Shimla: आईजीएमसी शिमला में पैट स्कैन सुविधा शुरू, मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ
कैंसर अस्पताल परिसर के रैडियोथेरेपी विभाग में गुरुवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने करीब 25 करोड़ की लागत से स्थापित पैट सीटी स्कैन मशीन का शुभारंभ किया।
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इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में मरीजों के लिए पैट सीटी स्कैन की सुविधा शुरू हो गई है। कैंसर अस्पताल परिसर के रैडियोथेरेपी विभाग में गुरुवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने करीब 25 करोड़ की लागत से स्थापित पैट सीटी स्कैन मशीन का शुभारंभ किया। सीएम ने न्यूक्लियर मेडिसिन ब्लॉक का उद्घाटन भी किया। हिमाचल में पहली बार किसी सरकार अस्पताल में यह सुविधा शुरू हुई है। पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (पैट) स्कैन की सुविधा के शुरू होने से विशेष तौर पर कैंसर रोगियों का उपचार आसान होगा। बीमारी का सही पता लग पाएगा। इस टेस्ट की सुविधा से रोगों का प्रारंभिक स्तर पर, मेटाबॉलिक और मॉलिक्यूलर स्तर पर पता लग सकेगा। पारंपरिक इमेजिंग तकनीकों जैसे सीटी और एमआरआई की तुलना में पैट तकनीक बहुत पहले ही शारीरिक परिवर्तनों का पता लगा लेती है।
यह सुविधा कैंसर के स्टेज निर्धारण और पुनः मूल्यांकन, उपचार के प्रभाव का आकलन, बीमारी की पुनरावृत्ति का पता लगाने और रोग के पूर्वानुमान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे मस्तिष्क ट्यूमर, सिर और गर्दन के कैंसर, थायरॉयड कारसिनोमा, लंग्स कारसिनोमा, प्लूरल मैलिगनेंसिज, थाइमिक ट्यूमर, इसोफेगोगेसट्रिक कारसिनोमा, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्ट्रोमल ट्यूमर, ब्रेस्ट कारसिनोमा, कोलोरेक्टल कारसिनोमा तथा यूरोलॉजिकल एवं टेस्टिकूलर मैलिगनेंसिज़ का निदान और बेहतर तरीके से हो सकेगा। आईजीएमसी में यह टेस्ट दस हजार रुपये में होगा, जबकि निजी में इसका शुल्क 15 हजार से 25 हजार रुपये लगता है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीकों का समावेश करने के लिए प्रतिबद्ध है। हाल ही में इस संस्थान में 3 टेस्ला एमआरआई मशीन का भी शुभारंभ किया गया है। आने वाले समय में प्रदेश सरकार राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों में तकनीकी उन्नयन के लिए 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी। मुख्यमंत्री ने न्यूक्लियर मेडिसन ब्लॉक में स्पैक्ट/गामा कैमरा के लिए आठ करोड़ देने की घोषणा की। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनी राम शांडिल, विधायक हरीश जनारथा व संजय अवस्थी, स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, आईजीएमसी की प्राचार्य डॉ. सीता ठाकुर, एमएस डॉ. राहुल राव, रेडियोथेरेपी विभागाध्यक्ष डॉ. मनीश गुप्ता भी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य में अपना रहे आधुनिक टेक्नोलॉजी : सीएम
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आईजीएमसी में स्थापित की पैट सीटी स्कैन मशीन के शुभारंभ से पूर्व विधानसभा में कहा कि प्रदेश सरकार ने तीन साल में आधुनिक मेडिकल टेक्नोलॉजी को अपनाने का प्रयास किया है। आईजीएमसी शिमला में पुरानी मशीन को बदलकर थ्री टेस्ला एमआरआई मशीन, रोबोटिक सर्जरी, अब पैट सीटी स्कैन मशीनें लगाई हैं। नेरचौक, हमीरपुर, टांडा और चमियाना असताल में थ्री टेस्ला मशीनें पहुंच चुकी हैं। नई तकनीक से पता चल जाएगा कि बीमारी किस स्टेज पर है। उसी के अनुसार उपचार हो सकेगा। आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य क्षेत्र में उच्च स्थान पर पहुंचेगा।
कैंसर का हो सकेगा बेहतर उपचार
पैट सीटी स्कैन मशीन का शुभारंभ करने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि स्पेक्ट/गामा कैमरा लगने से अस्पताल कैंसर के आधुनिक उपचार में पूरी तरह सक्षम हो जाएगा। स्पेक्ट गामा कैमरा की स्थापना के बाद बोन कैंसर की पहचान के लिए बोन स्कैन, किडनी के लिए रीनल स्कैन, हृदय की नसों में रक्त संचार और वाल्व की कार्यप्रणाली की सटीक जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। इसके साथ ही मुगा स्कैन की सुविधा भी शुरू होगी, जिससे मरीजों की बीमारी का सही आकलन कर बेहतर उपचार संभव हो पाएगा। इस नई सुविधा के शुरू होने से अस्पताल में थायरॉइड कैंसर जैसे रोगों का इलाज रेडियोएक्टिव थेरेपी के माध्यम से भी किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि आईजीएमसी में जल्द ही बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे प्रदेश भर से आने वाले मरीजों को उन्नत चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।