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हिमाचल प्रदेश: तीन साल में बिजली उपभोक्ताओं पर 2,151 करोड़ का अतिरिक्त बोझ, बिलों के जरिये हुई वसूली

Thu, 03 Sep 2026 09:45 AM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Thu, 03 Sep 2026 09:45 AM IST
सार

Himachal Electricity Bill: हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में बिजली उपभोक्ताओं से विभिन्न शुल्क और उपकर के माध्यम से 2,151.46 करोड़ रुपये वसूले गए हैं। विधानसभा में सरकार की ओर से दिए गए जवाब के अनुसार सबसे ज्यादा 1,815.77 करोड़ रुपये बिजली शुल्क से जुटाए गए। इसके अलावा स्वच्छता, दूध, नगर पालिका और पर्यावरण समेत अन्य उपकर भी बिजली बिलों के माध्यम से वसूले गए। चालू वित्त वर्ष में जुलाई तक 269.33 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं।

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himachal electricity consumers 2151 crore additional burden
बिजली (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल के बिजली उपभोक्ताओं पर पिछले तीन वर्षों में अलग-अलग शुल्क और उपकर के माध्यम से 2151.46 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ा है। राज्य बिजली बोर्ड ने यह राशि बिजली बिलों के माध्यम से वसूल की। विधानसभा में बिलासपुर के विधायक त्रिलोक जम्वाल के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी।

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वित्त वर्ष 2023-24 से जुलाई 2026 तक हुई वसूली में सबसे बड़ा हिस्सा बिजली शुल्क का रहा। इससे 1815.77 करोड़ रुपये जुटाए गए। वहीं, स्वच्छता उपकर से 163.44 करोड़, दूध उपकर से 146.79 करोड़ और नगर पालिका कर से 14 करोड़ रुपये वसूले गए। पर्यावरण उपकर के रूप में 2.18 करोड़ और बैंकिंग, बीमा, वाणिज्यिक वित्त उपकर से 4.86 करोड़ रुपये मिले। 

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2023-24 में उपभोक्ताओं से 482.89 करोड़ रुपये शुल्क के रूप में वसूले गए। 2024-25 में यह बढ़कर 636.15 करोड़ और 2025-26 में 756.06 करोड़ रुपये पहुंच गया। यह तीन वर्षों में सबसे अधिक रहा। चालू वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल से जुलाई तक ही 269.33 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। यानी पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले शुरुआती चार महीनों में ही बड़ी राशि बिलों के माध्यम से जुटाई गई है।

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तीन साल में कई बार बढ़े दाल, तेल और चीनी के दाम
प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और राज्य विशेष अनुदानित योजना में मिलने वाले राशन पर भी महंगाई का असर साफ दिखाई दे रहा है। पिछले तीन वर्षों में दालों, खाद्य तेल और चीनी के दामों में कई बार बढ़ोतरी हुई है। विधायक त्रिलोक जमवाल के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि बाजार दरों में उतार-चढ़ाव, कच्चे माल की उपलब्धता, मांग और आपूर्ति की स्थिति, ई-टेंडरिंग के माध्यम से होने वाली खरीद के कारण राशन सामग्री के दाम समय-समय पर बढ़ाने पड़े। राज्य के लाखों राशन कार्डधारकों को आज भी बाजार की तुलना में सस्ती दरों पर दालें, खाद्य तेल, नमक, चीनी, चावल और गेहूं उपलब्ध करवाया जा रहा है। बावजूद कई वस्तुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
 

कांस्टेबल भर्ती के आवेदन के लिए नहीं बढ़ेगी तिथि
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि अब और नहीं बढ़ाई जाएगी। भर्ती के लिए अब तक 98,719 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। भर्ती का विज्ञापन 10 जुलाई 2026 को जारी किया गया था। आवेदन की मूल अंतिम तिथि छह अगस्त थी। इस अवधि में करीब 65 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। सरकार ने सभी अभ्यर्थियों को एकमुश्त एक वर्ष की आयु सीमा में छूट देते हुए आवेदन की अंतिम तिथि 21 अगस्त तक बढ़ाई। इसके बाद हिमाचल प्रदेश होमगार्ड कर्मियों को एकमुश्त पांच वर्ष की आयु सीमा में छूट दी गई। साथ ही आवेदन की अंतिम तिथि 5 सितंबर 2026 तक बढ़ाई गई।
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