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कल से आषाढ़ का महीना आरंभ, जानिए इस दौरान क्या-क्या करने से मिलती है विष्णु जी की कृपा
Mon, 29 Jun 2026 03:46 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 29 Jun 2026 03:46 PM IST
सार
हिंदू धर्म में आषाढ़ महीने का विशेष महत्व होता है। इस माह भगवान विष्णु की विशेष रूप से पूजा-आराधना करने से सुख-सुविधाओं की प्राप्ति होती है।
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आषाढ़ माह का धार्मिक महत्व
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
Ashadha Month 2026: कल से यानी 20 जून से आषाढ़ का महीना आरंभ होने जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ माह का विशेष महत्व होता है। इसी महीने से पूरे देश में वर्षा ऋतु की शुरुआत होती है जिससे चारो तरफ प्रकृति में हरा-भरा वातावरण होता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ माह में भगवान विष्णु की विशेष रूप से पूजा-उपासना और दूसरे तरह के धार्मिक कार्य किए जाते हैं। इस माह में कुछ विशेष शुभ कार्य करने से व्यक्ति को अक्षय पुण्य और सुख-सुविधा की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं क्या होता है आषाढ़ माह का महत्व।
आषाढ़ माह का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ का महीना बहुत ही खास और पवित्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ माह में ही भगवान विष्णु देवशयनी एकादशी पर योग निद्रा में क्षीर सागर में लीन हो जाते हैं। भगवान विष्णु चार महीने के लिए योग निद्रा में होते हैं और इस दौरान किसी भी तरह का कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य करना वर्जित होता है। लेकिन इन चार महीनों के दौरान पूजा-पाठ, दान, जप और तप का विशेष महत्व होता है।
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आषाढ़ माह में पूजा-पाठ
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ माह में भगवान विष्णु के साथ-साथ शिवजी, सूर्यदेव और हनुमान जी की विशेष रूप से पूजा का महत्व होता है। इस माह भगवान विष्णु की नियमित पूजा करने से विशेष पुण्य का लाभ मिलता है। साथ ही सूर्य देव की पूजा करने से तेज और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। हनुमान जी पूजा से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। इस माह हर दिन नियमित रूप से विष्णु सहस्त्रनाम और विष्णु चालीसा का पाठ करने से विशेष लाभ मिलता है।
आषाढ़ माह में दान-पुण्य का महत्व
आषाढ़ के महीने में जहां भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष लाभ होता है वहीं इस माह में दान-पुण्य करना विशेष शुभ और लाभकारी होता है। इस माह मे विशेष रूप से जरूरमंदों को छाता, कपड़े, वस्त्र और धन का दान करना बहुत ही शुभ और पुण्य लाभकरी माना जाता है। इस माह विशेष तिथियों पर ब्राह्राणों या गरीबों को भोजन अवश्य खिलाना चाहिए साथ ही कुछ धन जरूर दें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस माह शुभ कार्य और दान करने से पापों से मुक्ति मिलती है।
आषाढ़ माह में कई व्रत और त्योहार आते हैं जिसमें व्रत रखने का विशेष महत्व होता है। आषाढ़ माह में देवशयनी, योगिनी एकादशी, गुप्त नवरात्रि, गुरु पूर्णिमा और भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाती है। इस विशेष अवसरों पर व्रत रखने से सुख-समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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आषाढ़ माह का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ का महीना बहुत ही खास और पवित्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ माह में ही भगवान विष्णु देवशयनी एकादशी पर योग निद्रा में क्षीर सागर में लीन हो जाते हैं। भगवान विष्णु चार महीने के लिए योग निद्रा में होते हैं और इस दौरान किसी भी तरह का कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य करना वर्जित होता है। लेकिन इन चार महीनों के दौरान पूजा-पाठ, दान, जप और तप का विशेष महत्व होता है।
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हिंदू मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ माह में भगवान विष्णु के साथ-साथ शिवजी, सूर्यदेव और हनुमान जी की विशेष रूप से पूजा का महत्व होता है। इस माह भगवान विष्णु की नियमित पूजा करने से विशेष पुण्य का लाभ मिलता है। साथ ही सूर्य देव की पूजा करने से तेज और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। हनुमान जी पूजा से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। इस माह हर दिन नियमित रूप से विष्णु सहस्त्रनाम और विष्णु चालीसा का पाठ करने से विशेष लाभ मिलता है।
आषाढ़ माह में दान-पुण्य का महत्व
आषाढ़ के महीने में जहां भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष लाभ होता है वहीं इस माह में दान-पुण्य करना विशेष शुभ और लाभकारी होता है। इस माह मे विशेष रूप से जरूरमंदों को छाता, कपड़े, वस्त्र और धन का दान करना बहुत ही शुभ और पुण्य लाभकरी माना जाता है। इस माह विशेष तिथियों पर ब्राह्राणों या गरीबों को भोजन अवश्य खिलाना चाहिए साथ ही कुछ धन जरूर दें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस माह शुभ कार्य और दान करने से पापों से मुक्ति मिलती है।
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प्रमुख तिथियों पर व्रत-उपवास करने का महत्वआषाढ़ माह में कई व्रत और त्योहार आते हैं जिसमें व्रत रखने का विशेष महत्व होता है। आषाढ़ माह में देवशयनी, योगिनी एकादशी, गुप्त नवरात्रि, गुरु पूर्णिमा और भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाती है। इस विशेष अवसरों पर व्रत रखने से सुख-समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।