धर्मशाला: सीमाओं में चीनी घुसपैठ के खिलाफ तिब्बतियों ने किया प्रदर्शन, भारत माता की जय के लगाए नारे
प्रदर्शनकारियों ने लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश की सीमाओं में चीन की घुसपैठ के खिलाफ नारेबाजी कर कड़ा विरोध जताया। वहीं, चीन की नापाक हरकतों को कड़ा जवाब देने वाले भारतीय सेना के जवानों को भी नमन किया गया।
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तिब्बती समुदाय के लोगों ने गुरुवार को मैक्लोडगंज के मुख्य चौक पर इकट्ठा होकर चीनी घुसपैठ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश की सीमाओं में चीन की घुसपैठ के खिलाफ नारेबाजीn कर कड़ा विरोध जताया। वहीं, चीन की नापाक हरकतों को कड़ा जवाब देने वाले भारतीय सेना के जवानों को भी नमन किया गया। मैैक्लोडगंज चौक पर एकत्रित होकर प्रदर्शनकारियों ने तिब्बत और भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा हाथों में लेकर चीन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कहा गया कि चीन की सीमा चीन की दीवार तक है। बाकी का क्षेत्र उसका कब्जाया हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने नारा लगाया ‘चीन की सीमा और चीन की दीवार, बाकी सब कब्जा है’।
इस दौरान तिब्बत की आजादी के साथ-साथ भारत माता की जय और दलाईलामा जिंदाबाद के नारे लगाए गए। कई युवाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर अपना विरोध प्रदर्शन जताया। इन तख्तियों पर लिखा था अरुणाचल प्रदेश को बरबाद करना बंद करो। वहीं, चीन में निर्मित सामान का भी तख्तियां लहराकर विरोध प्रदर्शन किया गया। तिब्बतियन युवा संगठन के अध्यक्ष गुमू टूंडू ने प्रदर्शन के दौरान बताया कि पांच अलग-अलग गैर सरकारी संगठनों और भारत-तिब्बत मैत्री संघ की ओर से यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में चीन लगातार घुसपैठ कर रहा है। तिब्बती समुदाय इसकी कड़ी निंदा करता है। घुसपैठ करने वाले चीनी सैनिकों की नापाक हरकतों का भारतीय जवानों ने ईंट का जवाब पत्थर से दिया है। भारतीय सैनिकों की इस बहादुरी को नमन करते हैं।