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Shimla News: रंग बिरंगी लाइटों से जगमगाए शहर के मंदिर
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शिमला। चैत्र नवरात्र के शुभारंभ पर शहर के मंदिरों को सुंदर तरीके से सजाया गया है। शहर के कालीबाड़ी, तारादेवी और बीसीएस के तारामाता मंदिर में विशेष सजावट की गई है।
घट स्थापना का पहला मुहूर्त वीरवार सुबह 6:54 से 7:58 बजे तक रहेगा। इसके साथ ही कलश स्थापना का दूसरा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:53 बजे तक रहेगा। नवरात्र के दौरान शहर में देवी के सभी दरबारों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। इस दौरान भक्त घरों में पवित्र जोत जलाकर माता की पूजा करते हैं और व्रत भी करते हैं। नवरात्र के पावन पर्व पर शहर के मंदिरों में भी घट स्थापना और मां शैलपुत्री की विशेष पूजा-अर्चना होगी। कालीबाड़ी मंदिर को गेंदे के फूलों और लड़ियों से सजाया गया है। तारादेवी मंदिर को भी अंदर और बाहरी परिसर को सुंदर सफेद और गुलाबी फूलों सहित गेंदे के फूलों से सजाया है। बीसीएस स्थित तारामाता मंदिर को भी विशेष लाल और नीली लाइटों से सजाया गया है। शहर के संजौली स्थित ढींगू माता मंदिर में भी विशेष प्रबंध किए हैं।
कालीबाड़ी मंदिर में घट स्थापना 7:00 बजे
कालीबाड़ी मंदिर के पंडित अम्लान गोस्वामी ने बताया कि मंदिर में नवरात्र के पावन पर्व की शुरुआत घट स्थापना से होगी। मंदिर में वीरवार सुबह 7:00 बजे के बाद घट स्थापना होगी और 9:27 बजे से विशेष पूजा होगी। 19 से 27 मार्च तक नवरात्र रहेंगे। अष्टमी और नवमी की पूजा 26 मार्च को होगी, 27 को नवमी 12:20 बजे तक है। कार्य निर्वाहक समिति शिमला कालीबाड़ी के सचिव डॉ. कल्लोल प्रमानिक ने बताया कि मंदिर में पहले से अंतिम नवरात्र तक भंडारा परोसा जाएगा।
तारादेवी मंदिर और तारामाता मंदिर में नौ दिन भंडारे
तारादेवी मंदिर के प्रबंधक अनिल शांडिल ने बताया कि मंदिर में पूरे नौ दिन तक श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की जाएगी। मंदिर के मुख्य पुजारी कमलेश शर्मा ने बताया कि नवरात्र के शुभारंभ पर मंदिर में सुबह 11:00 बजे के बाद कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद माता की पूजा-अर्चना होगी। इसके साथ ही बीसीएस के तारामाता मंदिर प्रबंधन ने कहा कि मंदिर में शुभ मुहूर्त के अनुसार पूजा अर्चना होगी और मंदिर में पूरे नौ दिन तक भंडारे परोसे जाएंगे। ढींगू माता मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी विशेष प्रबंध किए हैं।
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घट स्थापना का पहला मुहूर्त वीरवार सुबह 6:54 से 7:58 बजे तक रहेगा। इसके साथ ही कलश स्थापना का दूसरा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:53 बजे तक रहेगा। नवरात्र के दौरान शहर में देवी के सभी दरबारों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। इस दौरान भक्त घरों में पवित्र जोत जलाकर माता की पूजा करते हैं और व्रत भी करते हैं। नवरात्र के पावन पर्व पर शहर के मंदिरों में भी घट स्थापना और मां शैलपुत्री की विशेष पूजा-अर्चना होगी। कालीबाड़ी मंदिर को गेंदे के फूलों और लड़ियों से सजाया गया है। तारादेवी मंदिर को भी अंदर और बाहरी परिसर को सुंदर सफेद और गुलाबी फूलों सहित गेंदे के फूलों से सजाया है। बीसीएस स्थित तारामाता मंदिर को भी विशेष लाल और नीली लाइटों से सजाया गया है। शहर के संजौली स्थित ढींगू माता मंदिर में भी विशेष प्रबंध किए हैं।
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कालीबाड़ी मंदिर में घट स्थापना 7:00 बजे
कालीबाड़ी मंदिर के पंडित अम्लान गोस्वामी ने बताया कि मंदिर में नवरात्र के पावन पर्व की शुरुआत घट स्थापना से होगी। मंदिर में वीरवार सुबह 7:00 बजे के बाद घट स्थापना होगी और 9:27 बजे से विशेष पूजा होगी। 19 से 27 मार्च तक नवरात्र रहेंगे। अष्टमी और नवमी की पूजा 26 मार्च को होगी, 27 को नवमी 12:20 बजे तक है। कार्य निर्वाहक समिति शिमला कालीबाड़ी के सचिव डॉ. कल्लोल प्रमानिक ने बताया कि मंदिर में पहले से अंतिम नवरात्र तक भंडारा परोसा जाएगा।
तारादेवी मंदिर और तारामाता मंदिर में नौ दिन भंडारे
तारादेवी मंदिर के प्रबंधक अनिल शांडिल ने बताया कि मंदिर में पूरे नौ दिन तक श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की जाएगी। मंदिर के मुख्य पुजारी कमलेश शर्मा ने बताया कि नवरात्र के शुभारंभ पर मंदिर में सुबह 11:00 बजे के बाद कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद माता की पूजा-अर्चना होगी। इसके साथ ही बीसीएस के तारामाता मंदिर प्रबंधन ने कहा कि मंदिर में शुभ मुहूर्त के अनुसार पूजा अर्चना होगी और मंदिर में पूरे नौ दिन तक भंडारे परोसे जाएंगे। ढींगू माता मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी विशेष प्रबंध किए हैं।