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CA Kuttappa: भारतीय पुरुष बॉक्सिंग टीम के मुख्य कोच बने सीए कुटप्पा, तीसरी बार सौंपी गई जिम्मेदारी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mayank Tripathi
Updated Tue, 13 Jan 2026 09:11 PM IST
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सार
द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता सीए कुटप्पा को भारतीय पुरुष बॉक्सिंग टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है और यह उनका तीसरा कार्यकाल होगा। कमजोर अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन के बाद बीएफआई ने यह बदलाव किया है, जबकि पूर्व कोच धर्मेंद्र यादव को कोचिंग स्टाफ में बनाए रखा गया है।
बॉक्सिंग (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : adobestock
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विस्तार
द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित सीए कुटप्पा एक बार फिर भारतीय पुरुष बॉक्सिंग टीम के मुख्य कोच नियुक्त किए गए हैं। यह उनका तीसरा कार्यकाल होगा। इस नियुक्ति की पुष्टि बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) ने मंगलवार को की। सीए कुटप्पा ने इस पद पर एसएआई रोहतक के कोच धर्मेंद्र यादव की जगह ली है। हालांकि, धर्मेंद्र यादव पुरुष टीम के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा बने रहेंगे। बीएफआई के कार्यकारी निदेशक कर्नल अरुण मलिक ने इस बदलाव की जानकारी दी।
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हालिया प्रदर्शन बना कारण
भारतीय पुरुष बॉक्सिंग टीम का पिछले कुछ वर्षों का प्रदर्शन अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा है। 2024 पेरिस ओलंपिक के लिए केवल दो पुरुष मुक्केबाज ही क्वालीफाई कर सके थे। इसके बाद 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप (लिवरपूल) में भारतीय पुरुष टीम 12 साल में पहली बार बिना पदक के लौटी।
भारतीय पुरुष बॉक्सिंग टीम का पिछले कुछ वर्षों का प्रदर्शन अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा है। 2024 पेरिस ओलंपिक के लिए केवल दो पुरुष मुक्केबाज ही क्वालीफाई कर सके थे। इसके बाद 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप (लिवरपूल) में भारतीय पुरुष टीम 12 साल में पहली बार बिना पदक के लौटी।
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अनुभव से भरे हैं कुटप्पा
सीए कुटप्पा पहले भी टोक्यो और पेरिस ओलंपिक के दौरान भारतीय पुरुष टीम के मुख्य कोच रह चुके हैं। वह 2008 बीजिंग ओलंपिक के दौरान राष्ट्रीय सहयोगी स्टाफ का भी हिस्सा थे, जब विजेंदर सिंह ने भारत को बॉक्सिंग में पहला ओलंपिक पदक दिलाया था।
सीए कुटप्पा पहले भी टोक्यो और पेरिस ओलंपिक के दौरान भारतीय पुरुष टीम के मुख्य कोच रह चुके हैं। वह 2008 बीजिंग ओलंपिक के दौरान राष्ट्रीय सहयोगी स्टाफ का भी हिस्सा थे, जब विजेंदर सिंह ने भारत को बॉक्सिंग में पहला ओलंपिक पदक दिलाया था।
महिला टीम में भी बदलाव
