Himachal Snowfall: हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाकों ने ओढ़ी बर्फ की चादर, सैकड़ों सड़कें-बिजली ट्रांसफार्मर ठप
शिमला, कुल्लू, मंडी, चंबा, किन्नाैर, सिरमाैर, कांगड़ा जिले के ऊपरी इलाकों ने बर्फ की चादर ओढ़ ली है। मनाली में भारी बर्फबारी हुई है।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश-बर्फबारी के बाद बुधवार को माैसम तो खुल गया लेकिन दुश्वारियां बरकरार हैं। शिमला, कुल्लू, मंडी, चंबा, किन्नाैर, सिरमाैर, कांगड़ा जिले के ऊपरी इलाकों ने बर्फ की चादर ओढ़ ली है। मनाली में भारी बर्फबारी हुई है। वहीं शिमला शहर में भी रात को हल्की बर्फबारी हुई। कुफरी, नारकंडा, चाैपाल, जुब्बल-कोटखाई, रामपुर, रोहड़ू के ऊंचाई वाले इलाके बर्फ से लद गए हैं। राज्य के कम ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बारिश हुई है। पहाड़ों पर हिमपात ने जनजीवन को फिर से पटरी से उतार दिया है। मौसम को देखते हुए लाहौल-स्पीति जिला, मनाली-बंजार उपमंडल और कुल्लू के 13 स्कूलों में आज भी अवकाश है। बारिश-बर्फबारी के चलते मनाली में अभी भी हजारों सैलानी फंसे हुए हैं। शिमला, कुल्लू, लाहौल स्पीति और चंबा समेत अन्य जिलों में करीब 500 सड़कें अभी भी बाधित हैं।
चंबा में हिमस्खलन, दो गाड़ियां और तीन दुकानें चपेट में आईं
चंबा जिले की पूलन पंचायत के ओट नाला में हिमस्खलन हुआ है। हिमस्खलन ने सामान से लदी दो गाड़ियों व तीन दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। मंगलवार रात को लगभग 1:00 बजे हिमस्खलन हुआ। गनीमत यह रही कि हिमस्खलन रात को हुआ और घटनास्थल पर आवाजाही नहीं थी। अन्यथा जानमाल का भी नुकसान हो सकता था। हिमस्खलन से बंटी पुत्र देश राज निवासी गांव पूलन की गाड़ी व घड़लों देवी पत्नी जैहरी राम की तीन दुकानों के साथ एक पिकअप गाड़ी को नुकसान हुआ है। घटना की सूचना पुलिस थाना भरमौर व प्रशासन को दी गई। ग्राम पंचायत प्रधान पूलन अनीता कपूर ने बताया कि हिमस्खलन के कारण क्षेत्र में दो मालवाहक वाहन और तीन दुकानों को क्षति पहुंची है।
कुल्लू और लाहाैल में लगातार 15 घंटे हुई बारिश-बर्फबारी
जिला कुल्लू व लाहौल घाटी में लगातार करीब 12 से 15 घंटे तक बारिश व बर्फबारी हुई है। मंगलवार दोपहर बाद से शुरू हुई बर्फबारी का दौर बुधवार सुबह थमा। इससे पर्यटकों व स्थानीय लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। दोनों जिले में सैकडों सड़कें व ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं। हालांकि, पर्यटकों व लोगों ने धूप खिलने से राहत की सांस ली है। वहीं बीआरओ, एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग ने मुख्य सड़कों से बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया है। मनाली में 60 सेंमी ताजा बर्फबारी हुई है। इस कारण सुबह मनाली से वापस जाने वाले सैलानी नहीं निकल पाए हैं। सोलंगनाला में 90, अटल टनल 120, रोहतांग दर्रा 150, जलोड़ी दर्रा 60 व केलांग में 30 सेंमी बर्फ दर्ज की गई है।
इन जिलों में रात का पारा माइनस में
कुल्लू, किन्नौर, लाहौल, शिमला, चंबा के कई भागों में रात का तापमान माइनस में दर्ज किया गया। ठंडी हवाओं और नमी से मैदानों में भी सिहरन बढ़ गई है। चंबा के भरमौर-पांगी, चुराह, सलूणी, पर्यटन स्थल डलहौजी के डैनकुंड और लक्कड़मंडी में हल्की बर्फबारी हुई है। मंडी में नाचन घाटी सहित चौहार घाटी के बरोट, छोटा भंगाल, भुजलिंग, सराज के शैटाधार, कमरूघाटी में भी बर्फबारी हुई है। मंडी के शिकारी देवी में 50 सेंटीमीटर ताजा बर्फ गिरी है। फिसलन की वजह से कोटखाई-रोहड़ू, ठियोग-रामपुर, ठियोग-चाैपाल व शिमला-ठियोग मार्ग बाधित है।

