हिमाचल: शहरी निकायों में वार्डों के परिसीमन का कार्यक्रम जारी, 6 अप्रैल तक पूरी होगी आरक्षण की प्रक्रिया
शिमला जिले में नगर परिषद रोहड़ू, नगर पंचायत नारकंडा, नगर परिषद ऊना और कांगड़ा जिले की नगर पंचायत बीड़ में वार्डों का परिसीमन किया जाएगा।
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राज्य निर्वाचन आयोग ने शहरी निकायों में वार्डों के परिसीमन (डिलिमिटेशन) को लेकर कार्यक्रम जारी कर दिया है। अधिसूचना के अनुसार शिमला जिले में नगर परिषद रोहड़ू, नगर पंचायत नारकंडा, नगर परिषद ऊना और कांगड़ा जिले की नगर पंचायत बीड़ में वार्डों का परिसीमन किया जाएगा। इनमें रोहड़ू, नारकंडा और ऊना में क्षेत्र शामिल किए गए हैं, जबकि बीड़ को नई नगर पंचायत बनाया गया है। अंतिम परिसीमन के बाद वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया 6 अप्रैल तक पूरी की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने यह अधिसूचना जारी की है।
वार्डों के परिसीमन का प्रारूप प्रस्ताव 12 मार्च को प्रकाशित कर दिया गया है। इसके बाद संबंधित नगर क्षेत्र के लोग 19 मार्च तक आपत्तियां व सुझाव दे सकेंगे। इन आपत्तियों और सुझावों का निपटारा संबंधित उपायुक्त की ओर से 23 मार्च तक किया जाएगा। यदि किसी पक्ष को उपायुक्त के आदेश से आपत्ति होती है तो वह आदेश जारी होने के सात दिन के भीतर संबंधित मंडलायुक्त (डिविजनल कमिश्नर) के पास अपील दायर कर सकता है। मंडलायुक्त की ओर से अपीलों का निपटारा 1 अप्रैल तक किया जाएगा। उपायुक्त द्वारा वार्ड परिसीमन के अंतिम आदेश 2 अप्रैल तक जारी किए जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर कोई आपत्ति प्राप्त नहीं होती या अपील दायर नहीं की जाती, तो संबंधित उपायुक्त अंतिम परिसीमन आदेश जारी कर सकेंगे।
53 शहरी निकायों में जल्द रोस्टर जारी करने के निर्देश
शहरी विकास विभाग ने उपायुक्तों को 53 शहरी निकायों में जल्द रोस्टर लगाने को कहा है। विभाग की तरफ से उपायुक्तों को इस बारे में पत्र जारी किया गया है। हिमाचल में नई बने 21 शहरी निकायों में चुनाव कराने पर संशय बना हुआ है। सरकार इन निकायों में अभी चुनाव नहीं कराना चाहती है। इसको लेकर विभाग की तरफ से आयोग को भी पत्र भेजा गया है। लेकिन इसमें राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि शहरी निकायों में एक साथ चुनाव कराए जाने हैं। अगर एक साथ चुनाव नहीं होते हैं तो आयोग को फिर से चुनाव कराने के लिए आचार संहिता लगानी पड़ेगी। इससे खर्चा बढ़ेगा। हिमाचल प्रदेश में 75 नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतें है। शिमला नगर निगम को छोड़कर अन्य निकायों का कार्यकाल पूरा हो चुका है। इनमें प्रशासकों की नियुक्ति की गई है।