Himachal: एंट्री टैक्स पर सरकार का बड़ा फैसला, अब इतने रुपये वसूला जाएगा शुल्क, सीएम ने विधानसभा में किया एलान
एंट्री टैक्स को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में स्टेट एंट्री टैक्स को लेकर भारी विरोध के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने एंट्री टैक्स का युक्तिकरण किया है। हिमाचल विधानसभा बजट सत्र में मंगलवार को सदन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पांच सीटर गाड़ी का एंट्री टैक्स पहले 70 था और 6 से 12 सीटर गाड़ी का 110 रुपये था। अब दोनों ही तरह की गाड़ियों का एंट्री टैक्स 130 वसूला जाएगा।
ये रहेंगी मासिक पास की दरें
मासिक रियायती पास की दरें पांच सीटर गाड़ी के लिए 70 और 6 से 12 सीटर गाड़ी के लिए 110 रुपये रहेगी। पास जारी करने की पीस को लेकर जल्द फैसला लिया जाएगा और इसकी अधिसूचना जारी होगी।
टोल बैरियर की पांच किलोमीटर की परिधि में रहने वाले हिमाचल और पड़ोसी राज्यों के सभी लोगों के लिए मासिक रियायती पास बनेंगे। पंजाब व हरियाणा में संबंधित एसडीएम, जबकि हिमाचल में तहसीलदार को पास जारी करने की शक्तियां दी जाएंगी। सीएम ने कहा कि पूर्व सरकार ने पांच सीटर गाड़ियों के लिए टोल टैक्स की दरें 70 से बढ़ाकर 170 रुपये की थीं।
एंट्री टोल और अधिकारियों की नियुक्तियों पर सदन में सत्ती ने उठाया सवाल
शिमला में विधानसभा के व्यवस्था के प्रश्न के दौरान सदस्य सतपाल सत्ती ने कहा कि जिन अधिकारियों पर पहले आरोप लगते थे, उन्हें अब अच्छे पदों पर तैनात किया जा रहा है। उन्होंने एंट्री टोल टैक्स की स्थिति पर भी चिंता जताई और कहा कि ठेकेदार इसमें अपनी जेब भर रहे हैं। इसके अलावा, हर वर्ष अपने रिश्तेदारों का नाम बदलकर नई कंपनियां बना दी जाती हैं, जिससे पारदर्शिता और सही संचालन प्रभावित हो रहा
एंट्री टैक्स और सेस वृद्धि के खिलाफ भाजपा विधायकों ने किया प्रदर्शन
वहीं भाजपा विधायक दल ने मंगलवार को एंट्री टैक्स वृद्धि और पेट्रोल-डीजल पर सेस लगाने के निर्णय के विरोध में विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता विपक्ष जयराम ठाकुर की अगुवाई में एकजुट हुए भाजपा विधायकों ने सरकार की नीतियों को जनविरोधी करार देते हुए विधानसभा के मुख्य गेट तक मार्च करते हुए सरकार के खिालाफ नारेबाजी की। मीडिया को संबोधित करते हुए नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार जहां मिडिल ईस्ट में चल रहे हालात देख देश में नागरिकों को पेट्रोल और डीजल के दाम में वैट दस रुपये घटाकर राहत दे चुकी है तो दूसरी और हिमाचल में सुक्खू सरकार लगातार ऐसे निर्णय ले रही है जो न केवल प्रदेश की जनता की कमर तोड़ रहे हैं, बल्कि अब इन फैसलों की गूंज पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा तक पहुंच गई है। दूसरे राज्यों के लोग और ट्रांसपोर्टर इस वृद्धि के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं।
जयराम ठाकुर ने ये कहा
जयराम ठाकुर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि छोटी गाड़ियों पर लगने वाले एंट्री टैक्स को 70 रुपये से बढ़ाकर सीधे 170 रुपये और बड़ी गाड़ियों के लिए इसे एक हजार रुपये तक कर दिया गया है, जो न केवल तर्कहीन है बल्कि पर्यटन पर आधारित हिमाचल की अर्थव्यवस्था के लिए आत्मघाती कदम साबित होगा। विधानसभा में एक्ट पास कर पेट्रोल और डीजल में पांच रुपये विधवा और अनाथ सेस लगाकर जनता पर भारी बोझ लादने की तैयारी कर ली है। नेता विपक्ष ने चिंता जताई कि सीमावर्ती जिलों के निवासियों के लिए यह निर्णय दैनिक आर्थिक उगाही जैसा बोझ बन जाएगा, जिससे आम जनजीवन और व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह ठप होने की कगार पर हैं। टैक्स वृद्धि के विरोध में पड़ोसी राज्यों के लोगों ने 31 मार्च की रात से प्रदेश में वाहनों का प्रवेश बंद कर चक्का जाम करने की चेतावनी दी है, जो राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।