Himachal Nikay Chunav: नगर निगम में विलय का विरोध, बसाल के लोगों ने किया मतदान का बहिष्कार
बसाल पंचायत के लोगों ने चुनाव शुरू होने से पहले ही प्रशासन और सरकार को चेतावनी दे दी थी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो वे लोकतंत्र के इस पर्व का हिस्सा नहीं बनेंगे।
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नगर निगम सोलन के वार्ड नंबर 17 में चुनावी सरगर्मियों के बीच ग्रामीणों का आक्रोश देखने को मिला। हाल ही में पंचायत क्षेत्र को नगर निगम के इस वार्ड में शामिल किए जाने के विरोध में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने मतदान का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया। बसाल पंचायत के लोगों ने चुनाव शुरू होने से पहले ही प्रशासन और सरकार को चेतावनी दे दी थी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो वे लोकतंत्र के इस पर्व का हिस्सा नहीं बनेंगे। ग्रामीणों के इस कड़े रुख का सीधा असर मतदान केंद्रों पर देखने को मिला, जहां वोटिंग प्रतिशत में भारी गिरावट दर्ज की गई। वार्ड संख्या 17 के लिए बनाए गए एमएसएमई चंबाघाट मतदान केंद्र पर महज 44.11 प्रतिशत ही मतदान हो सका।
सिर्फ 289 ने ही अपने मत का प्रयोग किया
आंकड़ों के लिहाज से यहां कुल 1358 वोटर थे, जिनमें से 689 पुरुषों में से केवल 310 और 669 महिलाओं में से सिर्फ 289 ने ही अपने मत का प्रयोग किया। इससे भी बदतर स्थिति इसी वार्ड के दूसरे बूथ बसाल पंचायत घर में देखने को मिली, जहां मात्र 34.30 प्रतिशत मतदान हुआ। इस बूथ पर कुल 544 वोटर दर्ज थे, जिनमें से 270 पुरुषों में से केवल 95 और 284 महिलाओं में से भी महज 95 महिलाएं ही वोट डालने घर से बाहर निकलीं। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जिला प्रशासन और सरकार उनके क्षेत्र को नगर निगम में शामिल करने के फैसले को तुरंत वापस ले। क्षेत्र के लोग लगातार सरकार से मांग कर रहे हैं कि उनके ग्रामीण इलाके को दोबारा से पंचायत का दर्जा देकर बहाल किया जाए। ग्रामीणों का आरोप है कि नगर निगम में शामिल होने से उन पर अतिरिक्त टैक्सों का बोझ बढ़ेगा, जबकि उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों वाली सुविधाएं और स्वायत्तता नहीं मिल पाएगी।
सर्जरी के बावजूद राजेंद्र प्रसाद ने बेटे के साथ पहुंचकर डाला वोट
नगर पंचायत दौलतपुर चौक के चुनाव में लोकतंत्र के प्रति लोगों का उत्साह और जिम्मेदारी साफ दिखाई दी। इसी बीच क्षेत्र के राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने अपने जज्बे से सभी का दिल जीत लिया। हाल ही में पीजीआई में सर्जरी करवाने के बाद रविवार सुबह घर पहुंचे राजेंद्र शर्मा आराम करने की बजाय सीधे अपने बेटे के साथ मतदान केंद्र पहुंचे और अपने अधिकार का प्रयोग किया। शारीरिक कमजोरी के बावजूद उनके चेहरे पर लोकतंत्र के प्रति जिम्मेदारी साफ झलक रही थी। राजेंद्र शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में हर वोट की अहम भूमिका होती है। उन्होंने युवाओं से भी बढ़-चढ़कर मतदान करने की अपील की।