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Shimla News: बारिश के बीच तहबाजारियों का प्रदर्शन, पारदर्शिता बरतने की मांग
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शहर को सुंदर बनाने के नाम पर छीनी आजीविका
कम्युनिस्ट पार्टी के साथ मिलकर तहबाजारियों ने की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम की ओर से तहबाजारियों को हटाने की कार्रवाई के खिलाफ कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। बारिश के बीच उपायुक्त कार्यालय के पास तहबाजारियों ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान आजीविका की गारंटी और कानून के अनुसार पुनर्वास की मांग उठाई गई।
यूनियन के सदस्यों ने कहा कि शिमला को सुंदर बनाने के नाम पर गरीबों की आजीविका छीनना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तहबाजारी हजारों परिवारों की रोजी-रोटी का साधन है। नगर निगम प्रशासन को तहबाजारियों को शहर की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा मानना चाहिए। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें हटाना अन्यायपूर्ण है। पार्टी ने तहबाजारियों को हटाने की कार्रवाई तत्काल बंद करने की मांग की। वहीं, संजय चौहान, विजेंद्र मेहरा और जगत राम ने कहा कि तहबाजारियों को उजाड़ा नहीं जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम शिमला से तहबाजारी मामलों में पारदर्शिता बरतने की मांग की। उन्होंने पात्र लोगों को उचित स्थान उपलब्ध कराने और जिन तहबाजारियों को काम करने से रोका गया है, उन्हें तत्काल अधिकार देने की मांग की। सामान जब्त करने और चालान जैसी दमनात्मक कार्रवाइयां बंद करने की भी मांग उठाई गई। पार्टी ने जिला प्रशासन से नगर निगम के साथ बैठक कर समस्या का समाधान करने की अपील की।
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कम्युनिस्ट पार्टी के साथ मिलकर तहबाजारियों ने की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम की ओर से तहबाजारियों को हटाने की कार्रवाई के खिलाफ कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। बारिश के बीच उपायुक्त कार्यालय के पास तहबाजारियों ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान आजीविका की गारंटी और कानून के अनुसार पुनर्वास की मांग उठाई गई।
यूनियन के सदस्यों ने कहा कि शिमला को सुंदर बनाने के नाम पर गरीबों की आजीविका छीनना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तहबाजारी हजारों परिवारों की रोजी-रोटी का साधन है। नगर निगम प्रशासन को तहबाजारियों को शहर की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा मानना चाहिए। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें हटाना अन्यायपूर्ण है। पार्टी ने तहबाजारियों को हटाने की कार्रवाई तत्काल बंद करने की मांग की। वहीं, संजय चौहान, विजेंद्र मेहरा और जगत राम ने कहा कि तहबाजारियों को उजाड़ा नहीं जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम शिमला से तहबाजारी मामलों में पारदर्शिता बरतने की मांग की। उन्होंने पात्र लोगों को उचित स्थान उपलब्ध कराने और जिन तहबाजारियों को काम करने से रोका गया है, उन्हें तत्काल अधिकार देने की मांग की। सामान जब्त करने और चालान जैसी दमनात्मक कार्रवाइयां बंद करने की भी मांग उठाई गई। पार्टी ने जिला प्रशासन से नगर निगम के साथ बैठक कर समस्या का समाधान करने की अपील की।
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