फिर बिगड़ेगा माैसम
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार आज उच्च पर्वतीय कुछ स्थानों पर हल्की बारिश-बर्फबारी हो सकती है। विभाग के अनुसार 1 फरवरी को राज्य के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। वहीं ऊंचे इलाकों में भारी बारिश-बर्फबारी होने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 28, 30, 31 जनवरी और 3 फरवरी ऊंची पहाड़ियों पर कुछ जगहों पर हल्की बारिश-बर्फबारी होने की संभावना है। 2 फरवरी को राज्य में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी हो सकती है। 29 जनवरी को राज्य में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। अगले 3-4 दिनों के दौरान राज्य में न्यूनतम तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की बहुत संभावना है। वहीं अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 4-6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने के आसार हैं। मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा में 28 से 30 जनवरी तक सुबह और शाम के समय कोहरा पड़ने का येलो अलर्ट जारी हुआ है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर शीतलहर का अलर्ट भी है।

बर्फबारी से लकदक हुआ सराज, चैल-जंजैहली मुख्य सड़क कांढ़ा में बंद
सराज घाटी एक बार फिर सफेद बर्फ की चादर से ढक गई है। मंगलवार से शुरू हुई बर्फबारी बुधवार सुबह चार बजे तक जारी रही। बगस्याड, थुनाग, जंजैहली, छतरी, गाड़ागुशैण, थाची, बागाचनोगी और चिऊणी चेत जैसे क्षेत्र बर्फ से ढक गए हैं। इस बर्फबारी से सराज घाटी का सड़क संपर्क शेष दुनिया से कट गया है। तापमान माइनस में पहुंच गया, जिससे ठंड का प्रकोप और बढ़ गया। हालांकि, यह बर्फबारी किसानों और बागवानों के लिए वरदान साबित हुई है। जमीन में नमी बनी रहेगी, जो फसलों के लिए फायदेमंद है। खासकर सेब बहुल इलाकों जैसे जंजैहली, बगस्याड और संगलवाड़ा में बागानों को चिलिंग आवर्स पूरे होने की संभावना बढ़ गई है, जो सेब उत्पादन के लिए आवश्यक है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर उपमंडल के सभी शिक्षण संस्थानों में एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया, हालांकि स्कूलों में पहले से विंटर वेकेशन चल रही है। कांढा में 12 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी के कारण चैल-जंजैहली मुख्य सड़क मार्ग बंद हो गया। पर्यटन नगरी जंजैहली में 15 सेंटीमीटर और थुनाग बाजार में 10 सेंटीमीटर बर्फ रिकॉर्ड की गई। अधिशासी अभियंता नीतीश शर्मा ने बताया कि कांढा में पहले से जेसीबी तैनात थी, जो बर्फ हटाने का काम शुरू कर चुकी है। बर्फबारी ने बिजली आपूर्ति पर भी असर डाला। 33 केवी गोहर लाइन बाधित होने से सराज उपमंडल के सभी 233 ट्रांसफार्मर बंद हो गए, जिससे इलाके में अंधेरा छा गया। एसडीएम संजीत शर्मा ने नागरिकों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने 31 जनवरी और 1 फरवरी को भी भारी बर्फबारी की संभावना जताई है, जिससे स्थिति और जटिल हो सकती है।
बर्फबारी के बीच देवता की पालकी के साथ 12 किलोमीटर पैदल चले देवलू
बालीचौकी क्षेत्र में भारी बर्फबारी और तेज हवाओं के बीच भी लोगों की देव आस्था में कोई कमी नहीं आई। उपमंडल बालीचौकी क्षेत्र के प्रसिद्ध आराध्य देवता श्री चुंजवाला को मंगलवार को देवधार से शिवाड़ी तक करीब 12 किलोमीटर पैदल यात्रा कर देउली स्थल पहुंचाया गया। इस दौरान आसमान से लगातार बर्फ गिरती रही और कई स्थानों पर एक फीट से अधिक बर्फ जम गई थी, इसके बावजूद देवलू पूरे श्रद्धा भाव के साथ देवता के साथ चलते रहे। बताया जा रहा है कि शिवाड़ी में देवता के एक भक्त की निजी देउली थी, जिसके लिए यह यात्रा की गई। क्षेत्र में जहां आम लोग खराब मौसम के कारण घरों में ही कैद रहे और बाहर निकलने से बचते नजर आए, वहीं दर्जनों देवलू बर्फबारी और तेज बर्फीली हवाओं की परवाह किए बिना देवता के साथ चलते रहे। आश्चर्य की बात यह रही कि इतनी ठंड और कठिन परिस्थितियों के बावजूद किसी भी देवलू को थकान या परेशानी महसूस नहीं हुई। देवता चुंजवाला के देवलू ओम प्रकाश ने बताया कि मंगलवार को देवधार से शिवाड़ी तक की यात्रा भारी तूफान और बर्फबारी के बीच पूरी की गई, लेकिन सभी देवलू देव भक्ति में इतने लीन थे कि मौसम की कठोरता का एहसास ही नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यही अटूट आस्था हिमाचल को देवभूमि बनाती है।
चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र पांगी में मौसम के कड़े तेवरों ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। भारी बर्फबारी के चलते उपमंडल मुख्यालय किलाड़, साच, मिंधल, धरवास, फिंडरू, शौर और करयूनी में करीब दो फीट और ऊंचाई वाले क्षेत्र चस्क, सुराल, हुडान, कुमार, शुण और परमार भटौरी में पांच फीट के करीब बर्फबारी हुई है। कुलमिला कर पूरी पांगी घाटी में सफेद चादर में बिछ गई है। लोगों को घरों में दुबकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बर्फबारी के कारण पांगी का संपर्क शेष जिले से पूरी तरह कटा हुआ है।
कहां कितना बारिश-बर्फबारी
खदराला में 40.6, गोंदला 36.0, संदोल 31.2, कुकुमसेरी 28.3 , कल्पा 17.7, शिलारू 17.0, केलांग 15.0, सराहन 12.7, कुफरी 11.0, जोत 10.0, शिमला 4.0 व चौपाल में 3.0 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई है। वहीं भुंतर में 55.4, सियोबाग 47.0, बिलासपुर 45.6, गोहर 45.0, श्रनयना देवी 44.6, कसौली 44.2, सुंदरनगर 42.4, भटियात 42.3, स्लापड़ 42.1, पंडोह 42.0, जोगिंदरनगर 40.0 व सोलन में 39.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

कहां कितना न्यूनतम तापमान
शिमला में न्यूनतम तापमान 0.6, सुंदरनगर 5.1, भुंतर 2.6, कल्पा -2.2, धर्मशाला 4.8, ऊना 5.0, नाहन 6.9, पालमपुर 0.5, सोलन 4.4, मनाली -0.9, कांगड़ा 4.5, मंडी 6.2, बिलासपुर 7.5, हमीरपुर 5.9, जुब्बड़हट्टी 3.0, कुफरी -1.4, कुकुमसेरी -6.1, नारकंडा -3.2, रिकांगपिओ -0.6, सेऊबाग 0.0, बरठीं 6.5, चाैपाल 1.2, पांवटा साहिब 9.0, सराहन -0.3, देहरागोपीपुर 8.0, ताबो -5.2, मशोबरा 0.1 च बजाैरा में 9.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
पांगी के मिंधल में डेढ़ फीट बर्फबारी, सुखाई नाले में हिमस्खलन से दहशत
जनजातीय क्षेत्र पांगी के मिंधल में डेढ़ फीट बर्फबारी के बीच ग्राम पंचायत मिंधल के सुखाई नाले में बीते शाम में हिमस्खलन होने से लोग खौफजदा हो गए। गनीमत रही कि हिमस्खलन के कारण किसी प्रकार के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। स्थानीय युवाओं ने सीटियां बजाकर अन्य लोगों को सचेत कर बड़ा नुकसान होने से बचाया। बताया जा रहा है कि ये सुखाई नाला मिंधल माता मंदिर से महज दस मीटर की दूरी पर स्थित है।