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Himachal: सीएम सुक्खू बोले- सरकार राज्य पोषण नीति बनाएगी, कंडाघाट कंपोजिट टेस्टिंग लैब बनेगी विश्व स्तरीय

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 14 Jan 2026 05:23 PM IST
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सार

बुधवार को स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में पोषण नीति बनाएगी। 

CM sukhvinder Sukhu said the govt will make a state nutrition policy
सीएम सुखविंद्र सुक्खू ने की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता। - फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में पोषण नीति बनाएगी। इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री माताओं सहित सभी संवेदनशील वर्गों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाने के लिए समयबद्ध और प्रभावी कदम उठाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग की कंडाघाट स्थित कंपोजिट टेस्टिंग लैब को विश्व स्तरीय हाई एंड टेक्नोलॉजी से लैस किया जाएगा, ताकि सूक्ष्म और सटीक विश्लेषण और दक्षता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के लिए प्रथम चरण में बद्दी, मंडी, कांगड़ा और शिमला शहर में भी क्षेत्रीय प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।

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द्वितीय चरण में सभी जिलों में इस तरह की प्रयोगशालाएं खोली जाएंगी। सुक्खू ने कहा कि राज्य में न्यूट्रीशनल सर्विलांस को और सघन किया जाएगा। खाद्य पदार्थों की जांच सुनिश्चित कर उनमें उपलब्ध पोषक तत्वों की प्रोफाइलिंग और मैपिंग की जाएगी। उन्होंने विभाग को सार्वजनिक वितरण प्रणाली, आंगनबाड़ी और मिड-डे मील सहित अन्य योजनाओं में प्रदान किए जाने वाले खाद्यानों की भी समय-समय पर जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से जांच, जागरूकता क्षमता विकास और प्रशिक्षण के लिए मोबाइल वैन का उपयोग किया जाएगा, ताकि सभी जिलों में विभाग की कार्यप्रणाली को और सुदृढ़ किया जा सके।

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उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली को सुगम एवं समयबद्ध बनाने के लिए नवीनतम सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग सुनिश्चित करने और सारी प्रक्रियाओं का डिजिटाइजेशन करने के निर्देश भी दिए। विभाग द्वारा खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने तथा इसकी जांच के नतीजों सहित सभी प्रक्रियाओं के डिजिटल निष्पादन के लिए स्टेट पोर्टल विकसित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्टेट न्यूट्रिशन डेटाबेस भी तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य पदार्थों में पोषक तत्वों की कमी तथा कीटनाशकों के कारण लोगों में बीमारियों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। प्रदेश सरकार इन दोनों विषयों पर गम्भीरता से विचार कर समाधान के लिए प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि इसी के दृष्टिगत प्रदेश सरकार राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है और इससे जुड़े किसानों को प्रोत्साहित कर विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित किया जा रहा है। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को निरंतर सुदुढ़ कर रही है। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में विश्व स्तरीय मापदंडों को अपनाया जा रहा है। हर चिकित्सा महाविद्यालय में आईसीयू स्थापित किए जा रहे हैं तथा अस्पतालों में विश्वस्तरीय चिकित्सक-मरीज अनुपात दर को अपनाया जा रहा है। बैठक में निदेशक डीडीटीजी डॉ. निपुण जिंदल, विशेष सचिव स्वास्थ्य अश्वनी शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन जितेंद्र सांजटा एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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