हिमाचल प्रदेश: आरडीजी फंड में देरी पर बोले सीएम सुक्खू, कर्मचारियों को ध्यान में रखकर नहीं रोका जाएगा पैसा
हिमाचल प्रदेश में आरडीजी फंड में देरी को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि आरडीजी नहीं मिलने के बावजूद सरकार पेंशन के एरियर का भुगतान धीरे-धीरे कर रही है। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों से प्रदेश की आरडीजी स्थिति को समझने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को ध्यान में रखकर भुगतान या निर्णय नहीं रोकेगी। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश में रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) को लेकर चल रही देरी के बीच मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि सरकार कर्मचारियों और अधिकारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि आरडीजी नहीं मिलने के बावजूद सरकार धीरे-धीरे पेंशन के एरियर का भुगतान कर रही है।
#WATCH शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने RDG फंड में देरी पर कहा, "...भाजपा ने जाते-जाते चुनावों से पहले केवल 50 हजार रुपए हमारे सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों को दिया था। हम RDG ना होने बाद थी धीरे-धीरे पेंशन का एरियर दे रहे हैं...सरकारी कर्मचारियों को… pic.twitter.com/tHDb6e6vQg
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 3, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार अपने कार्यकाल के अंत में चुनाव से पहले सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को 50 हजार रुपये का भुगतान कर गई थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार को आरडीजी नहीं मिल रही है, इसके बावजूद पेंशन के एरियर का भुगतान चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।
सुक्खू ने सरकारी कर्मचारियों से आरडीजी की स्थिति को समझने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को जानकारी होनी चाहिए कि प्रदेश की RDG बंद है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार निश्चित रूप से सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को ध्यान में रखकर आरडीजी से जुड़े निर्णय नहीं रोकेगी। मुख्यमंत्री के इस बयान को कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़े वित्तीय मुद्दों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश में पेंशन एरियर और कर्मचारियों के अन्य वित्तीय लाभों को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बना हुआ है।