{"_id":"6a69e0913af9eccce904a8db","slug":"guru-purnima-kailashanand-giri-ji-maharaj-se-hazaron-bhakton-ne-li-guru-diksha-shuru-ki-aadhyatmik-yatra-2026-07-29","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Guru Purnima: कैलाशानंद गिरि जी महाराज से हजारों श्रद्धालुओं ने ली गुरु दीक्षा, शुरू किया आध्यात्मिक जीवन","category":{"title":"Religion","title_hn":"धर्म","slug":"religion"}}
Guru Purnima: कैलाशानंद गिरि जी महाराज से हजारों श्रद्धालुओं ने ली गुरु दीक्षा, शुरू किया आध्यात्मिक जीवन
Wed, 29 Jul 2026 04:48 PM IST
ज्योति मेहरा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Wed, 29 Jul 2026 04:48 PM IST
सार
Spiritual Life: हरिद्वार में गुरु दीक्षा का आयोजन सनातन परंपराओं की निरंतरता और समाज में बढ़ती आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक माना जा रहा हैं।
विज्ञापन
कैलाशानंद गिरि जी महाराज
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Guru Diksha Mahotsav: सनातन धर्म की गौरवशाली गुरु-शिष्य परंपरा का एक ऐतिहासिक क्षण उस समय देखने को मिला, जब आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज के पावन सान्निध्य में हजारों श्रद्धालुओं ने गुरु दीक्षा ग्रहण कर आध्यात्मिक मार्ग पर अपने जीवन की नई शुरुआत की। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं की विशाल उपस्थिति ने इस आयोजन को देश की सबसे बड़ा आध्यात्मिक महोत्सव का स्वरूप प्रदान किया और देश के सबसे बड़े गुरु दीक्षा महोत्सवों में शामिल कर दिया।
विज्ञापन
धर्म नगरी हरिद्वार में वैदिक मंत्रोच्चार, पवित्र यज्ञ, गुरु वंदना और शिव आराधना के दिव्य वातावरण में दीक्षा समारोह विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर गुरु महाराज ने श्रद्धालुओं को सत्य, सेवा, साधना, संयम और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गुरु दीक्षा केवल एक धार्मिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि व्यक्ति के जीवन को धर्म, संस्कार और आत्मिक जागृति की दिशा में आगे बढ़ाने वाला दिव्य संस्कार है।
विज्ञापन
गुरु के प्रति समर्पण का अद्भुत दृश्य
भव्य आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था, अनुशासन और गुरु के प्रति समर्पण का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। पूरा परिसर "हर-हर महादेव" और "जय गुरुदेव" के जयघोष से आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। अनेक श्रद्धालुओं ने इस अवसर को अपने जीवन का अत्यंत पवित्र और अविस्मरणीय अनुभव बताया।
विज्ञापन
आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है गुरु दीक्षा समारोह
आध्यात्मिक जगत के जानकारों का मानना है कि वर्तमान समय में इतने व्यापक स्तर पर आयोजित गुरु दीक्षा समारोह सनातन परंपराओं की निरंतरता और समाज में बढ़ती आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक हैं। यह आयोजन भारतीय संस्कृति, गुरु-शिष्य परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
ये भी पढ़ें - Guru Purnima 2026: आज गुरु पूर्णिमा पर जरूर करें इन 5 गुरुओं का सम्मान, मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
Guru Purnima 2026: आज गुरु पूर्णिमा पर करें ये शुभ दान, घर में आएगी सुख-समृद्धि