Hariyali Amavasya 2026: हरियाली अमावस्या पर सुख-समृद्धि, खुशहाली और पितृदोष से मुक्ति के लिए जरूर करें ये उपाय
Hariyali Amavasya 2026: हरियाली अमावस्या पर भगवान शिव की पूजा, पितरों को तर्पण, गंगा स्नान और वृक्षारोपण करने से जीवन में सुख-समृद्धि और संपन्नता आती है।
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हरियाली अमावस्या पर शिव-पार्वती की पूजा का महत्व
इस दिन विशेष तौर पर शिव-पार्वती के पूजन करने से उनकी सदैव कृपा बनी रहती है और प्रसन्न होकर वे अपने भक्तों की हर मनोकामना को शीघ्र पूर्ण करते हैं।कुँवारी कन्याएं इस दिन शिव-पार्वती की पूजा करती हैं तो उन्हें मनचाहा वर मिलता है।इसके अलावा सुहागन महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।जिन लोगों की कुंडली में कालसर्पदोष,पितृदोष और शनि का प्रकोप है वे हरियाली अमावस्या के दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक,पंचामृत या रुद्राभिषेक करें तो उन्हें लाभ होगा।
हरियाली अमावस्या पर पौधरोपण
पुराणों के अनुसार हरियाली अमावस्या पर देवपूजा के साथ वृक्षारोपण करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है।
-अच्छी सेहत पाने के किए नीम का पौधा लगाएं।
-संतान के लिए केले का पौधा शुभ माना जाता है।
-सुख-शांति-समृद्धि के लिए तुलसी का पौथा बहुत ही अच्छा होता है।
-धन और वैभव की प्राप्ति की इच्छा हो तो आंवले का पौधा लगाना शुभ माना गया है।
-पीपल लगाने से पितृ दोष दूर होकर लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है
-वटवृक्ष मोक्ष प्रदान करता है। शिवजी और गणेशजी का प्रिय वृक्ष सभी रोगों का नाश करता है।
-अशोक लगाने से जीवन के समस्त शोक दूर होते हैं एवं
- सौभाग्य प्राप्ति के लिए अर्जुन,नारियल,बरगद(वट) का वृक्ष लगाएं।
हरियाली अमावस्या पर पितृ दोष से मुक्ति के उपाय
हरियाली अमावस्या पर पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए और पितरों की आत्मा की शांति के लिए हवन-पूजा, श्राद्ध, तर्पण आदि करना हरियाली अमावस्या श्रेष्ठ तिथि होती है।