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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal Assembly Session: Two departments lay claim to a tank in Kasauli; CM Sukhu orders an inquiry.

हिमाचल विधानसभा सत्र: कसाैली में एक टैंक पर दो विभागों का दावा, मुख्यमंत्री सुक्खू ने दिए जांच के आदेश

Mon, 31 Aug 2026 05:38 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Mon, 31 Aug 2026 05:38 PM IST
सार

सोलन जिले के कसौली विधानसभा क्षेत्र की कोटबेजा और देवटी पंचायतों में बने पानी के स्टोरेज टैंक को लेकर विधानसभा में सवाल खड़ा हो गया। एक ही टैंक के निर्माण का दावा जल शक्ति विभाग और जाइका परियोजना कर रही हैं। 

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Himachal Assembly Session: Two departments lay claim to a tank in Kasauli; CM Sukhu orders an inquiry.
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के कसौली विधानसभा क्षेत्र की कोटबेजा और देवटी पंचायतों में बने पानी के स्टोरेज टैंक को लेकर विधानसभा में सवाल खड़ा हो गया। एक ही टैंक के निर्माण का दावा जल शक्ति विभाग और जाइका परियोजना कर रही हैं। मामला सामने आने पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं। प्रश्नकाल के दौरान कसौली से कांग्रेस विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने सदन में कहा कि संबंधित पंचायतों में एक ही स्टोरेज टैंक है, लेकिन जल शक्ति विभाग भी उसके निर्माण का दावा कर रहा है और जाइका परियोजना के तहत भी उसी टैंक को बनाया जाना बताया जा रहा है।

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उन्होंने इस पर स्पष्टीकरण मांगते हुए मामले की जांच की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार निर्माण एजेंसी अलग होती है, जबकि वित्तपोषण किसी अन्य विभाग या योजना के माध्यम से किया जाता है। इसलिए वास्तविक स्थिति की जांच करवाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या दोहरी फंडिंग का मामला सामने आता है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। चौपाल से भाजपा विधायक बलबीर वर्मा ने भी पंचायत स्तर पर हो रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।

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उन्होंने कहा कि कई जगह पानी के स्टोरेज टैंक निर्माण के महज एक सप्ताह बाद ही लीकेज करने लगे हैं, जिससे कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। बलबीर वर्मा ने कहा कि पंचायतों में राज्य और केंद्र सरकार की लगभग 18 विभिन्न योजनाओं के तहत विकास कार्य किए जा रहे हैं। ऐसे में यह आशंका बनी रहती है कि कहीं एक ही काम को अलग-अलग योजनाओं में दिखाकर धनराशि का उपयोग तो नहीं किया जा रहा। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक निर्माण कार्य की फोटो, जीपीएस लोकेशन और स्थान का नाम ऑनलाइन अपलोड करने की व्यवस्था की जाए, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और दोहराव की संभावना समाप्त हो।

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इस पर सीएम ने कहा कि यदि किसी पंचायत में कोई गड़बड़ी हुई है तो उसका नाम सरकार को दिया जाए। शिकायत मिलने पर निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी। कहीं गलत हुआ है तो उसे छिपाने की कोई जरूरत नहीं है। संबंधित पंचायतों और कार्यों की जानकारी दी जाए, सरकार पूरी जांच करवाएगी। इस पर बलबीर वर्मा ने कहा कि वह संबंधित मामलों की जानकारी लिखित रूप से मुख्यमंत्री को उपलब्ध करवा देंगे। विधानसभा में उठे इस मुद्दे ने ग्रामीण विकास और पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी तंत्र को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

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