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Shimla News: बर्फबारी और लापरवाही से संजौली-ढली बाईपास सड़क धंसी, कई जगह आईं दरारें
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Wed, 04 Feb 2026 03:29 PM IST
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सार
राजधानी शिमला में संजौली-ढली बाईपास सड़क पर धंसाव को देखने के बाद स्थानीय लोग दहशत में हैं। इस क्षेत्र के ठीक नीचे टनल का निर्माण हो रहा है। नौ जनवरी से यह निर्माण कार्य भी बंद रखा गया है। पढ़ें पूरी खबर...
शिमला के संजौली-ढली बाईपास में वाहनों की आवाजाही बंद करने के लिए लगाई पट्टी।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
राजधानी के संजौली-ढली बाईपास सड़क पर भू-धंसाव का खतरा बढ़ गया है। भारी बारिश और बर्फबारी के चलते बाईपास सड़क और साथ लगते रिहायशी इलाके में पड़ी दरारों में पानी रिसने से यह खतरा बढ़ा है। सोमवार शाम अचानक सड़क किनारे हुए धंसाव को देखने के बाद स्थानीय लोग दहशत में हैं। हालांकि, एनएचएआई ने गड्ढे में धंसी ड्रिलिंग मशीन को क्रेन की मदद से सोमवार देर शाम ही बाहर निकाल लिया था। अब मौके पर हुआ गड्ढा भी भर दिया है। मंगलवार सुबह 11:00 बजे जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी फिर मौके पर पहुंचे।
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सड़क किनारे हुए धंसाव और मरम्मत कार्य का जायजा लिया। साथ ही स्थानीय लोगों से भी बात की। फिलहाल इसे वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह से बंद रखा है। इस बाईपास सड़क पर नाली की ओर दरारें बढ़ी हैं। दावा किया जा रहा है कि बारिश और बर्फबारी होने से दरारें बढ़ने और अचानक सड़क पर गड्ढा पड़ने की घटना हुई है। हालांकि धंसाव के पीछे लापरवाही भी बड़ा कारण माना जा रहा है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार जिला प्रशासन ने नौ जनवरी को ही भारी वाहनों की आवाजाही इस सड़क पर बंद कर दी थी। बावजूद इसके कई दिन से इस पर ट्रक, ट्राले चलाए जा रहे थे। अब बसें भी इस पर दौड़ाई जा रही थीं। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण भी सड़क पर बोझ पड़ा जिससे अचानक धंसाव हो गया। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को सड़क किनारे पड़ीं दरारों का निरीक्षण किया।
दावा किया कि यह दरारें गहरी नहीं हैं। नालियों की मरम्मत के लिए जो प्लास्टर लगाया था, अभी सिर्फ वही टूटा है। इस पर पड़ीं दरारें गहरी नहीं हैं। इस क्षेत्र के ठीक नीचे टनल का निर्माण हो रहा है। नौ जनवरी से यह निर्माण कार्य भी बंद रखा गया है। मौके पर मौजूद स्थानीय निवासी रमेश कुमार, सुरेंद्र ने कहा कि भारी वाहनों की आवाजाही और बारिश का पानी रिसने से टनल के ऊपर बसे क्षेत्र को खतरा है।
ढली बाईपास सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए बंद है। ऐसे में संजौली बाजार में सुबह शाम होने वाली नो एंट्री में भी वाहनों की एंट्री हो रही है। पुलिस को इस सड़क से वाहनों की आवाजाही करनी पड़ी है। मंगलवार सुबह 9:00 बजे से ही इस सड़क पर जाम लगना शुरू हो गया। सुबह 11:00 बजे तक बाजार में जाम लग गया। दोनों ओर लगातार वाहनों की आवाजाही होने से बाजार में पैदल चलने तक की जगह नहीं बची। शाम के समय भी संजौली बाजार में लंबा जाम लगा रहा। आम दिनों में ऊपरी शिमला और मशोबरा की ओर से आने वाले हजारों वाहन वाया ढली बाईपास शिमला के लिए रवाना होते हैं। अब इन्हें संजौली बाजार से रवाना किया जा रहा है।
उपायुक्त ने बुलाई बैठक
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने इस पूरे मामले को लेकर अब बुधवार को बैठक बुलाई है। इसमें जिला प्रशासन के अलावा पुलिस, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, एनएचएआई के अधिकारियों को बुलाया है। इस क्षेत्र की जियोथर्मल रिपोर्ट भी उपायुक्त के पास पहुंच गई है। बैठक में बचाव कार्य शुरू करने को लेकर चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में निर्माण के चलते इस क्षेत्र को होने वाले नुकसान का भी जिक्र किया गया है। वहीं राजधानी के चलौंठी में अचानक सड़क धंसने की घटना के बाद एनएचएआई ने भी मौके पर राहत कार्य शुरू कर दिए हैं।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने इस पूरे मामले को लेकर अब बुधवार को बैठक बुलाई है। इसमें जिला प्रशासन के अलावा पुलिस, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, एनएचएआई के अधिकारियों को बुलाया है। इस क्षेत्र की जियोथर्मल रिपोर्ट भी उपायुक्त के पास पहुंच गई है। बैठक में बचाव कार्य शुरू करने को लेकर चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में निर्माण के चलते इस क्षेत्र को होने वाले नुकसान का भी जिक्र किया गया है। वहीं राजधानी के चलौंठी में अचानक सड़क धंसने की घटना के बाद एनएचएआई ने भी मौके पर राहत कार्य शुरू कर दिए हैं।
एनएचएआई के अनुसार चलौंठी में टनल नंबर पांच के ऊपर बने भवनों में नौ जनवरी को आई दरारों के बाद यहां जमीन को मजबूती देने का काम शुरू कर दिया था। हालांकि कुछ लोगों की आपत्तियों के चलते इस काम में देरी भी हुई है। जिन लोगों के मकान में दरारें आई हैं, उनके अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी के कारण काम में रुकावट आई है। बावजूद इसके मौके पर मजबूती देने का काम चल रहा है। जल्द ही इसे पूरा किया जाएगा।
