NEET UG 2026: बारिश और कड़ी सुरक्षा के बीच 13 हजार से अधिक ने दिया नीट, चर्चा बनी समय की पाबंदी; जानें
नीट यूजी 2026 परीक्षा रविवार को प्रदेश के कुछ जिला मुख्यालयों में आयोजित की गई। प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई और निर्धारित समय के बाद किसी को भी केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। पढ़ें पूरी खबर...
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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित नीट यूजी 2026 परीक्षा रविवार को प्रदेश के कुछ जिला मुख्यालयों में आयोजित की गई। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सख्त निगरानी की व्यवस्था की गई। परीक्षा को लेकर सभी जिलों में प्रशासन और पुलिस की ओर से विशेष प्रबंध किए गए थे। परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई और निर्धारित समय के बाद किसी को भी केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया।
शिमला, कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर, बिलासपुर, कुल्लू, चंबा और सिरमौर सहित विभिन्न जिलों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर हजारों अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 13,039 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। शिमला में नौ परीक्षा केंद्रों पर 3738 अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड जारी किए गए थे, जिनमें से 3627 ने परीक्षा दी जबकि 111 अनुपस्थित रहे।
परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 163 के तहत अनावश्यक भीड़ जुटाने पर रोक लगाई गई थी। अभ्यर्थियों को केवल पारदर्शी पानी की बोतल और निर्धारित दस्तावेज ले जाने की अनुमति दी गई। अभिभावकों की भी परीक्षा केंद्रों के बाहर भीड़ रही। कई अभ्यर्थी परीक्षा शुरू होने से काफी पहले केंद्रों पर पहुंच गए थे ताकि जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो। प्रशासनिक अधिकारियों ने केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।
| जिला | अभ्यर्थी |
| शिमला | 3627 |
| सिरमौर | 606 |
| मंडी | 1221 |
| कांगड़ा | 4224 |
| कुल्लू | 729 |
| चंबा | 586 |
| हमीरपुर | 2714 |
| बिलासपुर | 1332 |
| कुल | 13,039 |
परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। सभी केंद्रों पर पुलिस बल तैनात रहा। प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की पहचान पत्र और एडमिट कार्ड की जांच की गई। कई केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर और जैमर की व्यवस्था भी की गई थी।
नीट (एनईईटी) की परीक्षा देने आए एक अभ्यर्थी के लिए रविवार का दिन बुरे सपने जैसा साबित हुआ। धर्मशाला कॉलेज स्थित परीक्षा केंद्र पर समय की पाबंदी ने एक छात्र के साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया। निर्धारित समय से कुछ ही मिनट की देरी से पहुंचने के कारण अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिल सका। इसके बाद केंद्र के गेट पर एक पिता की बेबसी देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।
दोपहर 1:30 बजे जैसे ही परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार बंद हुआ, उसके कुछ ही देर बाद एक अभ्यर्थी अपने पिता के साथ वहां पहुंचा। गेट बंद देख पिता के होश उड़ गए। वह वहां तैनात पुलिस कर्मियों के सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाता रहा कि उसके बच्चे का भविष्य प्रभावित हो जाएगा, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने सख्त हिदायतों और नियमों का हवाला देते हुए प्रवेश देने से साफ इंकार कर दिया।
हताश अभिभावक करीब 1:50 बजे तक गेट के बाहर खड़ा रहा। उसने कई बार परीक्षा केंद्र अधीक्षक को बाहर बुलाने की गुहार लगाई, ताकि वह अपनी मजबूरी बता सके, लेकिन उसकी गुहार सुनने वाला कोई नहीं था। परीक्षा केंद्र के भीतर जाने की कोशिशें नाकाम होने के बाद अभ्यर्थी और उसके पिता को भारी मन से वापस लौटना पड़ा। मौके पर मौजूद दूसरे अभिभावक भी ये देखकर भावुक हो उठे।
चर्चा बनी समय की पाबंदी
घटना के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच अलग-अलग राय देखने को मिली। कुछ लोगों का कहना था कि प्रबंधन को मानवीय आधार पर कुछ मिनटों की छूट देनी चाहिए थी, क्योंकि एक अभ्यर्थी का पूरा साल दांव पर लगा था। कुछ अन्य लोगों का मानना था कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में समय का अनुशासन सबसे ऊपर होता है और नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकती।
