Sawan Shivratri 2026: श्रावण शिवरात्रि आज, मनोकामना पूर्ति के लिए शिवलिंग पर जरूर चढ़ाएं ये 8 चीजें
सावन शिवरात्रि पर जहां भोलेनाथ का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने का खास महत्व होता है वहीं पर शिवरात्रि पर 8 तरह के भगवान शिव के प्रिय पत्तों को अर्पित करने की धार्मिक मान्यताएं हैं, जिससे भोलेनाथ जल्द प्रसन्न होते हैं।
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Sawan Shivratri 2026: मंगलवार, 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि है। हिंदू धर्म में सावन शिवरात्रि के पर्व का विशेष महत्व होता है। शास्त्रों के अनुसार सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव की भक्ति-आराधना और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए बहुत ही शुभ दिन होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो भक्त सच्चे मन से भोलेनाथ की पूजा-आराधना करता है उसकी हर एक मनोकामना पूरी होती हैं। वैसे तो हर माह शिवरात्रि आती है लेकिन सावन के महीने में आने वाली शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। सावन माह की शिवरात्रि के दिन व्रत, पूजन के साथ ही भगवान शिव का अभिषेक करना बहुत मंगलकारी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महादेव शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे। तब से हर माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी का दिन भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष फलदाई माना गया है। सावन शिवरात्रि पर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और पंचामृत से भोलेनाथ का अभिषेक कर उनका आशीर्वाद लिया जाता है। सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए और अपनी हर मनोकामना की पूर्ति के कुछ पत्तों को शिवलिंग पर जरूर अर्पित करना चाहिए।
बेलपत्र
भगवान शिव बेलपत्र बहुत ही प्रिय होता है। बिना बेलपत्र के शिवजी की पूजा अधूरी माना जाती है। शिवरात्रि पर भगवान शिव को बेल पत्र चढ़ाने से सुख-समृद्धि, धन-ऐश्वर्य और शांति मिलती है।
भांग के पौधे का पत्ता
शिवलिंग पर भांग के पौधे का पत्ता चढ़ाने से महादेव प्रसन्न होते हैं। शिवलिंग पर भांग चढ़ाने से मन के विकार और बुराइयां दूर होती हैं।
शमी पत्र
भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग पर शमी पत्र जरूर चढ़ाएं। सावन शिवरात्रि पर शिवलिंग पर अभिषेक करने के बाद शमी के पत्ते चढ़ाने से भोलेनाथ के साथ-साथ शनिदेव की कृपा भी मिलती है।
दूर्वा
सावन शिव रात्रि पर शिवलिंग पर जलाभिषेक करने के बाद दूर्वा जरूर अर्पित करें। भगवान शिव और उनके पुत्र गणेश जी को दूर्वा बेहद प्रिय है। भगवान शिव को दूर्वा अर्पित करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।
धतूरे का पत्ता
बिना धतूरे का पत्ता अर्पित किए सावन शिवरात्रि पर शिवजी की पूजा अधूरी मानी जाती है। शिवजी को धतूरा बहुत ही प्रिय होता है। इससे बुरे विचार नष्ट होते हैं और मन में अच्छे-अच्छे सकारात्मक विचार आते हैं।
पीपल के पत्ते
हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ को बहुत ही शुभ और पवित्र माना जाता है। शास्त्रों में बताया गया है कि पीपल में त्रिदेवों का वास होता है। पीपल के पत्तों पर भगवान शिव का वास है। भगवान शिव को पीपल के पत्ते अर्पित करने से ग्रहों के दोष दूर होते हैं।
आक का पत्ता
आक के फूल और पत्ता दोनों ही शिवजी को बेहद प्रिय है। मान्यता है कि जो भक्त भगवान शिव को आक के पुष्प और पत्ते अर्पित करते हैं भगवान शिव सभी तरह के कष्ट हर लेते हैं।
आम के पत्ते
हिंदू धर्म में पूजा और अनुष्ठान में आम के पत्तों का विशेष महत्व होता है। सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव को आम के पत्ते अर्पित करने से जीवन में सुख की प्राप्ति होती है और दुर्भाग्य दूर होता है।