सुरक्षा: बिजली के पोल पर चढ़ते ही खतरे का अलार्म देगा नया डिटेक्टर, हिमाचल में खरीदे गए 1,984 उपकरण
हिमाचल प्रदेश में बिजली लाइनों की मरम्मत करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए विद्युत बोर्ड ने बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने पूरे प्रदेश के लिए 1,984 आधुनिक हाई वोल्टेज डिटेक्टर खरीदे हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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देश में बिजली की लाइनों की मरम्मत और रखरखाव का काम करने वाले कर्मचारियों की जान अब खतरे में नहीं रहेगी। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ने आधुनिक तकनीक से लैस नए हाई वोल्टेज डिटेक्टर (एचवीडी) खरीदे हैं। इनके जरिये बिजली की लाइन में अचानक करंट आने पर पोल पर चढ़ने वाले कर्मचारी को कुछ फीट की दूरी से ही इसका पता चल जाएगा। डिटेक्टर में लगा अलार्म कर्मचारियों को सतर्क करेगा। इससे अब तक अनजाने में लाइन चार्ज होने से कर्मचारियों की जान पर बना रहने वाला खतरा काफी हद तक कम होगा।
बारिश और बर्फबारी के मौसम में बिजली की लाइनों की मरम्मत और रखरखाव के दौरान कई बार लाइन में अचानक करंट आ जाता था। इससे कर्मचारियों को करंट लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं। कई मामलों में कर्मचारियों की मौत तक हो चुकी है। ऐसे में कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बोर्ड की ओर से खरीदे गए हाई वोल्टेज डिटेक्टर मददगार साबित होंगे।
फील्ड कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे प्रदेश के लिए 1,984 हाई वोल्टेज डिटेक्टर खरीदे गए हैं। ये उपकरण लाइन में वोल्टेज की मौजूदगी का पता लगाने में सक्षम हैं। यदि लाइन में करंट या वोल्टेज मौजूद है तो डिटेक्टर अलार्म बजाने के साथ एलईडी लाइट के माध्यम से भी कर्मचारी को सतर्क करेगा। दरअसल, बिजली की लाइनों पर मरम्मत के दौरान अनजाने में बिजली की सप्लाई शुरू होने या दूसरी लाइनों से इंडक्शन के कारण वोल्टेज उत्पन्न होने का खतरा बना रहता है।
बिजली बोर्ड के अनुसार 33 केवी लाइन पर मरम्मत के दौरान 13 फीट, 11 केवी लाइन पर छह फीट और 440 वोल्ट की लाइन पर चार फीट की दूरी से ही अलार्म बजने लगेगा। इसके अलावा 22 और 66 केवी लाइनों के लिए भी अलग-अलग अलर्ट दूरी निर्धारित की गई है। बिजली बोर्ड के अनुसार यह उपकरण पोर्टेबल है। ऐसे में कर्मचारी इसे आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले
जा सकेंगे।
कार्यस्थल पर सुरक्षा होगी मजबूत : हाई वोल्टेज डिटेक्टर के इस्तेमाल से बिजली कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। हालांकि, पहले भी आवश्यक सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया जाता रहा है। - रणवीर ठाकुर, अध्यक्ष, राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