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Hindi News ›   Sports ›   Delhi High Court Holds Hockey India Secretary General Bhola Nath Singh Guilty Of Contempt

Hockey India: हॉकी इंडिया के महासचिव दोषी करार, अवमानना मामले में दिल्ली हाईकोर्ट चार मई को सुनाएगा सजा?

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Swapnil Shashank Updated Tue, 21 Apr 2026 02:37 PM IST
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सार

दिल्ली हाईकोर्ट ने हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया है। कोर्ट ने पाया कि उन्होंने जानबूझकर आदेशों का पालन नहीं किया और याचिकाकर्ता को बैठकों में शामिल होने के लिए जरूरी लिंक नहीं दिए। मामले में सजा पर सुनवाई चार मई को होगी।

Delhi High Court Holds Hockey India Secretary General Bhola Nath Singh Guilty Of Contempt
दिल्ली हाई कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया है। कोर्ट ने पाया कि उन्होंने जानबूझकर न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं किया। जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव ने 20 अप्रैल को यह फैसला सुनाया और कहा कि सजा के मुद्दे पर सुनवाई चार मई को की जाएगी। हालांकि, अदालत ने सिंह को अवमानना खत्म करने के लिए उचित कदम उठाने की छूट भी दी है।
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क्या था पूरा मामला
यह मामला सैयद असीमा अली द्वारा दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है। अली, जो हॉकी इंडिया की निर्वाचित उपाध्यक्ष हैं, ने आरोप लगाया था कि खेल संस्था के अधिकारियों ने 17 जनवरी 2025 के कोर्ट आदेश का पालन नहीं किया। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि अली को सभी एग्जीक्यूटिव बोर्ड बैठकों में भाग लेने के लिए जरूरी लिंक उपलब्ध कराए जाएं, लेकिन चार जुलाई 2025 और 27 जुलाई 2025 की बैठकों के लिए उन्हें लिंक नहीं दिया गया।
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कोर्ट की सख्त टिप्पणी
अदालत ने इस मामले में कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, 'अवमानना को खत्म करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया। जिन बैठकों के लिंक याचिकाकर्ता को नहीं दिए गए, उनके मिनट्स अब भी कोर्ट के आदेशों के खिलाफ हैं। माफी की बात तो दूर, एक बार भी बिना शर्त माफी नहीं मांगी गई।' कोर्ट ने आगे कहा, 'बिना शर्त माफी गंगा जल की तरह नहीं होती कि वह हर गलती को शुद्ध कर दे, खासकर तब जब अवज्ञा जानबूझकर और सोच-समझकर की गई हो।'

कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी राष्ट्रीय खेल महासंघ द्वारा अदालत के आदेशों का पालन न करना गंभीर मामला है। अदालत ने टिप्पणी की, 'राज्य के अधीन काम करने और सरकारी फंड प्राप्त करने वाली संस्था द्वारा
आदेशों की अनदेखी करना किसी प्रशासनिक पाप से कम नहीं है।'

पहले आदेश का संदर्भ
17 जनवरी 2025 का आदेश सैयद असीमा अली की उस याचिका पर दिया गया था, जिसमें उन्होंने भोलानाथ सिंह को महासचिव पद से हटाने की मांग की थी। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि सिंह स्पोर्ट्स कोड के तहत तय आयु और कार्यकाल की शर्तों के कारण इस पद के लिए पात्र नहीं हैं।

आगे क्या होगा
अब इस मामले में अगली सुनवाई चार मई को होगी, जहां अदालत सजा पर फैसला करेगी। साथ ही, अदालत ने यह भी संकेत दिया है कि यदि दोषी उचित कदम उठाते हैं, तो वे अवमानना को समाप्त करने का प्रयास कर सकते हैं।
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