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LPG Crisis: हिमाचल में गहराया व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों का संकट; दो दिन का बचा स्टाॅक, कारोबारी परेशान

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 11 Mar 2026 05:00 AM IST
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सार

गैस कंपनियों के बद्दी और ऊना स्थित बाटलिंग प्लांट में व्यावसायिक सिलिंडरों की रिफिलिंग का काम बंद होने से बाजार में नई सप्लाई नहीं पहुंच पा रही है। 

LPG Commercial cylinder crisis deepens in Himachal; two days supply left, traders worried
हिमाचल में गहराया व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों का संकट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

 हिमाचल प्रदेश में व्यावसायिक एलपीजी गैस सिलिंडरों का संकट गहराने लगा है। हालात ये हैं कि कई जिलों में गैस वितरकों के पास होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को देने के लिए महज दो दिन की ही सप्लाई बची है। गैस कंपनियों के बद्दी और ऊना स्थित बाटलिंग प्लांट में व्यावसायिक सिलिंडरों की रिफिलिंग का काम बंद होने से बाजार में नई सप्लाई नहीं पहुंच पा रही है। स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले एक सप्ताह में पर्यटन स्थलों सहित प्रदेशभर में होटल और ढाबा कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान, इस्राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब देश के पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई चेन पर भी पड़ने लगा है। 

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नए सिलिंडर भरने का काम बंद किया
इसके चलते कई राज्यों की तरह हिमाचल में भी व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों की उपलब्धता प्रभावित हुई है। बद्दी और ऊना के बाटलिंग प्लांट में पिछले कुछ दिनों से रिफिलिंग का काम सीमित हो गया था, अब नए सिलिंडर भरने का काम बंद कर दिया गया है। इससे बाजार में सिलिंडरों की कमी महसूस होने लगी है। प्रदेश के प्रमुख पर्यटन शहरों शिमला, मनाली, धर्मशाला और कसौली में होटल और रेस्टोरेंट संचालक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। प्रदेश के कई गैस वितरकों के पास व्यावसायिक एलपीजी गैस सिलिंडरों का स्टाक समाप्त हो गया है। कुछ के पास एक-दो दिन का ही स्टाॅक पड़ा है। नई बुकिंग भी अब नहीं हो रही है। यदि अगले कुछ दिनों में सप्लाई बहाल नहीं हुई तो हिमाचल का पर्यटन सीजन भी प्रभावित हो सकता है।

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जमा खोरी करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई
खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की कृत्रिम कमी, जमाखोरी या कालाबाजारी पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गैस एजेंसियों को स्टॉक और बिक्री का पूरा रिकॉर्ड बनाए रखने और संभावित कमी की स्थिति में तुरंत विभाग को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। सभी पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों को आवश्यक पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी का पर्याप्त भंडारण बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि मौजूदा राष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए मोटर स्पिरिट, हाई स्पीड डीजल और एलपीजी की सप्लाई में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए सभी एजेंसियां अपनी अधिकतम क्षमता तक स्टॉक बनाए रखें।

रसोई गैस की उचित आपूर्ति को सुनिश्चित करेंगे : गुप्ता
 
मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में रसोई गैस की उचित आपूर्ति को सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बुधवार को वह इस संबंध में अधिकारियों की बैठक बुलाएंगे। उपायुक्तों को भी इस संबंध में उचित निर्देश जारी किए जाएंगे। 
 

