Himachal News: हिमाचल प्रदेश में 68 और नई पंचायतें बनाने की तैयारी, 250 होंगी ओपन
हिमाचल प्रदेश में 68 और नई पंचायतें बनाने की तैयारी है। जिससे प्रदेश में पंचायतों की संख्या और बढ़ सकती है। पढ़ें पूरी खबर...
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में 68 और नई पंचायतें बनाने की तैयारी है। यह फैसला विधायकों की मांग के बाद लिया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से भी नई और पंचायतों के गठन को मंजूरी मिल गई है। अब पंचायती राज विभाग इन प्रस्तावित पंचायतों को लेकर आगे की औपचारिक प्रक्रिया पूरी करेगा। नई पंचायतों के गठन की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। कई विधायकों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में पंचायतों के पुनर्गठन और नई पंचायतें बनाने का प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखा था। इन मांगों पर विचार करने के बाद सरकार ने 68 नई पंचायतें बनाने का फैसला लिया है। इससे पहले 4 नई पंचायतें बनाई गई।
इसके बाद सरकार ने 39 नई पंचायतों के गठन को मंजूरी दी। 84 नई पंचायतों को लेकर भी सरकार ने जनता से आपत्ति और सुझाव मांगे हंै। अब 68 नई पंचायतें बनाने का और निर्णय लिया गया है, जिससे प्रदेश में पंचायतों की संख्या और बढ़ सकती है। नई पंचायतों के गठन से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक कामकाज को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। लोगों को अपने गांव के नजदीक पंचायत स्तर पर ही कई सुविधाएं और योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। साथ ही विकास कार्यों की निगरानी और क्रियान्वयन भी अधिक प्रभावी ढंग से हो पाएगा।
इसके अलावा राज्य में करीब 250 पंचायतें ऐसी हैं, जहां पिछले दो से तीन कार्यकाल से प्रधान पद महिलाओं या विभिन्न आरक्षित वर्गों के लिए आरक्षित रहे हैं। राज्य सरकार ने इस बारे में प्रारंभिक आंकड़े जुटाने के बाद इन्हें अनारक्षित करने का निर्णय लिया है। लोगों के आवेदन के बाद प्रदेश सरकार ने कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की और आगामी पंचायत चुनाव में आरक्षण से बाहर करने का फैसला लिया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार राज्य में 31 मई से पहले पंचायत चुनाव करवाए जाने हैं। ऐसे में आरक्षण और रोस्टर को लेकर विभाग तेजी से प्रक्रिया पूरी करने में लगा हुआ है। सरकार के इस फैसले को पंचायत स्तर पर प्रतिनिधित्व में संतुलन लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे चुनावी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सभी वर्गों के लिए समान अवसर वाली बनेगी।
पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि पंचायतों का पहले आकलन किया गया। इसके बाद यह मामला कैबिनेट में गया। हिमाचल प्रदेश में ऐसी पंचायतों की संख्या करीब 250 के आसपास है, जो लगातार दो बार आरक्षित रही हैं। पंचायतों के कार्यकाल को ध्यान में रखते हुए रोस्टर तैयार होगा।