{"_id":"6980514f1555e34adf021be2","slug":"falgun-month-2026-date-start-know-importance-of-worship-and-what-to-do-and-not-in-falgun-maas-2026-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Falgun Month 2026: आज से फाल्गुन माह प्रारम्भ, जानिए इस माह कौन सा काम करना शुभ और क्या होता है वर्जित","category":{"title":"Religion","title_hn":"धर्म","slug":"religion"}}
Falgun Month 2026: आज से फाल्गुन माह प्रारम्भ, जानिए इस माह कौन सा काम करना शुभ और क्या होता है वर्जित
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 02 Feb 2026 12:55 PM IST
विज्ञापन
सार
Falgun Month 2026: हिंदू कैलेंडर के अनुसार माघ माह के बाद फालुगन का महीना शुरू होता है। फाल्गुन का महीना भगवान शिव की पूजा और धार्मिक नजरिए से बहुत ही खास रहने वाला होगा।
फाल्गुन मास 2026
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन
विस्तार
Falgun Month 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार माघ पूर्णिमा के बाद फाल्गुन मास का आरंभ होता है। यह महीना ऋतु परिवर्तन का संदेश देता है, जब प्रकृति शीत ऋतु से विदा लेकर बसंत का स्वागत करती है। धार्मिक दृष्टि से भी फाल्गुन अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी माह महाशिवरात्रि और होली जैसे प्रमुख पर्व आते हैं। साथ ही विजया एकादशी, आमलकी एकादशी, यशोदा जयंती और जानकी जयंती जैसे व्रत-पर्व भी इसी महीने में मनाए जाते हैं। पौराणिक मान्यता है कि यह महीना मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन से भी जुड़ा माना जाता है।
फाल्गुन माह में क्या करें
शिव भक्ति से सौभाग्य वृद्धि
श्रीकृष्ण आराधना से सकारात्मकता
जीवन उद्देश्य के अनुसार कृष्ण उपासना
चंद्र उपासना से मानसिक शांति
फाल्गुन माह में क्या न करें
होलाष्टक में मांगलिक कार्य वर्जित
प्रेम और मर्यादा बनाए रखें
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
Trending Videos
फाल्गुन माह में क्या करें
शिव भक्ति से सौभाग्य वृद्धि
- फाल्गुन माह में भगवान शिव की उपासना को विशेष फलदायी माना गया है। बसंत ऋतु के कारण इस महीने शिवलिंग पर जल के साथ पीले पुष्प अर्पित करने का विशेष महत्व है। साथ ही “ॐ नमः शिवाय”जैसे शिव मंत्रों का नियमित जाप करने से जीवन में स्थिरता, शांति और सौभाग्य की वृद्धि होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
श्रीकृष्ण आराधना से सकारात्मकता
- फाल्गुन माह भगवान श्रीकृष्ण की उपासना के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है। इस महीने राधा-कृष्ण पर गुलाल अर्पित कर फाल्गुन के भजन गाने से वातावरण आनंदमय बनता है। मान्यता है कि इससे दांपत्य जीवन में मधुरता आती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
जीवन उद्देश्य के अनुसार कृष्ण उपासना
- फाल्गुन माह में संतान प्राप्ति की कामना रखने वालों को श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की, प्रेम और आनंद की प्राप्ति के लिए युवा कृष्ण की तथा ज्ञान और विवेक के लिए गुरु कृष्ण की उपासना करनी चाहिए। यह उपासना जीवन को सही दिशा प्रदान करती है।
चंद्र उपासना से मानसिक शांति
- नवग्रहों में चंद्रमा को मन और भावनाओं का कारक माना गया है। फाल्गुन माह में प्रतिदिन चंद्रमा को प्रणाम कर दूध से अर्घ्य देने से मानसिक तनाव कम होता है। ऐसा करने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है और जीवन की परेशानियां दूर होती हैं।
Falgun Month 2026: आज से फाल्गुन माह शुरू, जानें महाशिवरात्रि से लेकर होली और ग्रहण तक की सभी जानकारी
दान-पुण्य से पुण्य लाभ- इस माह अपनी सामर्थ्य के अनुसार शुद्ध घी, सरसों का तेल, मौसमी फल, अनाज और वस्त्र का दान करना चाहिए। इससे पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
फाल्गुन माह में क्या न करें
होलाष्टक में मांगलिक कार्य वर्जित
- फाल्गुन माह के अंतिम आठ दिनों को होलाष्टक कहा जाता है। इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए, क्योंकि इन्हें अशुभ माना गया है।
February Rashifal 2026: फरवरी में 4 बड़े ग्रहों का गोचर, जानें किन राशि वालों की चमकेगी किस्मत और किसे रहना है अलर्ट
तामसिक आहार और नशे से दूरी
- पूरे फाल्गुन माह में मांस-मछली, मदिरा और अन्य नशीली वस्तुओं का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही वाणी पर संयम रखें और क्रोध से बचें, ताकि मन की शुद्धता बनी रहे।
प्रेम और मर्यादा बनाए रखें
- फाल्गुन प्रेम और उल्लास का महीना है। इस दौरान कटु वचन, द्वेष और किसी का अहित करने से बचना चाहिए। प्रेमपूर्वक व्यवहार करने से यह महीना जीवन में वास्तविक मधुरता घोल देता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
