FIFA WC: विश्व कप से बाहर होते ही बवाल? नीदरलैंड के खिलाड़ियों पर नस्लीय हमला; इक्वाडोर के कोच ने भी छोड़ा पद
विश्व कप से बाहर होने के बाद नीदरलैंड के खिलाड़ियों को सोशल मीडिया पर नस्लीय टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। वहीं मेक्सिको से हार के बाद इक्वाडोर के कोच सेबास्टियन बेक्कासेसे ने पद छोड़ने का एलान कर दिया।
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फीफा विश्व कप के राउंड ऑफ-32 में मोरक्को से पेनल्टी शूटआउट में हार के बाद नीदरलैंड के खिलाड़ियों को सोशल मीडिया पर नस्लीय, भेदभावपूर्ण और आपत्तिजनक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। डच फुटबॉल संघ (केएनवीबी) ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।
क्या पेनल्टी चूकने वाले खिलाड़ियों पर निकाला गया गुस्सा?
केएनवीबी के अनुसार, जस्टिन क्लुइवर्ट, क्विंटन टिम्बर और क्रिसेंसियो समरविल पेनल्टी शूटआउट में गोल करने से चूक गए थे। इसके बाद मोरक्को ने 3-2 से मुकाबला जीत लिया। निर्धारित और अतिरिक्त समय तक यह मुकाबला 1-1 की बराबरी पर रहा था। डच फुटबॉल संघ ने कहा कि हम इस घटना से बेहद स्तब्ध हैं और 'मेल्ड ऑनलाइन डिस्क्रिमिनेशन' में इसकी शिकायत दर्ज कराएंगे।
क्या नस्लीय टिप्पणियों पर होगी कानूनी कार्रवाई?
संघ ने कहा कि शिकायत दर्ज होने के बाद कानूनी टीम यह जांच करेगी कि संबंधित टिप्पणियां दंडनीय अपराध की श्रेणी में आती हैं या नहीं। इसके आधार पर लोक अभियोजन सेवा के पास औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, जिसके बाद आपराधिक जांच शुरू हो सकती है। केएनवीबी ने कहा कि फुटबॉल लाखों अलग-अलग लोगों को जोड़ता है, जबकि भेदभाव लोगों को बांटता है। इसलिए यह फुटबॉल की मूल भावना के पूरी तरह खिलाफ है।
मोरक्को ने रोमांचक जीत के साथ अंतिम-16 में बनाई जगह
राउंड ऑफ-32 के इस मुकाबले में मोरक्को ने पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से जीत दर्ज कर विश्व कप में अपना सफर जारी रखा। दोनों टीमों के बीच अतिरिक्त समय तक स्कोर 1-1 से बराबर रहा था। अब मोरक्को का सामना शनिवार को एनआरजी स्टेडियम में राउंड ऑफ-16 के मुकाबले में कनाडा से होगा।
विश्व कप से बाहर होते ही इक्वाडोर के कोच ने पद छोड़ने का फैसला किया
फीफा विश्व कप से बाहर होने के बाद इक्वाडोर के मुख्य कोच सेबास्टियन बेक्कासेसे ने अपने पद से हटने का एलान कर दिया। 45 वर्षीय अर्जेंटीनी कोच ने मेजबान मेक्सिको के खिलाफ 2-0 की हार के बाद इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि मेरा अनुबंध विश्व कप के साथ ही समाप्त होना था। हमारे लिए यह सफर यहीं खत्म हो गया है। मैं खिलाड़ियों का प्यार, सम्मान, समर्पण और प्रशंसा अपने साथ लेकर जा रहा हूं।
दो साल के कार्यकाल में बेक्कासेसे ने इक्वाडोर को नई पहचान दिलाई?
सेबास्टियन बेक्कासेसे दो वर्षों तक इक्वाडोर के कोच रहे। उनके नेतृत्व में टीम ने अपने पांचवें विश्व कप में दूसरी बार नॉकआउट चरण में जगह बनाई। ग्रुप चरण में चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी को हराकर टीम ने यादगार जीत दर्ज की थी। उस मुकाबले के बाद बेक्कासेसे मैदान से दर्शक दीर्घा में पहुंचे और अपनी पत्नी व परिवार के अन्य सदस्यों को गले लगाया। इस दौरान हजारों प्रशंसकों ने उनका उत्साह बढ़ाया।
मेक्सिको के खिलाफ हार के साथ खत्म हुआ इक्वाडोर का अभियान
बेक्कासेसे ने कहा कि जब हमने यह सफर शुरू किया था, तब किसी को ज्यादा उम्मीद नहीं थी कि हम यहां तक पहुंचेंगे। लेकिन हमने उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया। हालांकि हम उस उपलब्धि को आगे नहीं बढ़ा सके। मेक्सिको के लिए पहले हाफ में जूलियन क्विनोनेस और राउल जिमेनेज ने गोल किए, जिसके बाद इक्वाडोर का विश्व कप अभियान समाप्त हो गया। उन्होंने कहा कि हमने सम्मान, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ एक खूबसूरत विरासत बनाई है। अब कोचिंग स्टाफ को आगे अलग रास्ता चुनना होगा।