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Himachal News: हिमाचल में 13.28 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ नष्ट, 10 स्थानों पर एक साथ हुई बड़ी कार्रवाई
Fri, 26 Jun 2026 02:58 PM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Fri, 26 Jun 2026 02:58 PM IST
सार
अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी निवारण दिवस पर हिमाचल प्रदेश में 'एंटी-चिट्टा दिवस' मनाते हुए 10 स्थानों पर एनडीपीएस मामलों में जब्त 13.28 करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया गया। पुलिस ने इसे ड्रग माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताते हुए लोगों से नशा तस्करी की सूचना 112 पर देने की अपील की।
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मुख्य सचिव केके पंत बैठक की अध्यक्षता करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी 'एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन' के तहत शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी निवारण दिवस के अवसर पर पूरे हिमाचल प्रदेश में 'एंटी-चिट्टा दिवस' मनाया गया। इस दौरान प्रदेशभर के 10 स्थानों पर एनडीपीएस अधिनियम के तहत विभिन्न मामलों में जब्त किए गए नशीले पदार्थों का वैज्ञानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत सामूहिक रूप से निस्तारण किया गया।
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हिमाचल प्रदेश पुलिस के अनुसार, नष्ट किए गए मादक पदार्थों का अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य करीब 13.28 करोड़ रुपये है। यह हिमाचल के इतिहास में पहली बार हुआ है, जब पूरे प्रदेश में एक साथ इतने बड़े स्तर पर नशीले पदार्थों के निस्तारण की कार्रवाई की गई। इस अभियान को मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में मुख्य सचिव कमलेश पंत ने फ्लैग ऑफ कर मॉनिटर किया।
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पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल जब्त मादक पदार्थों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि ड्रग माफिया को कड़ा संदेश देना, युवाओं को चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों से बचाना तथा समाज को नशा मुक्त अभियान से जोड़ना भी है। इसी अवसर पर प्रदेश की नशे से अधिक प्रभावित पंचायतों में नशा निवारण समितियों की बैठकें आयोजित की गईं। इनमें पंचायत प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने और राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने पर चर्चा की।
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प्रदेशभर के सरकारी एवं निजी स्कूलों, शिक्षण संस्थानों और सरकारी कार्यालयों में एंटी-चिट्टा ई-शपथ भी दिलाई गई। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने लोगों से अपील की है कि चिट्टा या अन्य किसी भी मादक पदार्थ की तस्करी, बिक्री, भंडारण अथवा सेवन से संबंधित सूचना तत्काल 112 या निकटतम पुलिस थाने में दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व, जनसहयोग और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से 'चिट्टा-मुक्त हिमाचल' का लक्ष्य अवश्य हासिल किया जाएगा।