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हिमाचल: 13 साल से ड्यूटी कर रहे 160 कर्मियों की गई नौकरी, आज से काम पर आने की मनाही; जानें पूरा मामला
Thu, 01 Oct 2026 11:22 AM IST
Ankesh Dogra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Thu, 01 Oct 2026 11:22 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश के श्रम एवं रोजगार विभाग में लंबे समय से काम कर रहे करीब 160 आउटसोर्स डाटा एंट्री ऑपरेटरों के भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। करीब 13 साल की सेवा के बाद उनका सेवाकाल समाप्त हो गया है। कर्मचारियों के अनुसार उन्हें काम जारी रखने को लेकर अभी तक स्पष्ट लिखित आदेश नहीं मिला है। वहीं, विभागीय स्तर पर सेवा विस्तार से संबंधित प्रक्रिया लंबित बताई जा रही है। कर्मचारी अब सरकार से हस्तक्षेप की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : एआई
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के श्रम एवं रोजगार विभाग में लंबे समय से सेवाएं दे रहे करीब 160 आउटसोर्स डाटा एंट्री ऑपरेटरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। ये कर्मचारी करीब 13 वर्षों से विभाग के अलग-अलग कार्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं। अब सेवाकाल समाप्त होने के बाद उनके भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि इतने लंबे समय तक विभाग में काम करने के बावजूद फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें आगे सेवा में रखा जाएगा या नहीं। बताया जा रहा है कि कर्मचारियों का मौजूदा सेवाकाल 30 सितंबर को समाप्त हो गया है।
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1 अक्तूबर से काम को लेकर असमंजस
सेवाकाल समाप्त होने के बाद कर्मचारियों के बीच इस बात को लेकर चिंता बढ़ गई है कि उन्हें अगले दिन से कार्यालय में काम करना है या नहीं। विभागीय स्तर पर जिला रोजगार अधिकारियों को कर्मचारियों को लेकर मौखिक निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें सेवा समाप्त करने या काम पर नहीं आने के संबंध में कोई स्पष्ट लिखित आदेश नहीं मिला है। यही वजह है कि कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर असमंजस में हैं।
13 साल से विभाग में दे रहे सेवाएं
इन कर्मचारियों की नियुक्ति आउटसोर्स आधार पर हुई थी और वे पिछले करीब 13 वर्षों से विभाग के कामकाज में सहयोग कर रहे हैं। इतने लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद अचानक नौकरी को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता ने कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। कर्मचारियों का कहना है कि उनके परिवारों की आर्थिक जरूरतें इन नौकरियों से जुड़ी हैं। ऐसे में सेवा विस्तार नहीं होने पर उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो सकता है।
सेवाकाल समाप्त होने के बाद कर्मचारियों के बीच इस बात को लेकर चिंता बढ़ गई है कि उन्हें अगले दिन से कार्यालय में काम करना है या नहीं। विभागीय स्तर पर जिला रोजगार अधिकारियों को कर्मचारियों को लेकर मौखिक निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें सेवा समाप्त करने या काम पर नहीं आने के संबंध में कोई स्पष्ट लिखित आदेश नहीं मिला है। यही वजह है कि कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर असमंजस में हैं।
13 साल से विभाग में दे रहे सेवाएं
इन कर्मचारियों की नियुक्ति आउटसोर्स आधार पर हुई थी और वे पिछले करीब 13 वर्षों से विभाग के कामकाज में सहयोग कर रहे हैं। इतने लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद अचानक नौकरी को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता ने कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। कर्मचारियों का कहना है कि उनके परिवारों की आर्थिक जरूरतें इन नौकरियों से जुड़ी हैं। ऐसे में सेवा विस्तार नहीं होने पर उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो सकता है।
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सेवा विस्तार की प्रक्रिया पर नजर
विभागीय जानकारी के अनुसार कर्मचारियों के सेवाकाल को आगे बढ़ाने से संबंधित फाइल उच्च स्तर पर विचाराधीन है। अंतिम फैसला होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इन कर्मचारियों को आगे काम करने का अवसर मिलेगा या नहीं
विभाग की ओर से यह भी बताया गया है कि जिन योजनाओं और कार्यों के लिए कुछ कर्मचारियों की सेवाएं ली गई थीं, उनमें बदलाव आया है। इसी वजह से कर्मचारियों की जरूरत और भविष्य की व्यवस्था को लेकर भी विभागीय स्तर पर विचार किया जा रहा है।
विभागीय जानकारी के अनुसार कर्मचारियों के सेवाकाल को आगे बढ़ाने से संबंधित फाइल उच्च स्तर पर विचाराधीन है। अंतिम फैसला होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इन कर्मचारियों को आगे काम करने का अवसर मिलेगा या नहीं
विभाग की ओर से यह भी बताया गया है कि जिन योजनाओं और कार्यों के लिए कुछ कर्मचारियों की सेवाएं ली गई थीं, उनमें बदलाव आया है। इसी वजह से कर्मचारियों की जरूरत और भविष्य की व्यवस्था को लेकर भी विभागीय स्तर पर विचार किया जा रहा है।
कर्मचारी महासंघ ने सरकार से मांगा हस्तक्षेप
आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़े संगठन ने सरकार से मामले में जल्द फैसला लेने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि जिन्होंने वर्षों तक विभाग में काम किया है, उनके भविष्य को अचानक अनिश्चितता में नहीं छोड़ा जाना चाहिए। कर्मचारी संगठन चाहता है कि सरकार मामले को गंभीरता से लेते हुए सेवा विस्तार पर जल्द निर्णय करे, ताकि लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों और उनके परिवारों को राहत मिल सके।
आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़े संगठन ने सरकार से मामले में जल्द फैसला लेने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि जिन्होंने वर्षों तक विभाग में काम किया है, उनके भविष्य को अचानक अनिश्चितता में नहीं छोड़ा जाना चाहिए। कर्मचारी संगठन चाहता है कि सरकार मामले को गंभीरता से लेते हुए सेवा विस्तार पर जल्द निर्णय करे, ताकि लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों और उनके परिवारों को राहत मिल सके।
सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें
फिलहाल इन 160 कर्मचारियों का भविष्य सरकार और विभागीय स्तर पर होने वाले निर्णय पर निर्भर है। यदि सेवा विस्तार को मंजूरी मिलती है तो कर्मचारियों को दोबारा काम जारी रखने का रास्ता साफ हो सकता है।
वहीं, यदि सेवा विस्तार नहीं होता है तो लंबे समय से विभाग में काम कर रहे इन कर्मचारियों के सामने रोजगार का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। इसलिए कर्मचारी अब सरकार के अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।
फिलहाल इन 160 कर्मचारियों का भविष्य सरकार और विभागीय स्तर पर होने वाले निर्णय पर निर्भर है। यदि सेवा विस्तार को मंजूरी मिलती है तो कर्मचारियों को दोबारा काम जारी रखने का रास्ता साफ हो सकता है।
वहीं, यदि सेवा विस्तार नहीं होता है तो लंबे समय से विभाग में काम कर रहे इन कर्मचारियों के सामने रोजगार का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। इसलिए कर्मचारी अब सरकार के अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।