सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Vidhan Sabha budget Session: Proceedings of the 11th session lasted for 90 hours

Himachal Vidhan Sabha Session: 90 घंटे चली 11वें सत्र की कार्यवाही, उत्पादकता 103 प्रतिशत, 16 बैठकें हुईं

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 02 Apr 2026 07:13 PM IST
विज्ञापन
सार

प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि चौदहवीं विधानसभा का 11वां सत्र अपेक्षा के अनुरूप संपन्न हुआ। 

Himachal Vidhan Sabha budget Session: Proceedings of the 11th session lasted for 90 hours
विधानसभा कुलदीप सिंह पठानिया। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार

हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि चौदहवीं विधानसभा का 11वां सत्र अपेक्षा के अनुरूप संपन्न हुआ। यह सत्र दो चरणों में आयोजित किया गया। प्रथम चरण में 3 और द्वितीय चरण में 13 बैठकों का आयोजन किया गया। प्रथम चरण 16 से 18 फरवरी और द्वितीय चरण 18 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित किया गया। सत्र का आगाज 16 फरवरी को अपराह्न दो बजे राज्यपाल के अभिभाषण के साथ हुआ। इस सत्र में कुल 16 बैठकों का आयोजन किया गया, जिसकी कार्यवाही लगभग 90 घंटे तक चली। इस तरह सत्र की उत्पादकता 103 प्रतिशत रही।

Trending Videos

 

सत्र के प्रथम दिन पूर्व विधायक स्वर्गीय भगत राम चौहान के प्रति शोकोद्गार प्रकट कर समूचे सदन की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस सत्र के दौरान कुल 617 प्रश्नों की सूचनाओं पर सरकार की ओर से उत्तर उपलब्ध करवाए गए। पठानिया ने कहा कि इस सत्र में नियम 61 के तहत 4, नियम 62 के तहत 02, नियम 67 के तहत 1, नियम 101 के तहत 1, नियम 130 के तहत 01, नियम 324 के तहत 1 और शून्यकाल के दौरान 94 विषयों पर चर्चा की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसके अतिरिक्त सरकार की ओर से नियम 102 के तहत 16 अप्रैल 2026 को सदन में राजस्व सहायता अनुदान से संबंधित सरकारी संकल्प भी प्रस्तुत किया गया। सत्र में 31 मार्च, 2026 को एक दिन गैर सरकारी सदस्य कार्य दिवस के लिए निर्धारित था। 9 सरकारी विधेयकों को भी सभा में पेश एवं चर्चा के बाद इन्हें पारित किया गया। सदन में समितियों के 60 प्रतिवेदन पेश किए गए। सत्र के दौरान प्रदेश के सरकारी और गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं के 649 बच्चों ने सदन की कार्यवाही को देखा है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सत्र के दौरान उनका भरसक प्रयास रहा कि सत्र की कार्यवाही सौहार्दपूर्ण वातावरण में चले।