व्यावसायिक गैस सिलिंडर नहीं मिले तो 20 फीसदी उद्योग हो जाएंगे बंद
वहीं प्रदेश में व्यावसायिक सिलिंडरों की कमी का असर जहां होटलों, रेस्तरां व ढाबों पर पड़ा है, वहीं इससे अब प्रदेश के उद्योगों को भी भारी क्षति पहुंचेगी। मौजूदा समय में प्रदेश के अधिकांश फार्मा व गत्ता उद्योगों में रोजाना गैस सिलिंडरों का भी काम रहता है। इसमें कई गत्ता उद्योग अभी भी गैस सिलिंडरों पर चलते हैं। अगर सिलिंडर बंद होते हैं तो 20 फीसदी तक उद्योगों के बंद होने के नौबत आ जाएगी। आगामी 15 से 20 दिनों में उद्योगों में ताले लटक सकते हैं, क्योंकि अगर वह बिजली पर उद्योगों को शिफ्ट करते हैं तो दो से तीन गुना अधिक खर्च पड़ेगा और छोटे उद्योगपति इसे सहन नहीं कर पाएंगे। दूसरी ओर कच्चे माल के दाम 25 फीसदी तक बढ़ने से अब दवाएंं और महंगी हो जाएगी। बीबीएन में फार्मा उद्योग में सबसे ज्यादा कच्चा माल चीन से आता है। खाड़ी युद्ध के चलते जमाखोरी शुरू हो गई है। कच्चा माल सप्लायरों ने जमा करना शुरू कर दिया है। वहीं भाड़ा भी जहां पर पहले 15 फीसदी था वह बढ़कर 45 फीसदी हो गया है।

कच्चे माल के दाम बढ़ने से चाइना से आने वाले कच्चा माल के दाम अचानक बढ़ गए हैं। सप्लायरों ने जमाखोरी करना शुरू कर दी है। कच्चा माल ब्लैक हो रहा है। जिसके दाम 25 फीसदी तक बढ़कर आ रहे हैं। इसका सीधा असर छोटे उद्योगों पर ज्यादा पड़ रहा है। अगर यह बंद हुए तो उद्योग बंद करने की नौबत आ जाएगी।- चिरंजीव ठाकुर, प्रदेशाध्यक्ष भारत उद्योग संघ

3000 का मिल रहा सिलिंडर, बंद हुआ तो मुश्किल
एक फार्मा उद्योग में कम से पांच व अधिक से अधिक 20 एलपीजी के व्यावसायिक सिलिंडर लगते हैं। लेकिन अचानक गैस सप्लाई बंद होने से ब्लैक में सिलिंडर मिल रहे हैं। जो पहले 1,850 का सिलिंडर मिलता था, वह अब 3,000 में मिल रहा है। अगर वह भी बंद हो जाएगा, तो दिक्कतें बढ़ जाएंगी। -सुरेश गर्ग, फार्मा उद्योग संचालक

गैस सिलिंडरों पर ही निर्भर
उद्योगों में गैस सिलिंडरों से काफी काम होता है। उद्योगपति अपनी सहूलियत के अनुसार एलपीजी व बिजली से काम करते है। अचानक व्यावसायिक सिलिंडर बंद होने से अब उद्योग में बिजली की अधिक मांग बढ़ गई है। लेकिन उसके लिए उद्योगों को अलग से व्यवस्था करनी पड़ेगी जिसका अतिरिक्त व्यय होगा। -शैलेष अग्रवाल, मुख्य सलाहकार बीबीएनआईए
 

गत्ता उद्योगों में 50 फीसदी उद्योग गैस सिलिंडरों पर निर्भर हैं। अगर गैस बंद हो जाती है तो उद्योगों को बिजली पर शिफ्ट करना पड़ेगा, जिससे उन पर दोहरी मार पड़ेगी और उन्हें कारोबार बंद करने की नौबत आ जाएगी। 20 फीसदी उद्योग बंद होने के कगार पर पहुंच जाएंगे। - सुरेंद्र जैन, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष गत्ता उद्योग संघ

फेडरेशन ऑफ होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने पेट्रोलियम मंत्री को लिखा पत्र
हिमाचल में वाणिज्यिक एलपीजी सिलिंडरों की कमी को लेकर होटल उद्योग ने चिंता जताई है। फेडरेशन ऑफ हिमाचल होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र चंद ठाकुर ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर समस्या के समाधान की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और कैटरिंग संस्थान संचालन के लिए एलपीजी पर निर्भर हैं। पर्यटन सीजन में मांग और बढ़ जाती है। ऐसे में आपूर्ति बाधित होने से होटल उद्योग और पर्यटन अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है। संघ ने सरकार से पर्याप्त और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपील की है।

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