HP Vidhan Sabha Session: 21 अगस्त से शुरू होगा हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र, कुल 10 बैठकें होंगी
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त 2026 से शिमला में शुरू होगा। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने संविधान के अनुच्छेद 174(1) के तहत 14वीं विधानसभा के 12वें सत्र का आह्वान किया है। सत्र सुबह 11 बजे विधानसभा भवन में शुरू होगा। विधानसभा सचिवालय ने इसकी अधिसूचना जारी कर सभी विधायकों, सांसदों और संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त 2026 से शुरू होगा। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हिमाचल प्रदेश की 14वीं विधानसभा के 12वें सत्र का आह्वान किया है। यह सत्र 3 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान कुल 10 बैठकें आयोजित की जाएंगी। विधायक राज्य विधानसभा सचिवालय को अपने प्रश्नों व अन्य नियमों के तहत सूचनाएं भेज सकते हैं। राज्य विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने इसकी जानकारी दी। राज्यपाल की संस्तुति के बाद विधानसभा सचिवालय ने शनिवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी।
पठानिया ने कहा कि 22 अगस्त को शनिवार के दिन भी बैठक आयोजित होगी। हालांकि, 28, 29 और 30 अगस्त को भी कोई बैठक नहीं होगी। 28 अगस्त को रक्षाबंधन और 29 अगस्त को शनिवार होने की वजह से भी बैठक आयोजित नहीं की जाएगी। 30 अगस्त को रविवार है। इसके अतिरिक्त, 23 और 30 अगस्त को रविवार का अवकाश रहेगा। उन्होंने कहा कि 27 अगस्त का दिन गैर-सरकारी सदस्य कार्य दिवस के लिए निर्धारित है। सत्र की अधिसूचना जारी होने के बाद सदस्य अपने निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित सूचनाएं ऑफलाइन और ऑनलाइन राज्य विधानसभा सचिवालय को भेज सकते हैं।
अधिसूचना के अनुसार विधानसभा का 12वां सत्र शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को सुबह 11:00 बजे हिमाचल प्रदेश विधानसभा भवन, शिमला में प्रारंभ होगा। यह अधिसूचना 30 जुलाई 2026 को राज्यपाल द्वारा जारी आदेश के आधार पर एक अगस्त को सामान्य सूचना के लिए प्रकाशित की गई है।
विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी आदेश पर सचिव यश पाल शर्मा के हस्ताक्षर हैं। अधिसूचना की प्रतियां सभी विधायकों, हिमाचल से लोकसभा और राज्यसभा सांसदों, मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, उपमुख्यमंत्री, विपक्ष के नेता, सभी विभागाध्यक्षों और अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजी गई हैं।
मानसून सत्र के दौरान प्रदेश सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक, वित्तीय प्रस्ताव और जनहित से जुड़े विषय सदन में रख सकती है। वहीं विपक्ष भी प्रदेश में आपदा प्रबंधन, सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, बेरोजगारी और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर रहा है। ऐसे में आगामी सत्र के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
प्रदेश की राजनीति के लिहाज से यह सत्र महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें विभिन्न विभागों के कार्यों, विकास योजनाओं और सरकार की नीतियों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।