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CWG 2026: स्वदेश लौटने पर चानू समेत भारोत्तोलकों का हुआ भव्य स्वागत, मीराबई बोलीं- मेडल जीतकर बहुत खुश हूं
Sun, 02 Aug 2026 04:35 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sun, 02 Aug 2026 04:35 PM IST
सार
भारतीय भारोत्तोलक राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन के बाद रविवार को स्वदेश लौट गए। भारत वापस आने पर मीराबाई चानू समेत भारतीय भारोत्तोलक टीम का जोरदार स्वागत किया गया।
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मीराबाई चानू
- फोटो : PTI
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विस्तार
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में देश का नाम रोशन करके भारतीय भारोत्तोलन टीम रविवार को स्वदेश लौटी। ग्लास्गो में गोल्ड मेडल जीतने वाली मीराबाई चानू ने अपने प्रदर्शन पर खुशी जाहिर की। वहीं, लवप्रीत सिंह ने उनका समर्थन करने के लिए देशवासियों का धन्यवाद किया। दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों के पहुंचने से पहले ही फैंस का जमावड़ा देखने को मिला। फैंस काफी समय पहले ही पहुंचकर अपने चहेते खिलाड़ियों का इंतजार कर रहे थे। खिलाड़ियों के एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही उनका भव्य स्वागत किया गया। सभी खिलाड़ियों को माला पहनाई गई और जमकर ढोल-नगाड़े बजे।
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मीराबाई ने लगातार तीसरी बार जीता था सोना
भारतीय भारोत्तोलन मीराबाई चानू ने कहा कि उन्हें बहुत खुशी है कि वह देश के लिए स्वर्ण पदक जीत सकीं। मीराबाई ने कहा कि वह गोल्ड जीतकर गर्व महसूस कर रही हैं। मीराबाई चानू ने 48 किलोग्राम वर्ग में कुल 190 किलो का भार उठाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। मीराबाई ने लगातार तीसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है।
वहीं, भारत को 110 प्लस कैटेगरी में सिल्वर मेडल दिलाने वाले वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह ने बताया कि उन्हें रजत पदक जीतने पर बहुत खुशी है। लवप्रीत ने कहा कि पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में वह कांस्य पदक ही जीत सके थे, ऐसे में मेडल का रंग बदलकर वह खुश हैं। लवप्रीत ने भारतीय नौसेना और सभी देशवासियों का उन्हें सपोर्ट करने के लिए धन्यवाद किया।
भारतीय भारोत्तोलन मीराबाई चानू ने कहा कि उन्हें बहुत खुशी है कि वह देश के लिए स्वर्ण पदक जीत सकीं। मीराबाई ने कहा कि वह गोल्ड जीतकर गर्व महसूस कर रही हैं। मीराबाई चानू ने 48 किलोग्राम वर्ग में कुल 190 किलो का भार उठाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। मीराबाई ने लगातार तीसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है।
वहीं, भारत को 110 प्लस कैटेगरी में सिल्वर मेडल दिलाने वाले वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह ने बताया कि उन्हें रजत पदक जीतने पर बहुत खुशी है। लवप्रीत ने कहा कि पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में वह कांस्य पदक ही जीत सके थे, ऐसे में मेडल का रंग बदलकर वह खुश हैं। लवप्रीत ने भारतीय नौसेना और सभी देशवासियों का उन्हें सपोर्ट करने के लिए धन्यवाद किया।
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लवप्रीत को अगली बार स्वर्ण की उम्मीद
लवप्रीत नौसेना में नौकरी करते हैं और उन्होंने खासतौर पर अपने नौसेना कप्तान विजय कुमार का धन्यवाद किया। लवप्रीत ने कहा कि परिवार बेसब्री से उनका इंतजार कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वह अगली प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल लाने की पूरी कोशिश करेंगे। लवप्रीत ने कुल 388 किलो का भार उठाते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया और वह गोल्ड जीतने से सिर्फ एक किलोग्राम पीछे रह गए थे।
53 किलोग्राम कैटेगरी में देश को सिल्वर मेडल दिलाने वालीं भारोत्तोलन ज्ञानेश्वरी यादव ने बताया कि मेडल जीतकर भारत आने की उन्हें बहुत खुशी है। ज्ञानेश्वरी ने कहा कि उनका परिवार बेहद उत्सुकता से उनका इंतजार कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वह 2030 में भारत में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में देश को गोल्ड लाने का पूरा प्रयास करेंगी। वहीं, वेटलिफ्टिंग में सिल्वर जीतने वाले ऋषिकांत सिंह ने भी मेडल के साथ स्वदेश लौटने पर खुशी जाहिर की।
लवप्रीत नौसेना में नौकरी करते हैं और उन्होंने खासतौर पर अपने नौसेना कप्तान विजय कुमार का धन्यवाद किया। लवप्रीत ने कहा कि परिवार बेसब्री से उनका इंतजार कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वह अगली प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल लाने की पूरी कोशिश करेंगे। लवप्रीत ने कुल 388 किलो का भार उठाते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया और वह गोल्ड जीतने से सिर्फ एक किलोग्राम पीछे रह गए थे।
53 किलोग्राम कैटेगरी में देश को सिल्वर मेडल दिलाने वालीं भारोत्तोलन ज्ञानेश्वरी यादव ने बताया कि मेडल जीतकर भारत आने की उन्हें बहुत खुशी है। ज्ञानेश्वरी ने कहा कि उनका परिवार बेहद उत्सुकता से उनका इंतजार कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वह 2030 में भारत में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में देश को गोल्ड लाने का पूरा प्रयास करेंगी। वहीं, वेटलिफ्टिंग में सिल्वर जीतने वाले ऋषिकांत सिंह ने भी मेडल के साथ स्वदेश लौटने पर खुशी जाहिर की।