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हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र: संस्थान बंद करने के मुद्दे पर सदन में संग्राम, सुक्खू-जयराम आमने-सामने
Tue, 01 Sep 2026 11:50 AM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Tue, 01 Sep 2026 11:50 AM IST
सार
हिमाचल विधानसभा में मंगलवार को संस्थानों को बंद, विलय और डिनोटिफाई करने के मुद्दे पर प्रश्नकाल की शुरुआत में ही सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। करीब आधे घंटे तक मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच तीखी बहस हुई। भाजपा ने बंद संस्थानों का ब्योरा मांगा, जबकि सुक्खू ने जरूरत के आधार पर संस्थान खोलने और पिछली सरकार के फैसलों पर सवाल उठाए।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को प्रश्नकाल की शुरुआत ही तीखी बहस के साथ हुई। संस्थानों को बंद, विलय और डिनोटिफाई करने के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच करीब आधे घंटे तक नोकझोंक होती रही। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू कई बार आमने-सामने हुए। भाजपा विधायकों ने सरकार से पिछले तीन वर्षों में बंद किए गए और नए खोले गए संस्थानों का विस्तृत ब्योरा मांगा।
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क्या था भाजपा विधायकों का सवाल
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, नयना देवी के विधायक रणधीर शर्मा और बिलासपुर के विधायक त्रिलोक जम्वाल ने संयुक्त सवाल के माध्यम से सरकार से पूछा कि 31 जुलाई 2025 तक प्रदेश में कितने संस्थान बंद, विलय या डिनोटिफाई किए गए हैं। विधायकों ने विभागवार और विधानसभा क्षेत्रवार विवरण मांगा। इसके अलावा यह भी पूछा गया कि बंद किए गए संस्थानों में से कितने दोबारा शुरू किए गए। दोबारा खोले गए संस्थानों के पीछे क्या कारण रहे और क्या उनके भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है, इसकी भी जानकारी मांगी गई। भाजपा विधायकों ने यह सवाल भी उठाया कि जिन संस्थानों के भवन अभी तैयार नहीं हुए हैं, उनके निर्माण के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है। इस दौरान विधायक हंस राज समेत अन्य सदस्यों ने अनुपूरक सवाल पूछे, जिस पर सदन में कई बार तीखी बहस हुई।
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जरूरत के अनुसार खोले जाएंगे संस्थान : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार विधायकों की भावनाओं का सम्मान करेगी। जहां संस्थानों की वास्तविक जरूरत होगी, वहां उन्हें खोला जाएगा और आवश्यक स्टाफ भी उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार जरूरत आधारित संस्थान खोलने के पक्ष में है। मुख्यमंत्री ने पिछली भाजपा सरकार पर चुनाव से कुछ महीने पहले राजनीतिक लाभ के लिए संस्थान खोलने की घोषणाएं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कई संस्थान खोल दिए गए, लेकिन वहां पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था नहीं की गई।
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जयराम ने पूछा- बदले की भावना से बंद संस्थान क्यों नहीं खोले
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि जिन संस्थानों को बदले की भावना से बंद किया गया, क्या उन्हें दोबारा खोला गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में आने पर कांग्रेस सरकार के पिछले पांच वर्षों में लिए गए फैसलों की समीक्षा करेगी। जयराम ने यह भी कहा कि जनगणना पूरी होने तक संस्थानों को लेकर घोषणाएं नहीं की जा सकती हैं।
पेपर लीक के बाद चयन बोर्ड बंद करने का दिया हवाला
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि संस्थान बंद करने के फैसले नीतिगत होते हैं, व्यक्तिगत नहीं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं के कारण अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड को बंद किया गया था। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से कहा कि संस्थान खोलने से पहले भाजपा सरकार को पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था करनी चाहिए थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थान खोलना राज्य का विषय है और सरकार की घोषणाएं नियमों के अनुसार की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना पूरी होने के बाद आवश्यकता के अनुसार संस्थानों को अधिसूचित किया जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि जिन संस्थानों को बदले की भावना से बंद किया गया, क्या उन्हें दोबारा खोला गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में आने पर कांग्रेस सरकार के पिछले पांच वर्षों में लिए गए फैसलों की समीक्षा करेगी। जयराम ने यह भी कहा कि जनगणना पूरी होने तक संस्थानों को लेकर घोषणाएं नहीं की जा सकती हैं।
पेपर लीक के बाद चयन बोर्ड बंद करने का दिया हवाला
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि संस्थान बंद करने के फैसले नीतिगत होते हैं, व्यक्तिगत नहीं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं के कारण अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड को बंद किया गया था। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से कहा कि संस्थान खोलने से पहले भाजपा सरकार को पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था करनी चाहिए थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थान खोलना राज्य का विषय है और सरकार की घोषणाएं नियमों के अनुसार की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना पूरी होने के बाद आवश्यकता के अनुसार संस्थानों को अधिसूचित किया जाएगा।