिक्षा निदेशालय के अनुसार राज्य भर में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध कई सरकारी स्कूलों में चल रही दाखिला प्रक्रिया के दौरान नामांकन में काफी वृद्धि हुई है। यह देखा गया है कि केवल सेक्शन की पाबंदियों या जगह की कमी के कारण योग्य विद्यार्थियों को दाखिला देने से मना करना जनहित और अच्छी शिक्षा तक सभी की बराबर पहुंच सुनिश्चित करने के मकसद के खिलाफ होगा।  इसलिए स्कूलों में बढ़ते दाखिलों और मौजूदा आधारभूत संरचना की दिक्कतों की वजह से विद्यार्थियों के ज्यादा दबाव को देखते हुए राज्य में सीबीएसई से जुड़े ऐसे सभी सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को एक खास और अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था के तौर पर तुरंत प्रभाव से अगले आदेश तक सशर्त दो शिफ्ट में काम करने की इजाजत होगी। इसके लिए शर्तें लागू रहेंगी। 

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दो शिफ्टों के लिए रहेंगी ये शर्तें
ऐसे मामलों में जहां आसपास के सरकारी स्कूलों के डाउनग्रेड होने, मर्ज होने या बंद होने की वजह से जरूरी आधारभूत ढांचा उपलब्ध हो जाता है या बिना किराये की जगह या दूसरे सरकारी भवन या दूसरा सही सार्वजनिक आधारभूत संरचना होने पर संबंधित प्रिंसिपल निदेशालय से सलाह करके सीबीएसई नियमों के अनुसार स्कूल के सेक्शन या प्राइमरी, मिडिल या सेकेंडरी विंग को बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। यदि ये  दो ऑप्शन मुमकिन हैं तो स्कूल दो शिफ्ट में कक्षाएं चलाएगा। दोनों शिफ्ट के बीच काफी टाइम गैप सुनिश्चित किया जाएगा ताकि सही तरीके से बदलाव, सुरक्षा, सफाई और असरदार अकादमिक सुपरविजन हो सके। आम तौर पर जूनियर कक्षाएं सुबह की शिफ्ट में और सीनियर सेकेंडरी कक्षाएं शाम की शिफ्ट में लगेंगी। संबंधित प्रिंसिपल, संबंधित एसएमसी के साथ सलाह करके शिफ्ट सिस्टम के विस्तृत संचालन तरीकों को अंतिम रूप दे सकेंगे। इसके अलावा विद्यार्थियों और अभिभावकों को बिना किसी दबाव के उनकी पसंद, सुविधा और इच्छा के आधार पर आसपास के सरकारी स्कूलों में एडमिशन लेने के लिए सही सलाह और सुविधा दी जा सकती है। 

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अस्थायी होगी दो शिफ्टों की व्यवस्था
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था को स्थायी उपाय नहीं माना जाएगा और यह सक्षम अधिकारी की ओर से समय-समय पर समीक्षा के अधीन रहेगा। राज्य सरकार या निदेशालय के पास तय नियमों का पालन नहीं करने, सही इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता, या एनरोलमेंट के दबाव में कमी वगैरह की स्थिति में किसी भी समय इस व्यवस्था को बदलने, वापस लेने या बंद करने का अधिकार सुरक्षित है।  इस संबंध में स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली की ओर से निर्देशों में साफ किया गया है कि संबंधित प्रिंसिपल इन शर्तों को असरदार तरीके से लागू करने, लगातार निगरानी करने और सख्ती से पालन करने के लिए खुद जिम्मेदार होंगे और दोनों शिफ्ट में संस्थान का काम आसानी से, सुरक्षित और अनुशासित तरीके से चलता रहे, इसके लिए जरूरी  गाइडलाइन जारी करेंगे। 

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