फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   himachal pradesh second in country in hair loss baldness survey

सर्वे में खुलासा: गंजेपन की समस्या में हिमाचल देश में दूसरे स्थान पर, 52.7% लोग स्टेज-3 हेयर लॉस से प्रभावित

Mon, 14 Sep 2026 12:44 PM IST
Ankesh Dogra आदित्य सोफत, शिमला।
आदित्य सोफत, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Mon, 14 Sep 2026 12:44 PM IST
सार

हेल्थ टेक संस्था के सर्वे के अनुसार बाल झड़ने की समस्या में हिमाचल प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। प्रदेश में 52.7 प्रतिशत लोग स्टेज-3 हेयर लॉस से प्रभावित बताए गए हैं। विशेषज्ञों ने मानसिक तनाव, बदलती जीवनशैली, पानी में मिनरल्स की अधिकता, जंक फूड और आनुवंशिक कारणों को बाल झड़ने की प्रमुख वजह बताया है। पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
himachal pradesh second in country in hair loss baldness survey
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

बाल झड़ने और गंजेपन की बढ़ती समस्या को लेकर हिमाचल प्रदेश से चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। एक हेल्थ टेक संस्था की ओर से किए गए सर्वे के अनुसार महाराष्ट्र के बाद हिमाचल प्रदेश देश में बाल झड़ने की समस्या से सबसे अधिक प्रभावित राज्य है। सर्वे में प्रदेश के 52.7 प्रतिशत लोगों में स्टेज-3 हेयर लॉस की समस्या सामने आने का दावा किया गया है।

विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग के लिए भी बाल झड़ने की बढ़ती समस्या चिंता का विषय बन गई है। विशेषज्ञों के अनुसार तेजी से बदलती जीवनशैली, मानसिक तनाव, खानपान में बदलाव और पानी में चूने या अन्य मिनरल्स की अधिक मात्रा बालों की सेहत पर असर डाल रही है। हेल्थ टेक संस्था ने प्रदेश में करीब पांच लाख लोगों पर सर्वे किया है।

विज्ञापन

सर्वे के अध्ययन के अनुसार 42.4 प्रतिशत लोग स्टेज-1 और 35.8 प्रतिशत लोग स्टेज-2 बाल झड़ने की समस्या से प्रभावित हैं। इनमें शिमला, सोलन, कांगड़ा, मंडी और ऊना जिले के लोग अधिक प्रभावित बताए गए हैं। पुरुषों में बाल झड़ने की समस्या का स्तर ज्यादा है, जबकि महिलाओं में भी यह समस्या तेजी से बढ़ रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

विशेषज्ञों के अनुसार शिमला, सोलन और अन्य उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में नमी अधिक होने के कारण बाल देर से सूखते हैं। इससे बालों में रूखापन और अन्य समस्याएं बढ़ सकती हैं। वहीं, हिमाचल के कई मैदानी और निचले क्षेत्रों में पानी में चूने या मिनरल्स की मात्रा अधिक होने से भी बालों के रूखे होने की शिकायत सामने आ रही है।

बदलते खानपान को भी बाल झड़ने की एक बड़ी वजह माना जा रहा है। लोगों में जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड का चलन बढ़ने से शरीर को आवश्यक पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एमिनो एसिड, आयरन और अन्य जरूरी पोषक तत्वों की कमी का असर बालों की जड़ों पर पड़ सकता है। इसके अलावा बढ़ता प्रदूषण और पेड़ों के लगातार कटान से पर्यावरण में हो रहे बदलाव भी समस्या को बढ़ा रहे हैं।

सर्वे में स्टेज-3 हेयर लॉस के मामले में जम्मू-कश्मीर को आठवें, चंडीगढ़ को नौवें और पंजाब को दसवें स्थान पर बताया गया है। इन क्षेत्रों में क्रमश: 51.5 और 51.6 प्रतिशत लोगों के बाल झड़ने की समस्या होने का दावा किया गया है। दिल्ली 11वें, उत्तर प्रदेश 14वें और उत्तराखंड 15वें स्थान पर हैं। इन राज्यों में करीब 50 प्रतिशत लोगों के सिर पर बाल कम बचे होने की बात कही गई है।

डीडीयू शिमला के स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. योगराज ने कहा कि हिमाचल में बाल झड़ने के कई कारण हैं। कुछ मामलों में आनुवंशिक कारण भी जिम्मेदार होते हैं। उन्होंने कहा कि यदि शुरुआती स्तर पर ही जांच और उपचार शुरू कर दिया जाए तो समस्या को स्टेज-3 तक पहुंचने से रोका जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed