Himachal Weather Update: 19 से 22 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
Himachal Weather Update : हिमाचल प्रदेश में 19 से 22 जुलाई के बीच भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार कई जिलों में तेज बारिश, भूस्खलन, जलभराव और तेज हवाओं की संभावना है। लोगों को नदी-नालों से दूर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश में आगामी दिनों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, 19 से 22 जुलाई के दौरान हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है, जबकि 18 और 23 जुलाई को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
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पिछले 24 घंटों का मौसम और तापमान
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान सर्वाधिक वर्षा नागरोटा सूरियां में 28.8 मिमी रिकॉर्ड की गई। अन्य स्थानों पर भी बारिश हुई, जिसमें गगल (10.2 मिमी), मुरारी देवी (4.0 मिमी), गुलेर (2.8 मिमी), पालमपुर (2.4 मिमी) और धर्मशाला (2.1 मिमी) शामिल हैं। इस अवधि में ऊना का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और केलांग का न्यूनतम तापमान 12.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 18 जुलाई से 23 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। विशेष रूप से, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, कुल्लू, सिरमौर, हमीरपुर तथा अन्य मध्य और निचले पर्वतीय जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। इसके अतिरिक्त, 18 से 23 जुलाई के दौरान किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मैदानी और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।
संभावित खतरे और सुरक्षा उपाय
मौसम विभाग ने भारी वर्षा के कारण उत्पन्न होने वाले संभावित खतरों के प्रति आगाह किया है। संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन, मिट्टी धंसने, निचले इलाकों में जलभराव और यातायात बाधित होने की आशंका है। कमजोर भवनों को भी नुकसान पहुंच सकता है और दृश्यता कम होने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
इन संभावित खतरों को देखते हुए, विभाग ने लोगों से निम्नलिखित सलाह का पालन करने का अनुरोध किया है:
- नदी-नालों के किनारे जाने से बचें।
- जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
- प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
- मौसम की ताजा जानकारी पर लगातार नजर बनाए रखें।
- अनावश्यक यात्रा से बचें, खासकर भारी बारिश की चेतावनी वाले क्षेत्रों में।
- यह चेतावनी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए महत्वपूर्ण है।