विधानसभा समितियों की बैठकों में शामिल न होने पर अध्यक्ष का कड़ा संज्ञान
प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि पिछले एक वर्ष के अंदर विधानसभा की जो कमेटियां हैं, उनमें बहुत से सदस्यों की उपस्थिति बहुत कम रही है। इस स्टेज पर उनके पास अभी डिटेल्स हैं। वह इसकी जानकारी सदन में रखते हैं। ज्यादातर सदस्यों की हाजिरी 50 प्रतिशत या इससे कम है। जहां तक कमेटी के सभापतियों की बात है तो एक या दो के अलावा जिनमें संजय रत्न, राम कुमार व एक-आध और ऐसे हैं, जिनकी उपस्थिति शत-प्रतिशत रही है और जिन्होंने कमेटी सिस्टम में सक्रिय योगदान दिया है। सदन में कमेटियों की जो रिपोर्ट्स प्रस्तुत हुई हैं, उनकी भी डिटेल उनके पास है। वह इन कमेटियों को तीन और चार अप्रैल को गठित करने जा रहे हैं। उनका सभी से आग्रह है कि बेस्ट पार्लियामेंटेरियन और बेस्ट अटेंडेंस अवार्ड की भी उन्होंने घोषणा की है। उसमें उनकी सदन में हाजिरी, कमेटर सिस्टम में हाजिरी भी अवार्ड के लिए पैरामीटर होगी। उन्होंने आग्रह है कि आने वाले समय में जो कमेटियां बनेंगी और जो सदस्य उनके सदस्य या अध्यक्ष होंगे, उनसे उनका विशेष आग्रह है कि वे कमेटी सिस्टम की ओर अधिक ध्यान दें और कमेटी की बैठकों को गंभीरता से लें, क्योंकि कमेटी की बैठकों के माध्यम से हम बहुत सारा योगदान प्रदेश के हित में दे सकते हैं। ये कुछ बातें थीं, जिसकी ओर वह सभी का ध्यान आकर्षित करना चाहा रहा था।

आर्थिक चुनौती बड़ी नहीं, सरकार सामना कर रही : सुक्खू
 मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आर्थिक चुनौती बड़ी नहीं, सरकार इसका सामना कर रही है। जहां से लुटा दिया जाता था, उसे रोकने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान के बाद बजट कम हुआ है। इस बजट को स्वरूप देने में आम आदमी को राहत पहुंचाने की कोशिश की गई है। विधायक, मंत्री और नौकरशाहों से लेकर अन्य के वेतन में पहली बार कटौती की गई है। गुरुवार को मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि पेट्रोल और डीजल हिमाचल प्रदेश के पड़ोसी राज्य से तीन रुपये कम है। छह हजार करोड़ रुपये का है। वह चाहेंगे कि लड़ाई लड़े। कुर्सी आती है और जाती है। बहुत अच्छी तरह संभाला।

मैंने छोटी उम्र से बीपी की दवा खाना शुरू की, जयराम भी खाएं : सुक्खू
 सुक्खू बोले- जयराम ठाकुर का वह आदर करते हैं। उन्होंने छोटी उम्र में ब्लड प्रेशर की दवा स्वागत खाना शुरू कर दी। वह भी खाएं। उन्होंने कहा कि जिस कुर्सी पर हैं, उस पर गुस्सा आता है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने चुटकी की कि अगर इसके अलावा कोई मेडिसिन है तो उन्हें भी बताना।

हमारे दौर में भी आर्थिक संकट था, अब बंदिशें लगा रहे : जयराम ठाकुर
 नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि उनके दौर में भी आर्थिक संकट था, मगर अब बंदिशें लगा रहे हैं। उन्हाेंने कहा कि मुख्यमंत्री को जिद्द कई बार छोड़नी चाहिए। पता नहीं, मुख्यमंत्री की उम्र ज्यादा है या उनकी है। जिद्द छोड़ने से कद बड़ा लग रहा है। अधिकारी जिस तरह से बातें कर रहे हैं, उन्हें रोकिए। यह सब ज्यादा नहीं होना चाहिए। कार्रवाई जिसके खिलाफ बनती है वह होनी चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि निंदक नियरे राखिये। विपक्ष को हर बात का विरोधी मत मानें। सत्र के समापन पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि बजट सत्र को दो हिस्सों में करने की जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा कि सरकार की यह भी सोच रही कि राज्यसभा के चुनाव थे। जयराम ठाकुर ने कहा कि बजट पिछले साल की तुलना में इस बार कम है। दोषी एक व्यक्ति नहीं और न एक सरकार है। लोकतंत्र में हमेशा दो पक्ष रहते हैं। सहयोग की संभावना रहती है। इसे अन्यथा नहीं लेना चाहिए। जयराम बोले- हमारा कोई परिवार का झगड़ा नहीं है। विपक्ष ने अपनी भूमिका निभाई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed