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Commonwealth Games: ग्लासगो से गुजरात पहुंचा कॉमनवेल्थ गेम्स का फ्लैग, 2030 मेजबानी की तैयारियां शुरू
Wed, 05 Aug 2026 06:22 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Wed, 05 Aug 2026 06:22 PM IST
सार
ग्लासगो 2026 राष्ट्रमंडल खेलों के समापन के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स का ध्वज गुजरात पहुंच गया, जिसे मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को औपचारिक रूप से सौंपा गया। इसके साथ ही अहमदाबाद में 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारियों का आधिकारिक आगाज हो गया।
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ग्लासगो से गुजरात पहुंचा कॉमनवेल्थ गेम्स का फ्लैग
- फोटो : IANS
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विस्तार
अहमदाबाद में वर्ष 2030 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेल (कॉमनवेल्थ गेम्स) की तैयारियां औपचारिक रूप से शुरू हो गई हैं। ग्लासगो 2026 राष्ट्रमंडल खेलों के समापन के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स का ध्वज (फ्लैग) गुजरात पहुंचा, जिसे बुधवार को उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने गांधीनगर में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को सौंपा।
ग्लासगो में आयोजित समापन समारोह के दौरान राष्ट्रमंडल खेलों का ध्वज भारतीय प्रतिनिधिमंडल को सौंपा गया था। इसके साथ ही अहमदाबाद को वर्ष 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का दायित्व औपचारिक रूप से मिल गया। यह ध्वज अब 2030 तक गुजरात में रहेगा और राज्य की मेजबानी की जिम्मेदारी का प्रतीक होगा।
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ग्लासगो में आयोजित समापन समारोह के दौरान राष्ट्रमंडल खेलों का ध्वज भारतीय प्रतिनिधिमंडल को सौंपा गया था। इसके साथ ही अहमदाबाद को वर्ष 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का दायित्व औपचारिक रूप से मिल गया। यह ध्वज अब 2030 तक गुजरात में रहेगा और राज्य की मेजबानी की जिम्मेदारी का प्रतीक होगा।
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खिलाड़ियों की मौजूदगी में हुआ ध्वज हस्तांतरण
मंत्रिमंडल की बैठक में गुजरात के वे खिलाड़ी और पैरा-एथलीट भी शामिल हुए जिन्होंने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इनमें पैरा-एथलीट राकेश भट्ट और रोहित मजगुल के अलावा पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी सोनल पटेल भी मौजूद रहीं। इस अवसर पर मुख्य सचिव एम.के. दास, अतिरिक्त मुख्य सचिव अश्विनी कुमार और एम. थेन्नारासन तथा सचिव राहुल गुप्ता भी उपस्थित रहे।
मंत्रिमंडल की बैठक में गुजरात के वे खिलाड़ी और पैरा-एथलीट भी शामिल हुए जिन्होंने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इनमें पैरा-एथलीट राकेश भट्ट और रोहित मजगुल के अलावा पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी सोनल पटेल भी मौजूद रहीं। इस अवसर पर मुख्य सचिव एम.के. दास, अतिरिक्त मुख्य सचिव अश्विनी कुमार और एम. थेन्नारासन तथा सचिव राहुल गुप्ता भी उपस्थित रहे।
ग्लासगो में भारत ने जीते 39 पदक
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। भारत के खाते में 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य पदक आए। भारतीय पैरा-एथलीटों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए सात पदक (तीन स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य) जीते। इसके साथ ही भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों में पैरा एथलेटिक्स में 20 वर्षों बाद पदक जीतने का इंतजार भी खत्म किया।
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। भारत के खाते में 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य पदक आए। भारतीय पैरा-एथलीटों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए सात पदक (तीन स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य) जीते। इसके साथ ही भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों में पैरा एथलेटिक्स में 20 वर्षों बाद पदक जीतने का इंतजार भी खत्म किया।
'टीम गुजरात' पूरी तरह तैयार : हर्ष संघवी
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने गुजरात और देशभर के खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि 'टीम गुजरात' अहमदाबाद में 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियां कॉमनवेल्थ स्पोर्ट, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए), भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) और गुजरात के खेल विभाग के मार्गदर्शन में आगे बढ़ाई जा रही हैं। स्कॉटलैंड से लौटने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा, 'ग्लासगो से अहमदाबाद तक 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की यात्रा अब आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है।'
खेल अवसंरचना और खिलाड़ियों के विकास पर रहेगा जोर
ग्लासगो से लौटने के बाद मीडिया से बातचीत में हर्ष संघवी ने कहा कि राज्य सरकार राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों में तेजी लाने के साथ-साथ खेल अवसंरचना और खिलाड़ियों के विकास पर विशेष ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'फिट इंडिया' अभियान को आगे बढ़ाने के साथ 'नशा मुक्त भारत अभियान' को भी मजबूती देगी और युवाओं को फिटनेस तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। संघवी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा खेल क्षेत्र में बढ़ाए गए निवेश से आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित हुई हैं, जिससे भारतीय खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन का अवसर मिला है।
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने गुजरात और देशभर के खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि 'टीम गुजरात' अहमदाबाद में 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियां कॉमनवेल्थ स्पोर्ट, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए), भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) और गुजरात के खेल विभाग के मार्गदर्शन में आगे बढ़ाई जा रही हैं। स्कॉटलैंड से लौटने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा, 'ग्लासगो से अहमदाबाद तक 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की यात्रा अब आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है।'
खेल अवसंरचना और खिलाड़ियों के विकास पर रहेगा जोर
ग्लासगो से लौटने के बाद मीडिया से बातचीत में हर्ष संघवी ने कहा कि राज्य सरकार राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों में तेजी लाने के साथ-साथ खेल अवसंरचना और खिलाड़ियों के विकास पर विशेष ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'फिट इंडिया' अभियान को आगे बढ़ाने के साथ 'नशा मुक्त भारत अभियान' को भी मजबूती देगी और युवाओं को फिटनेस तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। संघवी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा खेल क्षेत्र में बढ़ाए गए निवेश से आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित हुई हैं, जिससे भारतीय खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन का अवसर मिला है।
जिला स्तर पर खिलाड़ियों को मिलेगा बढ़ावा
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जिला खेल परिसरों के माध्यम से स्थानीय खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएं तैयार कर रही है, ताकि अधिक से अधिक युवा आधुनिक खेल सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
क्या है कॉमनवेल्थ गेम्स फ्लैग का महत्व?
कॉमनवेल्थ गेम्स का ध्वज पारंपरिक रूप से मौजूदा मेजबान शहर से अगले मेजबान शहर को समापन समारोह के दौरान सौंपा जाता है। यह मेजबानी की जिम्मेदारी के हस्तांतरण का प्रतीक होने के साथ-साथ राष्ट्रमंडल देशों के बीच एकता, मित्रता, निष्पक्ष खेल भावना और सहयोग का संदेश भी देता है। अब यह ध्वज गुजरात पहुंचने के साथ ही अहमदाबाद में वर्ष 2030 में आयोजित होने वाले शताब्दी राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों का औपचारिक आगाज हो चुका है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जिला खेल परिसरों के माध्यम से स्थानीय खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएं तैयार कर रही है, ताकि अधिक से अधिक युवा आधुनिक खेल सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
क्या है कॉमनवेल्थ गेम्स फ्लैग का महत्व?
कॉमनवेल्थ गेम्स का ध्वज पारंपरिक रूप से मौजूदा मेजबान शहर से अगले मेजबान शहर को समापन समारोह के दौरान सौंपा जाता है। यह मेजबानी की जिम्मेदारी के हस्तांतरण का प्रतीक होने के साथ-साथ राष्ट्रमंडल देशों के बीच एकता, मित्रता, निष्पक्ष खेल भावना और सहयोग का संदेश भी देता है। अब यह ध्वज गुजरात पहुंचने के साथ ही अहमदाबाद में वर्ष 2030 में आयोजित होने वाले शताब्दी राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों का औपचारिक आगाज हो चुका है।