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Shimla News: नेपाल से शिमला के लिए नशा तस्करी का भंडाफोड़, 9.28 किलोग्राम अफीम बरामद
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में 50 लाख रुपये की बताई जा अफीम की कीमत, पहले भी सामने आ चुके हैं कई बड़े मामले
कुमारसैन में पुलिस ने सूचना के आधार पर की कार्रवाई
12 लाख रुपये नकदी भी की गई आरोपियों से बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नेपाल से शिमला के लिए अफीम तस्करी के नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। कुमारसैन में सूचना के आधार पर पुलिस ने 9.28 किलोग्राम अफीम के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
तीनों आरोपी मूल रूप से नेपाल के रहने वाले हैं। इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 लाख रुपये नगदी भी बरामद की है। आरोपियों की पहचान एन बहादुर उर्फ राजू निवासी गांव घरती, डाकघर लिमशा, तहसील जाजरकोट भैरी आंचल, नेपाल, चक्रा बहादुर निवासी गांव नलगार, डाकघर लिमशा, तहसील जाजरकोट भैरी आंचल, नेपाल और मोहन साही निवासी गांव दांग, डाकघर और तहसील भरतपुर रावती आंचल, नेपाल के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों को उस समय दबोचा जब वह नशा बेचने की फिराक में थे।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्जकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार 10 अप्रैल को डिटेक्शन सेल की टीम रामपुर नियमित गश्त के दौरान नारकंडा क्षेत्र में मौजूद थी। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि क्षेत्र में अफीम की बड़े पैमाने पर खरीद फरोख्त हो रही है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नारकंडा में नाकाबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान शक के आधार पर एक इनोवा वाहन को जांच के लिए रोका गया। पुलिस ने स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में वाहन की तलाशी ली तो उसमें 9.28 किलोग्राम अफीम और 12 लाख रुपये की नगदी बरामद हुई।
पुलिस ने नशा और नगदी को कब्जे में लेने के साथ ही कानूनी औपचारिकताओं को पूरा किया और कुमारसैन थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा धारा 18, 29 के तहत दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी नेपाल से अफीम की खेप लेकर आए थे। पुलिस अब इस बात की छानबीन कर रही है कि पकड़ी गई नगदी कहां से आई। इसका संबंध कहीं नशे की खरीद फरोख्त से तो नहीं जुड़ा है।
वर्ष 2024 में पकड़ा था अफीम तस्करी का बड़ा मामला
नेपाल से शिमला के लिए सालों से अफीम की तस्करी हो रही है। वर्ष 2024 में शिमला पुलिस ने इसी तरह से एक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। इसमें पुलिस ने मुख्य सरगना रवि गिरि को गिरफ्तार किया था। मामला उस समय सामने आया था जब 3 जून 2024 को ठियोग पुलिस ने मतियाना के पास गाड़ी की तलाशी के दौरान करीब डेढ़ किलो अफीम बरामद की। मामले में पुलिस तिलक बोहरा निवासी गांव जिमली वार्ड नंबर 5 जिला स्लयान नेपाल और शुभा बोध निवासी बड़ागांव थिगाना माफीकोट अंचल रापती जिला पश्चिम रुक्कम ओडा नेपाल को गिरफ्तार किया था। मामले की गहनता से जांच के बाद पुलिस को कई अहम सबूत हाथ लगे। इस आधार पर पुलिस ने रवि गिरि को नारकंडा से गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा था कि इसके अलावा आईएसबीटी में पकड़ी गई 3 किलो 890 ग्राम अफीम के मामले में भी रवि की संलिप्तता थी।
कोट
पुलिस ने नारकंडा में सूचना के आधार पर 9.28 किलोग्राम अफीम के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12 लाख रुपये की नगदी भी बरामद की है। पकड़ी गई अफीम की कीमत 50 लाख रुपये आंकी जा रही है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए गहनता से जांच कर रहा है।
-गौरव सिंह, एसएसपी शिमला
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कुमारसैन में पुलिस ने सूचना के आधार पर की कार्रवाई
12 लाख रुपये नकदी भी की गई आरोपियों से बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नेपाल से शिमला के लिए अफीम तस्करी के नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। कुमारसैन में सूचना के आधार पर पुलिस ने 9.28 किलोग्राम अफीम के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
तीनों आरोपी मूल रूप से नेपाल के रहने वाले हैं। इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 लाख रुपये नगदी भी बरामद की है। आरोपियों की पहचान एन बहादुर उर्फ राजू निवासी गांव घरती, डाकघर लिमशा, तहसील जाजरकोट भैरी आंचल, नेपाल, चक्रा बहादुर निवासी गांव नलगार, डाकघर लिमशा, तहसील जाजरकोट भैरी आंचल, नेपाल और मोहन साही निवासी गांव दांग, डाकघर और तहसील भरतपुर रावती आंचल, नेपाल के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों को उस समय दबोचा जब वह नशा बेचने की फिराक में थे।
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पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्जकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार 10 अप्रैल को डिटेक्शन सेल की टीम रामपुर नियमित गश्त के दौरान नारकंडा क्षेत्र में मौजूद थी। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि क्षेत्र में अफीम की बड़े पैमाने पर खरीद फरोख्त हो रही है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नारकंडा में नाकाबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान शक के आधार पर एक इनोवा वाहन को जांच के लिए रोका गया। पुलिस ने स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में वाहन की तलाशी ली तो उसमें 9.28 किलोग्राम अफीम और 12 लाख रुपये की नगदी बरामद हुई।
पुलिस ने नशा और नगदी को कब्जे में लेने के साथ ही कानूनी औपचारिकताओं को पूरा किया और कुमारसैन थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा धारा 18, 29 के तहत दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी नेपाल से अफीम की खेप लेकर आए थे। पुलिस अब इस बात की छानबीन कर रही है कि पकड़ी गई नगदी कहां से आई। इसका संबंध कहीं नशे की खरीद फरोख्त से तो नहीं जुड़ा है।
वर्ष 2024 में पकड़ा था अफीम तस्करी का बड़ा मामला
नेपाल से शिमला के लिए सालों से अफीम की तस्करी हो रही है। वर्ष 2024 में शिमला पुलिस ने इसी तरह से एक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। इसमें पुलिस ने मुख्य सरगना रवि गिरि को गिरफ्तार किया था। मामला उस समय सामने आया था जब 3 जून 2024 को ठियोग पुलिस ने मतियाना के पास गाड़ी की तलाशी के दौरान करीब डेढ़ किलो अफीम बरामद की। मामले में पुलिस तिलक बोहरा निवासी गांव जिमली वार्ड नंबर 5 जिला स्लयान नेपाल और शुभा बोध निवासी बड़ागांव थिगाना माफीकोट अंचल रापती जिला पश्चिम रुक्कम ओडा नेपाल को गिरफ्तार किया था। मामले की गहनता से जांच के बाद पुलिस को कई अहम सबूत हाथ लगे। इस आधार पर पुलिस ने रवि गिरि को नारकंडा से गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा था कि इसके अलावा आईएसबीटी में पकड़ी गई 3 किलो 890 ग्राम अफीम के मामले में भी रवि की संलिप्तता थी।
कोट
पुलिस ने नारकंडा में सूचना के आधार पर 9.28 किलोग्राम अफीम के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12 लाख रुपये की नगदी भी बरामद की है। पकड़ी गई अफीम की कीमत 50 लाख रुपये आंकी जा रही है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए गहनता से जांच कर रहा है।
-गौरव सिंह, एसएसपी शिमला