NHAI bribery case: सीबीआई ने कॉल रिकॉर्ड और दस्तावेज किए जब्त, मामले की जांच तेज
सीबीआई ने मामले में अहम इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेज साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच के दौरान सीबीआई टीम ने शिकायतकर्ता और आरोपियों के बीच हुई कथित बातचीत से जुड़े कॉल रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।
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राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से जुड़े रिश्वत कांड में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच तेज कर दी है। सीबीआई ने मामले में अहम इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेज साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच के दौरान सीबीआई टीम ने शिकायतकर्ता और आरोपियों के बीच हुई कथित बातचीत से जुड़े कॉल रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।
मामला कांगड़ा जिले के नूरपुर क्षेत्र में स्थित एक पेट्रोल पंप को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए अंतिम एनओसी जारी करने के बदले 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप से जुड़ा है। इस प्रकरण में सीबीआई ने एनएचएआई के एक परियोजना निदेशक और चंडीगढ़ की एक आर्किटेक्ट के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निरीक्षण के दौरान पेट्रोल पंप संचालक पर दबाव बनाने के लिए पंप के सामने करीब 28 मीटर तक जमीन खोद दी गई। ताकि, पेट्रोल-डीजल के टैंकर पंप तक न पहुंच सके। सीबीआई इस मामले में एनओसी प्रक्रिया से जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड, फाइल नोटिंग और विभागीय पत्राचार की भी पड़ताल कर रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि कथित रिश्वत मांगने की प्रक्रिया में किन अधिकारियों या मध्यस्थों की भूमिका रही।
सूत्रों के अनुसार जांच के अगले चरण में एनएचएआई के प्रोजेक्ट निदेशक को पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है। सीबीआई आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ के लिए विशेष अदालत से पुलिस रिमांड लेने की तैयारी भी कर रही है। इस दौरान आरोपियों और संभावित गवाहों के बयान दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 161 के तहत दर्ज किए जाएंगे।
वहीं, यदि जांच के दौरान वित्तीय लेन-देन या अन्य आपराधिक साक्ष्य सामने आते हैं तो सीबीआई आरोपियों के घर और कार्यालयों में तलाशी भी कर सकती है। जांच पूरी होने के बाद सीबीआई अपनी अंतिम रिपोर्ट और आरोप पत्र सीबीआई की जिला कचहरी स्थित विशेष अदालत में दाखिल करेगी, जिसमें गवाहों के बयान, दस्तावेजी साक्ष्य और फॉरेंसिक रिपोर्ट शामिल होंगी। फिलहाल एजेंसी मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।