पूर्व हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर सैंटियागो निएवा, जिन्हें पिछले महीने महिला टीम का विदेशी कोच नियुक्त किया गया था, कैंप में शामिल हो चुके हैं। वहीं, महिला बॉक्सिंग टीम की कोच-इन-चार्ज की जिम्मेदारी एसएआई की गीता चानू संभालेंगी। भारतीय मुक्केबाज 12 जनवरी से पटियाला स्थित नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (NIS) में प्रशिक्षण ले रहे हैं। यह कैंप 14 मार्च तक चलेगा, जहां राष्ट्रीय कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ की निगरानी में अभ्यास होगा।बीएफआई की 2026 चयन नीति के तहत, राष्ट्रीय चैंपियनशिप में ओलंपिक वेट कैटेगरी के टॉप-4 बॉक्सरों को कैंप में शामिल किया गया है। इसके अलावा नॉन-ओलंपिक वेट कैटेगरी के स्वर्ण और रजत पदक विजेताओं को भी मौका मिला है।
पूर्व हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर सैंटियागो निएवा, जिन्हें पिछले महीने महिला टीम का विदेशी कोच नियुक्त किया गया था, कैंप में शामिल हो चुके हैं। वहीं, महिला बॉक्सिंग टीम की कोच-इन-चार्ज की जिम्मेदारी एसएआई की गीता चानू संभालेंगी। भारतीय मुक्केबाज 12 जनवरी से पटियाला स्थित नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (NIS) में प्रशिक्षण ले रहे हैं। यह कैंप 14 मार्च तक चलेगा, जहां राष्ट्रीय कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ की निगरानी में अभ्यास होगा।बीएफआई की 2026 चयन नीति के तहत, राष्ट्रीय चैंपियनशिप में ओलंपिक वेट कैटेगरी के टॉप-4 बॉक्सरों को कैंप में शामिल किया गया है। इसके अलावा नॉन-ओलंपिक वेट कैटेगरी के स्वर्ण और रजत पदक विजेताओं को भी मौका मिला है।
स्टार बॉक्सरों को विशेष प्रवेश
चोट के कारण नेशनल्स में हिस्सा नहीं ले पाने वाले मौजूदा 57 किग्रा वर्ल्ड चैंपियन जैस्मिन लांबोरिया और 60 किग्रा वर्ल्ड कप फाइनल्स की गोल्ड मेडलिस्ट परवीन हुड्डा को वाइल्डकार्ड के जरिए कैंप में शामिल किया जाएगा। कुछ ऐसे बॉक्सर, जो पदक राउंड तक नहीं पहुंच सके लेकिन जिनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्षमता दिखी, उन्हें भी वाइल्डकार्ड एंट्री दी जाएगी ताकि कैंप में प्रतिस्पर्धा और गहराई बनी रहे। एशियन चैंपियनशिप, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंटों के चलते 2026 भारतीय बॉक्सिंग के लिए बेहद महत्वपूर्ण साल साबित होगा। भारतीय बॉक्सरों का साल का पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट स्पेन के ला नुसिया में 2 फरवरी से शुरू होने वाला बॉक्सम इंटरनेशनल टूर्नामेंट होगा। चयन मानदंड के अनुसार, ओलंपिक वेट कैटेगरी के स्वर्ण पदक विजेता और नॉन-ओलंपिक वेट कैटेगरी के रजत पदक विजेता भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
चोट के कारण नेशनल्स में हिस्सा नहीं ले पाने वाले मौजूदा 57 किग्रा वर्ल्ड चैंपियन जैस्मिन लांबोरिया और 60 किग्रा वर्ल्ड कप फाइनल्स की गोल्ड मेडलिस्ट परवीन हुड्डा को वाइल्डकार्ड के जरिए कैंप में शामिल किया जाएगा। कुछ ऐसे बॉक्सर, जो पदक राउंड तक नहीं पहुंच सके लेकिन जिनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्षमता दिखी, उन्हें भी वाइल्डकार्ड एंट्री दी जाएगी ताकि कैंप में प्रतिस्पर्धा और गहराई बनी रहे। एशियन चैंपियनशिप, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंटों के चलते 2026 भारतीय बॉक्सिंग के लिए बेहद महत्वपूर्ण साल साबित होगा। भारतीय बॉक्सरों का साल का पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट स्पेन के ला नुसिया में 2 फरवरी से शुरू होने वाला बॉक्सम इंटरनेशनल टूर्नामेंट होगा। चयन मानदंड के अनुसार, ओलंपिक वेट कैटेगरी के स्वर्ण पदक विजेता और नॉन-ओलंपिक वेट कैटेगरी के रजत पदक विजेता भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।