Himachal: धर्मशाला में मुख्यमंत्री सुक्खू के अचानक पहुंचने से तेज हुई सियासी हलचल
पहले जारी कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री 27 जून की सुबह गगल एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सड़क मार्ग से बड़ा भंगाल जाने वाले थे, लेकिन अब चंडीगढ़ से सीधे शिमला लौटने के बजाय उनका अचानक धर्मशाला में रुकना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के तय कार्यक्रम में अंतिम समय पर हुए बदलाव ने जिला कांगड़ा की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। पहले जारी कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री 27 जून की सुबह गगल एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सड़क मार्ग से बड़ा भंगाल जाने वाले थे, लेकिन अब चंडीगढ़ से सीधे शिमला लौटने के बजाय उनका अचानक धर्मशाला में रुकना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब 27 जून को जिला परिषद कांगड़ा की नवनिर्वाचित परिषद की परिचय बैठक प्रस्तावित है। वहीं 29 जून को नगर निगम धर्मशाला के नवनिर्वाचित पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह भी आयोजित होना है। ऐसे में मुख्यमंत्री की धर्मशाला में मौजूदगी को इन दोनों महत्वपूर्ण स्थानीय निकायों की गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री स्थानीय निकायों के गठन के बाद पार्टी की भावी रणनीति और संगठनात्मक समन्वय को लेकर वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ अनौपचारिक बैठकें कर सकते हैं। हालांकि, सरकार या प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री के धर्मशाला प्रवास को लेकर यह भी माना जा रहा है कि नगर निगम और जिला परिषद में बनने वाले आगामी राजनीतिक समीकरणों तथा विकास योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण संकेत मिल सकते हैं।
इससे पहले शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री का हेलिकाप्टर गगल एयरपोर्ट पर उतरा, जहां कांग्रेस नेताओं और विभिन्न संगठनों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी, एपीएमसी अध्यक्ष निशु मोगरा, ब्लॉक कांग्रेस धर्मशाला के अध्यक्ष हरभजन सिंह सहित कई नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि बतौर मुख्यमंत्री यह उनका बड़ा भंगाल का पहला दौरा है। उन्होंने बताया कि पिछले 14 वर्षों में किसी भी मुख्यमंत्री ने इस दुर्गम और पिछड़े क्षेत्र का दौरा नहीं किया है। उन्होंने कहा, मेरा मुख्य उद्देश्य बड़ा भंगाल जाकर वहां के लोगों की समस्याओं को करीब से समझना है। मैं यह देखना चाहता हूं कि वहां विकास के कौन-कौन से नए कार्य किए जा सकते हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक कैसे पहुंचाया जाए। वहां की कठिन परिस्थितियों को मौके पर जाकर ही बेहतर ढंग से समझा जा सकता है।